4 अगस्त 2026
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आईआईएमयूएन के ऋषभ शाह: 30,000 छात्रों को भारतीय दृष्टिकोण और वैश्विक नेतृत्व से जोड़ने का संकल्प

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आईआईएमयूएन के ऋषभ शाह: 30,000 छात्रों को भारतीय दृष्टिकोण और वैश्विक नेतृत्व से जोड़ने का संकल्प

सारांश

आईआईएमयूएन के संस्थापक ऋषभ शाह का दावा है कि 15 वर्षों में 30,000 छात्र सीधे जुड़े और 7 करोड़ से अधिक लोगों तक प्रभाव पहुँचा। 6-9 अगस्त को 118 शहरों और 15 देशों में फैले इस अभियान का सबसे बड़ा आयोजन होगा, जिसमें 2,000 छात्र वैश्विक मंच पर भारतीय दृष्टिकोण रखेंगे।

मुख्य बातें

आईआईएमयूएन के संस्थापक ऋषभ शाह ने 4 अगस्त 2026 को मुंबई में संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी।
अब तक करीब 30,000 छात्र संगठन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ चुके हैं; अनुमानित प्रभाव 7 से 7.5 करोड़ लोगों तक।
पिछले एक वर्ष में 118 शहरों और 15 देशों में कार्यक्रम आयोजित।
6 से 9 अगस्त के बीच सत्र का सबसे बड़ा आयोजन, करीब 2,000 छात्रों की भागीदारी संभावित।
संगठन वर्ष 2011 से सक्रिय; 15 से 24 वर्ष के युवा स्वयं कार्यक्रमों का संचालन करते हैं।

आईआईएमयूएन के संस्थापक एवं अध्यक्ष ऋषभ शाह ने 4 अगस्त 2026 को मुंबई में बताया कि उनका संगठन 11 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को भारतीय लोकतांत्रिक मूल्यों और वैश्विक सोच से जोड़ने के लिए पिछले 15 वर्षों से निरंतर कार्यरत है। शाह के अनुसार, अब तक करीब 30,000 छात्र संगठन के साथ प्रत्यक्ष रूप से जुड़ चुके हैं और संगठन की गतिविधियों का प्रभाव अनुमानतः 7 से 7.5 करोड़ लोगों तक पहुँचा है।

संगठन का मूल उद्देश्य

शाह ने स्पष्ट किया कि आईआईएमयूएन का केंद्रीय लक्ष्य युवाओं को यह समझाना है कि 'भारत' का अर्थ क्या है और भारतीय दृष्टिकोण से विश्व को एकजुट करने की परिकल्पना कैसी दिखती है। उनके अनुसार, 15 से 24 वर्ष आयु के युवा स्वयं इन कार्यक्रमों का संचालन करते हैं और 24 वर्ष की आयु के बाद अपने-अपने करियर की राह पकड़ते हैं। इनमें से कई राजनीति, फिल्म, उद्योग और सामाजिक कार्य जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय पहचान बना रहे हैं।

विस्तार और पहुँच

शाह ने बताया कि पिछले एक वर्ष में आईआईएमयूएन ने 118 शहरों और 15 देशों में कार्यक्रम आयोजित किए। संगठन का वार्षिक सत्र अगस्त से अगले वर्ष अगस्त तक चलता है। किसी भी नए शहर में कार्यक्रम से पहले स्थानीय टीम वहाँ पहुँचकर तैयारी करती है और अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करती है। यह ढाँचा संगठन को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाता है।

आगामी प्रमुख कार्यक्रम

शाह के अनुसार, 6 से 9 अगस्त के बीच इस सत्र का सबसे बड़ा और अंतिम आयोजन होगा, जिसमें करीब 2,000 छात्रों के भाग लेने की संभावना है। कई देशों से भी प्रतिभागी इसमें शामिल होंगे। यह आयोजन वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श, नेतृत्व कौशल और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर केंद्रित रहेगा।

युवाओं पर दीर्घकालिक प्रभाव

शाह का मानना है कि कम उम्र में नेतृत्व का अनुभव युवाओं को भविष्य में जिम्मेदार नागरिक और प्रभावी निर्णयकर्ता बनने में सहायता करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 7 से 7.5 करोड़ के प्रभाव का आँकड़ा अनुमानित है और वास्तविक मूल्यांकन कार्यक्रमों से जुड़े लोगों से सीधी बातचीत के आधार पर ही संभव है। वर्ष 2011 से चले आ रहे इस अभियान ने स्कूलों और कॉलेजों को अपनी पहुँच का मुख्य माध्यम बनाया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्वतंत्र सत्यापन की माँग करते हैं। 15 वर्षों के संचालन के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि संगठन से निकले युवाओं का नीति-निर्माण या सार्वजनिक जीवन में मापनीय योगदान क्या रहा है। 'भारतीय दृष्टिकोण से दुनिया को जोड़ना' एक प्रेरक विचार है, पर इसकी ठोस परिभाषा और क्रियान्वयन की पारदर्शिता ही इस अभियान को दीर्घकालिक विश्वसनीयता देगी।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआईएमयूएन क्या है और इसकी स्थापना कब हुई?
आईआईएमयूएन (IIMUN) एक युवा नेतृत्व संगठन है जो 2011 से कार्यरत है। इसकी स्थापना ऋषभ शाह ने की थी और यह 11 से 19 वर्ष आयु के छात्रों को भारतीय मूल्यों और वैश्विक सोच से जोड़ने के उद्देश्य से काम करता है।
आईआईएमयूएन से अब तक कितने छात्र जुड़े हैं?
संस्थापक ऋषभ शाह के अनुसार, अब तक करीब 30,000 छात्र संगठन के साथ प्रत्यक्ष रूप से जुड़ चुके हैं। संगठन की गतिविधियों का अनुमानित प्रभाव 7 से 7.5 करोड़ लोगों तक बताया गया है, हालाँकि शाह ने स्वयं स्पष्ट किया कि यह अनुमानित आँकड़ा है।
आईआईएमयूएन का अगला बड़ा कार्यक्रम कब और कहाँ होगा?
6 से 9 अगस्त 2026 के बीच इस वार्षिक सत्र का सबसे बड़ा आयोजन होगा, जिसमें करीब 2,000 छात्रों के भाग लेने की संभावना है। कई देशों से भी प्रतिभागी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
आईआईएमयूएन की गतिविधियाँ किन देशों और शहरों में होती हैं?
पिछले एक वर्ष में आईआईएमयूएन ने 118 शहरों और 15 देशों में कार्यक्रम आयोजित किए हैं। संगठन का वार्षिक सत्र अगस्त से अगले वर्ष अगस्त तक चलता है और स्थानीय टीमें हर शहर में पहले से तैयारी करती हैं।
आईआईएमयूएन में युवा क्या सीखते हैं?
संगठन युवाओं को नेतृत्व, संवाद कौशल और सामाजिक जिम्मेदारी के लिए तैयार करता है। 15 से 24 वर्ष के युवा स्वयं कार्यक्रमों का संचालन करते हैं, जिससे उन्हें व्यावहारिक नेतृत्व का अनुभव मिलता है और वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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