13 जुलाई 2026
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इनेलो का केंद्र को अल्टीमेटम: 31 मई तक ईंधन कीमतें कम करो, वरना 1 जून से हरियाणा में बड़ा प्रदर्शन

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इनेलो का केंद्र को अल्टीमेटम: 31 मई तक ईंधन कीमतें कम करो, वरना 1 जून से हरियाणा में बड़ा प्रदर्शन

सारांश

इनेलो ने केंद्र सरकार को 31 मई तक पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर सस्ते करने का अल्टीमेटम दिया है। समयसीमा न मानी गई तो 1 जून से हरियाणा के हर ज़िले में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होंगे — यह ईंधन महंगाई के खिलाफ बढ़ते राजनीतिक दबाव का संकेत है।

मुख्य बातें

इनेलो नेता संपत सिंह ने 28 मई 2025 को केंद्र सरकार को 31 मई तक ईंधन कीमतें घटाने का अल्टीमेटम दिया।
समयसीमा न मानने पर 1 जून 2025 से हरियाणा के हर ज़िले में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी।
पेट्रोल-डीजल के साथ घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतें भी विरोध के केंद्र में।
संपत सिंह के अनुसार किसान, मज़दूर, व्यापारी और नौकरीपेशा — सभी वर्ग महंगाई से प्रभावित।
इनेलो का आरोप — अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कमी का फायदा जनता तक नहीं, लेकिन बढ़ोतरी का बोझ जनता पर।

इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के वरिष्ठ नेता संपत सिंह ने 28 मई 2025 को केंद्र सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 31 मई तक पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती नहीं की गई, तो 1 जून से पूरे हरियाणा में जिलेवार बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू होंगे। यह अल्टीमेटम ऐसे समय में आया है जब महंगाई का बोझ आम उपभोक्ताओं पर लगातार बढ़ रहा है।

मुख्य मांग और अल्टीमेटम

संपत सिंह ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि केंद्र सरकार को तत्काल पेट्रोल-डीजल और घरेलू-कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम वापस लेने होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मई की समयसीमा के बाद इनेलो के कार्यकर्ता हर ज़िले में सड़कों पर उतरेंगे और जबरदस्त विरोध दर्ज कराएंगे।

आम जनता पर असर

संपत सिंह के अनुसार, बढ़ती ईंधन कीमतों की मार सबसे अधिक छोटे और मध्यम वर्ग पर पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी से होटल व्यवसायी, छोटे व्यापारी और आम उपभोक्ता सभी प्रभावित हो रहे हैं। उनके मुताबिक, यह केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि सीधे हर घर के बजट को प्रभावित करने वाला मामला है।

सरकार पर आरोप

इनेलो नेता ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले राहत के वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद कीमतें बढ़ा दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और तेल कंपनियाँ मिलकर ईंधन की कीमतों से मुनाफा कमा रही हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में गिरावट का लाभ जनता तक नहीं पहुँचाया जाता — केवल बढ़ोतरी का बोझ ही उठाना पड़ता है।

किसान, मज़दूर, व्यापारी — सभी प्रभावित

संपत सिंह ने कहा कि देश में किसान, मज़दूर, व्यापारी और नौकरीपेशा — हर वर्ग महंगाई की चपेट में है। उनका तर्क है कि ईंधन की ऊँची कीमतें परिवहन लागत बढ़ाती हैं, जिसका असर खाद्य पदार्थों और दैनिक ज़रूरतों की कीमतों पर भी पड़ता है।

आगे क्या होगा

यदि केंद्र सरकार 31 मई तक कोई राहत नहीं देती, तो इनेलो 1 जून 2025 से हरियाणा के प्रत्येक ज़िले में संगठित विरोध प्रदर्शन करेगी। पार्टी का दावा है कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम नागरिक इस आंदोलन में शामिल होंगे। यह देखना होगा कि सरकार इस राजनीतिक दबाव पर कोई प्रतिक्रिया देती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह राजनीतिक चक्र बार-बार दोहराता रहेगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इनेलो ने केंद्र सरकार को क्या अल्टीमेटम दिया है?
इनेलो नेता संपत सिंह ने 31 मई 2025 तक पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर की कीमतें कम करने की माँग की है। यदि सरकार ने यह माँग नहीं मानी, तो 1 जून से हरियाणा के हर ज़िले में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
इनेलो के विरोध प्रदर्शन कहाँ और कब होंगे?
1 जून 2025 से हरियाणा के प्रत्येक ज़िले में इनेलो के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे। पार्टी का दावा है कि बड़ी संख्या में आम नागरिक भी इस विरोध में शामिल होंगे।
गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों से कौन प्रभावित हो रहा है?
संपत सिंह के अनुसार, घरेलू और कॉमर्शियल दोनों गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों से होटल व्यवसायी, छोटे व्यापारी और आम उपभोक्ता सभी प्रभावित हैं। इसका सबसे अधिक असर छोटे और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है।
इनेलो का केंद्र सरकार पर क्या आरोप है?
इनेलो का आरोप है कि सरकार और तेल कंपनियाँ मिलकर ईंधन की कीमतों से मुनाफा कमा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कमी का लाभ जनता तक नहीं पहुँचाया जाता, जबकि बढ़ोतरी का बोझ सीधे आम उपभोक्ताओं पर डाला जाता है।
इनेलो कौन-सी पार्टी है और हरियाणा में उसकी क्या स्थिति है?
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) हरियाणा की एक प्रमुख क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी है। यह पार्टी किसानों, मज़दूरों और ग्रामीण वर्ग के मुद्दों पर सक्रिय रहती है और राज्य में केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में समय-समय पर आंदोलन करती है।
राष्ट्र प्रेस
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