स्यूटा प्रवासन संकट: इटली ने स्पेन से आने वालों पर एक महीने के लिए सख्त बॉर्डर जांच लागू की
सारांश
मुख्य बातें
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्पेन के स्यूटा शहर में उभरे अवैध प्रवासन संकट के बाद 2 अगस्त 2026 से स्पेन के साथ समुद्र और हवाई सीमाओं पर एक महीने के लिए पुनः बॉर्डर नियंत्रण लागू कर दिया है। हजारों प्रवासियों के स्पेनिश क्षेत्र में प्रवेश की खबरों के बाद इटली ने शेंगेन नियमों के अपवाद का उपयोग करते हुए यह कड़ा कदम उठाया, जिससे रोम और मैड्रिड के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।
स्यूटा संकट की पृष्ठभूमि
स्यूटा उत्तरी अफ्रीकी देश मोरक्को की सीमा पर स्थित एक स्पेनिश परिक्षेत्र है, जो यूरोप में प्रवेश के इच्छुक प्रवासियों के लिए एक प्रमुख मार्ग माना जाता है। इटली सरकार की चिंता यह है कि शेंगेन मुक्त-आवाजाही क्षेत्र के कारण स्पेन पहुँचे प्रवासी बाद में इटली, फ्रांस या जर्मनी जैसे अन्य यूरोपीय देशों में भी बिना रोकटोक पहुँच सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप भर में प्रवासन नीति पर राजनीतिक दबाव तेज़ हो रहा है।
इटली के बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर जांच
रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार सुबह से एयरपोर्ट पुलिस ने रोम फिउमिचिनो, मिलान मालपेंसा और मिलान लिनेट हवाई अड्डों पर यादृच्छिक (रैंडम) जांच शुरू कर दी। यूरोपीय संघ (EU) के नागरिकों के लिए पहचान-पत्र दिखाना पर्याप्त था, जबकि गैर-EU नागरिकों को वैध पहचान दस्तावेज़ के साथ-साथ वैलिड रेज़िडेंस परमिट या वीज़ा भी प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया। इटली से स्पेन जाने वाले यात्रियों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होता।
इटली के गृह मंत्री का बयान
इटली के गृह मंत्री माटेओ पियांटेडोसी ने इस कदम को 'जरूरी लेकिन एहतियाती' बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक महीने के लिए स्पेन के साथ समुद्र और हवाई सीमाओं पर सीमा नियंत्रण की पुनःस्थापना है, जिसका उद्देश्य शेंगेन क्षेत्र में गैर-EU नागरिकों की आवाजाही पर नज़र रखना है। गौरतलब है कि शेंगेन संधि के तहत कोई भी देश किसी अन्य देश को एकतरफा तौर पर मुक्त-आवाजाही क्षेत्र से निलंबित नहीं कर सकता — इटली ने इस नियम के अपवाद प्रावधान का उपयोग किया है।
स्पेन की प्रतिक्रिया और EU से अपील
इटली के इस फैसले पर स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को पत्र लिखकर ब्रसेल्स से हस्तक्षेप की माँग की। सांचेज़ ने यूरोपीय संघ से अनुरोध किया कि वह स्पेन का समर्थन करे और प्रवासन संकट से निपटने की साझा रणनीति पर EU सदस्य देशों को एकजुट करे।
आगे क्या होगा
यह विवाद यूरोपीय स्तर पर प्रवासन नीति की व्यापक बहस को फिर से केंद्र में ला रहा है। आलोचकों का कहना है कि एकतरफा बॉर्डर नियंत्रण शेंगेन की मूल भावना को कमज़ोर करता है। एक महीने की यह जांच-व्यवस्था कितनी प्रभावी होती है और क्या EU स्तर पर कोई ठोस समन्वित समाधान निकलता है, यह आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगा।