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शहबाज शरीफ के ईरान-समर्थक बयान पर अमेरिकी सीनेटर रिक स्कॉट का कड़ा जवाब: 'लादेन को पनाह देने वालों पर नज़र है'

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शहबाज शरीफ के ईरान-समर्थक बयान पर अमेरिकी सीनेटर रिक स्कॉट का कड़ा जवाब: 'लादेन को पनाह देने वालों पर नज़र है'

सारांश

शहबाज शरीफ का खामेनेई को 'महान विद्वान' बताना और ईरान को 'भाई देश' कहना वाशिंगटन में महँगा पड़ा — सीनेटर रिक स्कॉट ने एक्स पर लादेन प्रकरण याद दिलाते हुए पाकिस्तान को सीधी चेतावनी दी। यह अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में बढ़ते अविश्वास का नया संकेत है।

मुख्य बातें

शहबाज शरीफ ने दिवंगत ईरानी सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई को 'महान विद्वान' बताया और ईरान को पाकिस्तान का 'भाई देश' कहा।
अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने 7 जुलाई को एक्स पर पाकिस्तान को सीधी चेतावनी दी।
स्कॉट ने पाकिस्तान को ओसामा बिन लादेन को पनाह देने वाला देश बताते हुए कहा कि वह मध्यस्थता के योग्य नहीं।
सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी मई में एक्स पर पाकिस्तान को 'अविश्वसनीय मध्यस्थ' करार दिया था।
यह विवाद मध्य-पूर्व में पाकिस्तान की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता के बीच अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों पर नया दबाव बना सकता है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई को 'महान विद्वान' बताने और तेहरान को 'भाई देश' कहने पर अमेरिकी सीनेटर रिक स्कॉट ने 7 जुलाई को कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। फ्लोरिडा के रिपब्लिकन सीनेटर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पाकिस्तान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि दुनिया इस्लामाबाद की 'असली पहचान' नहीं भूली है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब मध्य-पूर्व में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर वाशिंगटन में पहले से ही गहरी बेचैनी है।

शरीफ का वायरल बयान और विवाद की जड़

मेमरी टीवी द्वारा साझा किए गए एक वायरल वीडियो में शहबाज शरीफ खामेनेई की प्रशंसा करते नज़र आए। उन्होंने कहा, 'वह एक महान विद्वान और नेता थे, जिन्होंने मजबूती, हिम्मत, सब्र और दूरदर्शिता दिखाई और पूरी लगन तथा अटूट निष्ठा के साथ ईरान की सेवा की। दुनिया भर के लाखों मुसलमान उन्हें याद रखेंगे।' शरीफ ने आगे कहा, 'पाकिस्तान और ईरान भाई जैसे देश हैं और हमारे दिल एक साथ धड़कते हैं। हम साथ खड़े रहेंगे और हर हालात में साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे।' इस बयान के सामने आते ही अमेरिका में तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई।

सीनेटर स्कॉट की चेतावनी

सीनेटर रिक स्कॉट ने शरीफ के वीडियो को एक्स पर साझा करते हुए लिखा, 'दुनिया को पाकिस्तान की असली पहचान नहीं भूलनी चाहिए। पाकिस्तान वही देश है जहाँ अल-कायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन कई सालों तक छिपकर रहा। यही वह देश है जिसने ईशनिंदा के आरोप में ईसाइयों की हत्या की।' उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस्लामाबाद संभल जाए क्योंकि अमेरिका उस पर करीब से नज़र बनाए हुए है। स्कॉट ने यह भी कहा कि पाकिस्तान किसी भी मध्यस्थता की भूमिका के योग्य नहीं है।

यह पहली बार नहीं

गौरतलब है कि यह पहला अवसर नहीं है जब अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हों। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी मई में एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था कि पाकिस्तान एक भरोसेमंद मध्यस्थ नहीं है। कांग्रेस की सुनवाइयों में भी यही सुर दोहराया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में बदलते समीकरणों के बीच पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता अमेरिकी नीति-निर्माताओं की निगाह में है।

