जीतू पटवारी का 'युवा स्वाभिमान साइक्लोथॉन': इंदौर से भोपाल तक NEET पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस का युवा मार्च
सारांश
मुख्य बातें
मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में 15 जुलाई 2026 को इंदौर से भोपाल तक 'जेन जी युवा स्वाभिमान साइक्लोथॉन' का आयोजन किया जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर शुरू हुए 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत निकाली जा रही यह साइक्लोथॉन यात्रा NEET और पेपर लीक मामलों में जवाबदेही की माँग को लेकर युवाओं की आवाज़ बनी है।
यात्रा का क्रम और पड़ाव
यह यात्रा इंदौर से शुरू होकर भोपाल में समाप्त होगी। बुधवार को यात्रा का दूसरा दिन है। पहले दिन का पड़ाव आष्टा रहा। समापन समारोह भोपाल में आयोजित किया जाएगा, जहाँ युवाओं की माँगें औपचारिक रूप से रखी जाएंगी।
कांग्रेस की प्रमुख माँगें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) इस अभियान के ज़रिए केंद्र सरकार पर कई मोर्चों पर दबाव बना रही है। पार्टी की माँगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NEET एवं तमाम पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जाँच और पेपर लीक माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई शामिल है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
पटवारी का संदेश: निराशा से उम्मीद तक
प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस यात्रा को महज़ एक राजनीतिक आयोजन से परे बताया। उन्होंने कहा, 'हर पीढ़ी के हिस्से में एक ऐसा समय आता है, जब उसे यह तय करना होता है कि वह सिर्फ़ इतिहास पढ़ेगी या इतिहास रचेगी।' पटवारी के अनुसार यह यात्रा 'निराशा से उम्मीद तक, संघर्ष से सम्मान तक और सपनों से संकल्प की यात्रा है।'
युवाओं पर असर और व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि NEET पेपर लीक विवाद ने लाखों छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान लगाया है। पटवारी ने कहा कि इस यात्रा का मकसद है कि 'हर युवा महसूस करे कि उसकी आवाज़ भी मायने रखती है, उसके सपनों की भी कीमत है और उसके भविष्य पर पहला अधिकार भी उसी का है।' यह अभियान मध्यप्रदेश में युवा मतदाताओं को लामबंद करने की व्यापक कांग्रेस रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
साइक्लोथॉन का समापन भोपाल में होगा, जहाँ युवाओं की माँगों को लेकर एक बड़ी रैली की संभावना है। कांग्रेस के इस अभियान पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि केंद्र सरकार इन माँगों पर क्या रुख अपनाती है।