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अंतरराष्ट्रीय पुलिस एक्सपो 2026: भारत मंडपम में 25 देशों के प्रतिनिधि, AI और स्वदेशी रक्षा तकनीकों का प्रदर्शन

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अंतरराष्ट्रीय पुलिस एक्सपो 2026: भारत मंडपम में 25 देशों के प्रतिनिधि, AI और स्वदेशी रक्षा तकनीकों का प्रदर्शन

सारांश

एशिया के सबसे बड़े आंतरिक सुरक्षा मंच पर इस बार दाँव बड़ा है — 25 देश, 10,000 से अधिक विशेषज्ञ और AI से लेकर RF जैमिंग तक की स्वदेशी तकनीकें। ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड रक्षा निर्यात की पृष्ठभूमि में यह एक्सपो भारत की 'आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति' की वैश्विक छवि को और पुख़्ता करने का मंच बन सकता है।

मुख्य बातें

अंतरराष्ट्रीय पुलिस एक्सपो 2026 का आयोजन 24-25 जून को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा।
25 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और 10,000 से अधिक विशेषज्ञ व सुरक्षा अधिकारी शामिल होंगे।
AI, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, साइबर सुरक्षा और स्वदेशी RF जैमिंग समाधानों का प्रदर्शन होगा।
ईसीआईएल वाहन-आधारित और मोबाइल जैमर, एवीएनएल लाइट आर्मर्ड व्हीकल LAMV पेश करेगी।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड ₹38,424 करोड़ रहा — पिछले वर्ष से 62.66% अधिक।
यह आयोजन 10वें इंडिया होमलैंड सिक्योरिटी एक्सपो और 7वें ड्रोन इंटरनेशनल एक्सपो के साथ संयुक्त रूप से होगा।

अंतरराष्ट्रीय पुलिस एक्सपो 2026 का आयोजन 24-25 जून को नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जाएगा, जिसमें 25 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, सुरक्षा एजेंसियाँ, नीति-निर्माता, रक्षा विशेषज्ञ और तकनीकी कंपनियाँ भाग लेंगी। एशिया के सबसे बड़े आंतरिक सुरक्षा मंच के रूप में पहचाने जाने वाले इस एक्सपो में 10,000 से अधिक विशेषज्ञ और सुरक्षा अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है।

मुख्य घटनाक्रम

इस वर्ष का आयोजन 10वें इंडिया होमलैंड सिक्योरिटी एक्सपो और 7वें ड्रोन इंटरनेशनल एक्सपो के साथ संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। वर्ष 2025 में इन आयोजनों में 20 देशों की 300 से अधिक कंपनियों और 10,000 से ज़्यादा आगंतुकों ने भाग लिया था। वर्ष 2026 में इससे भी अधिक भागीदारी की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रदर्शित होने वाली तकनीकें

एक्सपो में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, स्वायत्त प्रणालियाँ, भविष्य की ड्रोन तकनीक, साइबर सुरक्षा तथा स्वदेशी रक्षा समाधानों का व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन सार्वजनिक उपक्रम ईसीआईएल (ECIL) अपने स्वदेशी आरएफ जैमिंग समाधान प्रदर्शित करेगा, जिनमें वाहन-आधारित, काफिला सुरक्षा और मोबाइल फोन जैमर शामिल हैं। ये प्रणालियाँ एचएफ, वीएचएफ, यूएचएफ, 2जी से 5जी मोबाइल नेटवर्क, वाई-फाई, ब्लूटूथ तथा ड्रोन आवृत्तियों को बाधित करने में सक्षम बताई गई हैं।

इसके अतिरिक्त, रक्षा एजेंसियों के लिए एयर-गैप्ड सॉवरेन एजेंटिक AI इन ए बॉक्स, रक्षा खुफिया फ्यूजन सेंटर, AI-आधारित भविष्यवाणी पुलिसिंग, डिजिटल फोरेंसिक तथा ऑफलाइन बड़े भाषा मॉडल जैसे अत्याधुनिक समाधान भी पेश किए जाएँगे।

