स्पेन-इटली सीमा विवाद: सेउटा प्रवासी संकट के बाद स्पेन ने इटली से आने वालों पर 7 सितंबर तक बॉर्डर चेकिंग लागू की
सारांश
मुख्य बातें
स्पेन ने 8 अगस्त 2026 को घोषणा की कि वह इटली से आने वाले यात्रियों पर अस्थायी आंतरिक सीमा जांच शनिवार से लागू करेगा, जो 7 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। यह कदम तब उठाया गया जब इटली ने 1 अगस्त को स्पेन से आने वाले यात्रियों पर बिना किसी पूर्व सूचना के एकतरफा सीमा नियंत्रण लागू कर दिया था। सेउटा में हाल ही में आए भारी प्रवासी दबाव के बाद यह द्विपक्षीय तनाव यूरोपीय संघ (EU) के शेंगेन ढाँचे के लिए एक गंभीर परीक्षा बन गया है।
मुख्य घटनाक्रम
स्पेन सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर पहचान पत्र और यात्रा दस्तावेजों की रैंडम जांच की जाएगी। ये उपाय 7 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगे, जब तक कि परिस्थितियों में कोई बदलाव न हो। स्पेन ने इटली के कदम को अनुचित, भेदभावपूर्ण और यूरोपीय संघ के हितों के विरुद्ध बताते हुए तत्काल वापसी की मांग की है।
इटली का पक्ष
शुक्रवार को इटली की सरकार ने स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन की चिंताओं का हवाला देते हुए कम से कम 15 अगस्त 2026 तक स्पेन से आने वाले तीसरे देश के नागरिकों पर अस्थायी जांच जारी रखेगी। रोम ने यह भी स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर किसी बाहरी दबाव या अल्टीमेटम को स्वीकार नहीं करता। उल्लेखनीय है कि ये नियंत्रण हवाई या समुद्री मार्ग से आने वाले स्पेनिश या अन्य EU नागरिकों पर लागू नहीं होते।
सेउटा संकट की पृष्ठभूमि
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने 31 जुलाई को सेउटा में प्रवासियों के बड़े पैमाने पर आने के बाद सीमा नियंत्रण उपायों की घोषणा की थी। जुलाई के अंत में लगभग 80,000 लोग इस स्पेनिश एन्क्लेव में पहुँचे, जिनमें से करीब 75,000 बाद में स्वेच्छा से वापस लौट गए। सेउटा के प्रेसिडेंट जुआन जीसस विवास ने गुरुवार को बताया कि अभी भी 3,000 से 5,000 प्रवासी एन्क्लेव में मौजूद हैं, जिससे रिसेप्शन केंद्र भर गए हैं और गंभीर मानवीय आपातकाल की स्थिति बन गई है।
यूरोपीय संघ पर असर
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब EU के सदस्य देशों के बीच शेंगेन एरिया में प्रवासियों की आवाजाही को लेकर तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। आलोचकों का कहना है कि एकतरफा सीमा नियंत्रण शेंगेन समझौते की मूल भावना को कमज़ोर करते हैं। यह ऐसी तीसरी बड़ी घटना है जब किसी EU सदस्य ने प्रवासी दबाव के कारण आंतरिक सीमा नियंत्रण बहाल किए हैं।
आगे क्या होगा
स्पेन ने इटली से उपाय तत्काल वापस लेने की माँग की है, जबकि इटली ने 15 अगस्त तक अपनी स्थिति बनाए रखने का संकेत दिया है। EU स्तर पर इस द्विपक्षीय विवाद पर चर्चा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सेउटा में मानवीय स्थिति और शेंगेन क्षेत्र में प्रवासी प्रबंधन का भविष्य अब यूरोपीय राजनीति के केंद्र में आ गया है।