वाईएसआरसीपी नेताओं पर हमले के बाद जगन मोहन रेड्डी राज्यपाल अब्दुल नजीर से करेंगे शिकायत
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी बुधवार, 24 सितंबर 2026 को राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर से मुलाकात करेंगे। वे विजयवाड़ा स्थित आंध्र प्रदेश खेल प्राधिकरण (एसएएपी) कार्यालय के निकट सोमवार को हुए कथित हमले की शिकायत दर्ज कराएंगे, जिसमें प्रदर्शन कर रहे वाईएसआरसीपी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया। इस मुलाकात में जगन डीएससी भर्ती में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जाँच की माँग भी रखेंगे।
मुख्य घटनाक्रम
जगन मोहन रेड्डी ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर सोमवार को एसएएपी कार्यालय के पास हुई हिंसा की समीक्षा की। पार्टी नेताओं के अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान हमलावरों ने पुलिसकर्मियों से लाठियाँ छीन लीं और वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंके।
जगन ने आरोप लगाया कि यह हिंसा सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कुप्पम से इस हमले की योजना बनाई और कुप्पम की जनसभा में दी गई कथित धमकी भरी टिप्पणियाँ इस साजिश का प्रमाण हैं।
जगन मोहन रेड्डी के आरोप
वाईएस जगन ने कहा, 'वाईएसआरसीपी द्वारा आयोजित शांतिपूर्ण रैलियों ने डीएससी घोटाले को जनता के ध्यान में ला दिया। इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए चंद्रबाबू और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने अपने गुंडों को तैनात किया।' उन्होंने तथाकथित 'युवागलम टीम' को 'गुंडा समूह' करार दिया और कहा कि इसका इस्तेमाल सरकार के भ्रष्टाचार पर सवाल उठाने वाले हर व्यक्ति को डराने के लिए किया जा रहा है।
जगन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश की योजना का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि हमलावरों के विरुद्ध मामला दर्ज करने के बजाय, पुलिस ने वाईएसआरसीपी सदस्यों के खिलाफ ही मामले दर्ज किए और कथित हमलावरों को बरी कर दिया।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
वाईएस जगन ने कहा कि पुलिस के सामने स्पष्ट साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि यही समूह पहले भी वाईएसआरसीपी पर कई हमलों में शामिल रहा है। उनके अनुसार, हमला करो, पीड़ितों पर मामला दर्ज करो और फिर मीडिया के ज़रिये झूठा दुष्प्रचार फैलाओ — यह सत्तारूढ़ दल का 'सर्वमान्य तरीका' बन चुका है।
जगन ने कहा कि घायल होने के बावजूद वाईएसआरसीपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संयम बनाए रखा। उन्होंने आंध्र प्रदेश की मौजूदा स्थिति को कथित तौर पर 'जंगल राज से भी बदतर' बताया।
डीएससी जाँच की माँग
राज्यपाल को सौंपी जाने वाली शिकायत में जगन जिला चयन समिति (डीएससी) भर्ती में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जाँच की भी माँग करेंगे। उनके अनुसार, चंद्रबाबू नायडू और नारा लोकेश डीएससी घोटाले में बेनकाब हो चुके हैं और इसीलिए सीबीआई जाँच की माँग का सामना करने में असमर्थ हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ टीडीपी गठबंधन और विपक्षी वाईएसआरसीपी के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। राज्यपाल से शिकायत के बाद वाईएसआरसीपी संवैधानिक और कानूनी सभी उपलब्ध रास्तों से इस मामले को आगे बढ़ाने की बात कह रही है।