स्वदेशी हथियार और वाहन

व्हीकल फैक्टरी जबलपुर (एवीएनएल) अपना लाइट आर्मर्ड मल्टी-पर्पस व्हीकल (LAMV) प्रदर्शित करेगी, जिसे सैनिकों के परिवहन, टोही अभियानों और शहरी युद्ध के लिए विकसित किया गया है। नवीनतम पिस्टल, मशीनगन और कार्बाइन भी प्रदर्शित की जाएँगी, जिन्हें भारतीय सशस्त्र बलों और पुलिस बलों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। मोबाइल फोरेंसिक प्रयोगशाला पैलाडिन और AI-संचालित ड्रोन रोधी प्रणाली भी इस एक्सपो में पेश की जाएगी।

रक्षा निर्यात में भारत की छलाँग

गौरतलब है कि भारत रक्षा विनिर्माण और निर्यात के क्षेत्र में तेज़ी से वैश्विक शक्ति बनकर उभर रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड ₹38,424 करोड़ तक पहुँच गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के ₹23,622 करोड़ की तुलना में 62.66 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह उपलब्धि भारतीय स्वदेशी रक्षा तकनीकों की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता का प्रमाण है।

आगे की राह

यह एक्सपो ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब भारत वैश्विक सुरक्षा बाज़ार में अपनी पहचान मज़बूत कर रहा है। इस मंच से न केवल स्वदेशी तकनीकों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद है, बल्कि रक्षा क्षेत्र में नई साझेदारियों और निर्यात के अवसर भी खुल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

424 करोड़ का रक्षा निर्यात आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि एक्सपो में प्रदर्शित स्वदेशी तकनीकें वास्तविक वैश्विक अनुबंधों में कितनी तब्दील होती हैं। भारत का रक्षा निर्यात अभी भी मुख्यतः पुर्जों और घटकों पर केंद्रित है, न कि पूर्ण प्रणालियों पर — और यही वह खाई है जिसे LAMV और AI-आधारित समाधान जैसी पहलें पाटने की कोशिश कर रही हैं। इस एक्सपो की सार्थकता इसी में है कि यह 'मेड इन इंडिया' को 'बॉट बाय द वर्ल्ड' में बदलने की दिशा में कितना ठोस ज़मीन तैयार करता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतरराष्ट्रीय पुलिस एक्सपो 2026 कब और कहाँ होगा?
अंतरराष्ट्रीय पुलिस एक्सपो 2026 का आयोजन 24-25 जून को नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जाएगा। यह एशिया का सबसे बड़ा आंतरिक सुरक्षा मंच माना जाता है।
इस एक्सपो में कौन-कौन भाग लेगा?
25 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, सुरक्षा एजेंसियाँ, नीति-निर्माता, रक्षा विशेषज्ञ और तकनीकी कंपनियाँ इस एक्सपो में शामिल होंगी। कुल 10,000 से अधिक विशेषज्ञ और सुरक्षा अधिकारियों के भाग लेने की उम्मीद है।
एक्सपो में कौन-सी स्वदेशी तकनीकें प्रदर्शित होंगी?
एक्सपो में AI, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, साइबर सुरक्षा, RF जैमिंग समाधान, लाइट आर्मर्ड व्हीकल LAMV, मोबाइल फोरेंसिक लैब पैलाडिन और AI-संचालित ड्रोन रोधी प्रणाली प्रदर्शित की जाएँगी। ईसीआईएल अपने वाहन-आधारित और मोबाइल जैमर भी पेश करेगा।
भारत का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में कितना रहा?
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड ₹38,424 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के ₹23,622 करोड़ की तुलना में 62.66 प्रतिशत अधिक है। रक्षा मंत्रालय ने इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता बताया है।
यह एक्सपो और किन आयोजनों के साथ होगा?
अंतरराष्ट्रीय पुलिस एक्सपो 2026 को 10वें इंडिया होमलैंड सिक्योरिटी एक्सपो और 7वें ड्रोन इंटरनेशनल एक्सपो के साथ संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। वर्ष 2025 में इन आयोजनों में 20 देशों की 300 से अधिक कंपनियाँ शामिल हुई थीं।
राष्ट्र प्रेस
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