10 अगस्त 2026
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ईरान वार्ता में कतर-पाकिस्तान की भूमिका पर अमेरिकी सीनेटरों ने उठाए सवाल, आतंकवाद समर्थन का आरोप

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ईरान वार्ता में कतर-पाकिस्तान की भूमिका पर अमेरिकी सीनेटरों ने उठाए सवाल, आतंकवाद समर्थन का आरोप

सारांश

अमेरिकी सीनेटरों रिक स्कॉट और टिम शीही ने ईरान वार्ता में कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका को चुनौती दी है — आतंकवाद समर्थन के पुराने आरोपों का हवाला देते हुए। यह बहस स्विट्जरलैंड में हुई अमेरिका-ईरान बातचीत के ठीक बाद उठी है, जो किसी स्थायी शांति समझौते की दिशा में एक अहम मोड़ मानी जा रही है।

मुख्य बातें

फ्लोरिडा के सीनेटर रिक स्कॉट ने एक्स पर पोस्ट कर कतर और पाकिस्तान पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया।
मोंटाना के सीनेटर टिम शीही ने कहा कि पाकिस्तानी आईएसआई ने अमेरिका-विरोधी संगठनों की मदद की और ओसामा बिन लादेन को छिपाया।
शीही ने माँग की कि वार्ता की मेज पर यूएई , सऊदी अरब और इजरायल को भी शामिल किया जाए।
ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्विट्जरलैंड वार्ता में युद्धविराम समझौते के क्रियान्वयन पर चर्चा की पुष्टि की।
स्कॉट ने स्पष्ट किया कि किसी भी समझौते में ईरान के परमाणु हथियार बनाने की संभावना 'ज़ीरो' होनी चाहिए।

अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी के दो वरिष्ठ सीनेटरों ने 24 जून 2026 को ईरान के साथ चल रही युद्धविराम बातचीत में कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर कड़े सवाल उठाए हैं। दोनों सीनेटरों ने इन देशों पर आतंकवाद को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से समर्थन देने का आरोप लगाते हुए वार्ता प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह जताया है।

सीनेटर रिक स्कॉट के आरोप

फ्लोरिडा के रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 'अब तक सबको समझ आ जाना चाहिए कि हमारे असली दोस्त कौन हैं।' उन्होंने कहा कि कतर और पाकिस्तान का आतंकवादियों को पनाह देने का लंबा इतिहास रहा है और इस समय वे एक सही व स्थायी शांति हासिल करने से ज़्यादा ईरान के दशकों पुराने आतंकवादी अभियान को बढ़ावा देने में लगे दिख रहे हैं।

स्कॉट ने यह भी स्पष्ट किया कि एक ऐसे समझौते की अभी भी गुंजाइश है जिससे सभी पक्षों को फायदा हो, परंतु उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पूरी प्रक्रिया से ईरान के परमाणु हथियार बनाने की संभावना 'ज़ीरो' होनी चाहिए।

सीनेटर टिम शीही की आपत्तियाँ

मोंटाना के रिपब्लिकन सीनेटर टिम शीही ने एक टेलीविज़न कार्यक्रम में पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर आपत्ति जताते हुए याद दिलाया कि पाकिस्तान ने अल-कायदा के संस्थापक ओसामा बिन लादेन को अपनी सरज़मीन पर छिपाया था। उन्होंने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर अमेरिका-विरोधी विद्रोही संगठनों की मदद करने का भी आरोप लगाया।

शीही ने कतर पर आतंकवादी संगठनों के लिए वित्तीय लेन-देन में सहायता करने के दशकों पुराने आरोपों का हवाला दिया। उन्होंने कहा, 'कतर और पाकिस्तान की इसमें भूमिका हो सकती है, लेकिन अगर वे बातचीत की मेज पर होंगे, तो यूएई, सऊदी अरब और इजरायल को भी वहाँ होना चाहिए।' शीही ने यह भी कहा कि इन देशों को निष्पक्ष मध्यस्थ मान लेना तर्कसंगत नहीं लगता।

स्विट्जरलैंड वार्ता की पृष्ठभूमि

दोनों सीनेटरों के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब कतर और पाकिस्तान ने स्विट्जरलैंड में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। यह वार्ता ईरान के साथ युद्धविराम समझौते को लागू करने के तौर-तरीकों पर केंद्रित रही।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को बताया कि स्विट्जरलैंड में हुई हालिया बातचीत में समझौते को लागू करने के तरीकों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने तकनीकी और विशेषज्ञ स्तर की बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है ताकि युद्ध खत्म करने वाले समझौते को प्रभावी तरीके से अमल में लाया जा सके।

क्या होगा आगे

अमेरिकी सीनेट के भीतर उठती इन आवाज़ों से वार्ता प्रक्रिया पर राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी प्रशासन ईरान के साथ किसी स्थायी समझौते की दिशा में काम कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि मध्यस्थ देशों की विश्वसनीयता पर सवाल उठने से वार्ता की प्रभावशीलता कमज़ोर पड़ सकती है। आने वाले हफ्तों में अमेरिकी विदेश नीति की दिशा और ईरान वार्ता का अगला दौर इस बहस को और तेज़ कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी उनकी दोहरी भूमिका पर वाशिंगटन में बहस नई नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या इन सीनेटरों की आपत्तियाँ वार्ता प्रक्रिया को प्रभावित करने की क्षमता रखती हैं, या ये घरेलू राजनीतिक संदेश भर हैं जो ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते को कमज़ोर करने के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी सीनेटरों ने कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर सवाल क्यों उठाए?
सीनेटर रिक स्कॉट और टिम शीही का कहना है कि कतर और पाकिस्तान का आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने का इतिहास रहा है, इसलिए उन्हें निष्पक्ष मध्यस्थ नहीं माना जा सकता। शीही ने विशेष रूप से पाकिस्तान द्वारा ओसामा बिन लादेन को छिपाने और आईएसआई की गतिविधियों का हवाला दिया।
स्विट्जरलैंड में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता में क्या हुआ?
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई के अनुसार, स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत में युद्धविराम समझौते को लागू करने के तौर-तरीकों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने तकनीकी और विशेषज्ञ स्तर की बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई।
सीनेटर शीही ने वार्ता में किन देशों को शामिल करने की माँग की?
टिम शीही ने कहा कि यदि कतर और पाकिस्तान वार्ता की मेज पर हैं, तो यूएई, सऊदी अरब और इजरायल को भी उसमें शामिल किया जाना चाहिए। उनका तर्क था कि ये देश क्षेत्र में अमेरिका के अधिक विश्वसनीय सहयोगी हैं।
सीनेटर रिक स्कॉट ने ईरान परमाणु मुद्दे पर क्या कहा?
स्कॉट ने स्पष्ट किया कि एक लाभकारी समझौते की गुंजाइश अभी भी है, लेकिन इस पूरी वार्ता प्रक्रिया से ईरान के परमाणु हथियार बनाने की संभावना बिल्कुल शून्य होनी चाहिए। उन्होंने यह बात एक्स पर अपनी पोस्ट में कही।
इन बयानों का ईरान वार्ता पर क्या असर पड़ सकता है?
आलोचकों का कहना है कि अमेरिकी सीनेट के भीतर से उठती ये आवाज़ें वार्ता प्रक्रिया पर राजनीतिक दबाव बढ़ा सकती हैं और मध्यस्थ देशों की विश्वसनीयता को कमज़ोर कर सकती हैं। हालाँकि, अंतिम प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिकी प्रशासन इन आपत्तियों को किस हद तक स्वीकार करता है।
राष्ट्र प्रेस
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