पाकिस्तान-ईरान संबंधों की पृष्ठभूमि

पाकिस्तान और ईरान के बीच संबंध ऐतिहासिक रूप से उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं। जनवरी 2024 में दोनों देशों ने एक-दूसरे के क्षेत्र में सैन्य कार्रवाइयाँ की थीं, जिससे तनाव चरम पर पहुँच गया था। इस पृष्ठभूमि में शरीफ का भावनात्मक समर्थन-भरा बयान न केवल कूटनीतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, बल्कि वाशिंगटन में पाकिस्तान की छवि को लेकर नई बहस छेड़ता है।

आगे क्या

अमेरिकी सांसदों की यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों पर दीर्घकालिक असर डाल सकती है, विशेषकर तब जब इस्लामाबाद खुद को क्षेत्रीय मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। राजनयिक विश्लेषकों के अनुसार, इस विवाद से पाकिस्तान को अमेरिकी कांग्रेस में पहले से कमज़ोर हो रही अपनी साख को और नुकसान उठाना पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अफगान तालिबान से सम्बन्धों और एफएटीएफ की ग्रे-लिस्टिंग के कारण कमज़ोर है। ऐसे में खामेनेई की सार्वजनिक प्रशंसा अमेरिकी कांग्रेस में पाकिस्तान-विरोधी धड़े को और हथियार देती है। मुख्यधारा की कवरेज इस बयान को महज़ एक कूटनीतिक फिसलन बता रही है, लेकिन असल सवाल यह है कि क्या इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान — दोनों को एक साथ साधने की रणनीति में कहीं दोनों को ही खो तो नहीं रहा।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहबाज शरीफ ने ईरान के बारे में क्या कहा जिससे विवाद हुआ?
शहबाज शरीफ ने एक वायरल वीडियो में दिवंगत ईरानी सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई को 'महान विद्वान और नेता' बताया और कहा कि पाकिस्तान व ईरान 'भाई जैसे देश' हैं जो हर हाल में साथ खड़े रहेंगे। इस बयान को मेमरी टीवी ने साझा किया, जिसके बाद यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया।
अमेरिकी सीनेटर रिक स्कॉट ने पाकिस्तान को क्या चेतावनी दी?
सीनेटर रिक स्कॉट ने एक्स पर लिखा कि पाकिस्तान वही देश है जिसने ओसामा बिन लादेन को कई सालों तक पनाह दी और जहाँ ईशनिंदा के आरोप में ईसाइयों की हत्या हुई। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद संभल जाए क्योंकि अमेरिका उस पर करीब से नज़र रख रहा है और पाकिस्तान मध्यस्थता के योग्य नहीं है।
क्या अन्य अमेरिकी सांसदों ने भी पाकिस्तान की आलोचना की है?
हाँ, सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने मई में एक्स पर पोस्ट करते हुए पाकिस्तान को 'भरोसेमंद मध्यस्थ नहीं' बताया था। इसके अलावा कांग्रेस की सुनवाइयों में भी मध्य-पूर्व में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर चिंताएँ जताई गई हैं।
पाकिस्तान और ईरान के संबंध कैसे रहे हैं?
पाकिस्तान-ईरान संबंध ऐतिहासिक रूप से जटिल रहे हैं। जनवरी 2024 में दोनों देशों ने एक-दूसरे के क्षेत्र में सैन्य कार्रवाइयाँ की थीं, जिससे तनाव चरम पर पहुँचा था। इस पृष्ठभूमि में शरीफ का भावनात्मक समर्थन-भरा बयान कूटनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय माना जा रहा है।
इस विवाद का पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों पर क्या असर हो सकता है?
राजनयिक विश्लेषकों के अनुसार, इस विवाद से अमेरिकी कांग्रेस में पाकिस्तान की पहले से कमज़ोर हो रही साख को और नुकसान पहुँच सकता है। खासकर तब जब इस्लामाबाद खुद को क्षेत्रीय मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, अमेरिकी सांसदों की यह प्रतिक्रिया उस रणनीति को चुनौती देती है।
राष्ट्र प्रेस
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