IIT-बॉम्बे में सीलिंग फैन की जगह वॉल माउंटेड फैन लगेंगे, साहिल वाकोडे मौत मामले में NCP (SP) ने उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
आईआईटी-बॉम्बे के पवई कैंपस के कुछ हिस्सों में सीलिंग फैन हटाकर वॉल-माउंटेड फैन लगाए जाएंगे — यह कदम 22 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की दुखद मौत के कुछ ही दिनों बाद उठाया जा रहा है, जिसके बाद संस्थागत जवाबदेही और छात्र कल्याण को लेकर सवालों का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार, पंखों की पहली खेप कैंपस पहुँच चुकी है और जल्द ही इंस्टॉलेशन का काम शुरू होने की उम्मीद है।
घटनाक्रम की पृष्ठभूमि
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले और आईआईटी-बॉम्बे के ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे (22) को शुक्रवार शाम उनके हॉस्टल कमरे में छत के पंखे से लटका हुआ पाया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना उनके मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन से चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई।
गौरतलब है कि वाकोडे के पिता रवींद्र वाकोडे ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे का मज़ाक उड़ाया गया, उसे परेशान किया गया और जाति के आधार पर भेदभाव किया गया। उन्होंने मौत की परिस्थितियों और संस्थान प्रशासन की भूमिका की स्वतंत्र जाँच की माँग की है।
पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक बदलाव
परिवार की शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जाँच जारी है।
कैंपस में हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद सोमवार को आईआईटी-बॉम्बे ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को प्रशासनिक मामलों के डीन पद से हटा दिया। हालाँकि, वे संस्थान की फैकल्टी के सदस्य बने हुए हैं।
पंखा बदलाव पर विवाद
सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सीलिंग फैन बदलने पर करीब दो महीने से विचार-विमर्श चल रहा था और इस प्रस्ताव को हाल ही में मंजूरी मिली। संस्थान प्रशासन इसे जारी नवीनीकरण कार्य का हिस्सा बता रहा है। छात्रों ने भी पुष्टि की है कि नए पंखे कैंपस में आ चुके हैं। हालाँकि, आईआईटी-बॉम्बे प्रशासन ने इस प्रतिस्थापन योजना पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
NCP (SP) की आलोचना
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अनीश गवांडे ने इस कदम की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि क्या पंखों का प्रकार बदलने से शैक्षणिक संस्थानों में छात्र आत्महत्या की गहरी समस्या का समाधान हो सकता है। उन्होंने आत्महत्या रोकथाम के प्रभावी उपायों और छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता पर अधिक ध्यान देने की माँग की।
गवांडे ने कहा, 'क्या आईआईटी-बॉम्बे सच में सोचता है कि सीलिंग फैन को वॉल फैन से बदलने से देशभर के आईआईटी पर असर डालने वाली आत्महत्या की समस्या हल हो जाएगी।'
आगे क्या होगा
वाकोडे की मौत के बाद कैंपस में छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने संस्थागत जवाबदेही और छात्र कल्याण को लेकर प्रदर्शन किए। विशेषज्ञों और विरोधियों का मानना है कि इस मामले में ढाँचागत बदलाव के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना और जाति-आधारित भेदभाव की शिकायतों का त्वरित निवारण करना आवश्यक है। मुंबई पुलिस की जाँच और परिवार की न्याय की माँग के बीच यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक ध्यान आकर्षित कर सकता है।