'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए जगदंबिका पाल ने कहा, महिलाएं माफ नहीं करेंगी
सारांश
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लखनऊ, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को राजनीतिक करार देते हुए केंद्र पर महिला सशक्तिकरण के नाम पर असंवैधानिक तरीकों का उपयोग करने का आरोप लगाया। इस पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि वे झूठ बोल रहे हैं।
जगदंबिका पाल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि जब यह विधेयक प्रस्तुत किया गया था, तब खुद प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया था कि जो 2023 में महिला विधेयक पास किया गया, उसे अब लागू करना चाहते हैं। यदि इसे 2026 की जनगणना पर लागू किया गया तो यह 2034 तक लागू हो सकेगा। जबकि अगर इसे 2011 की जनगणना पर लागू किया गया, तो 2029 में महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा सकेगा। इसी कारण से हम संशोधन विधेयक लेकर आए हैं।
उन्होंने आगे बताया कि गृह मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया था कि राज्यों की लोकसभा सीटों में 50 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। 543 से बढ़कर 850 सीटें हो जाएंगी, किसी को नुकसान नहीं होगा। दक्षिण राज्यों को लेकर यह कहा जा रहा था कि जनसंख्या के आधार पर सीटें कम हो जाएंगी, इस पर भी स्पष्टीकरण दिया गया था। सभी स्पष्टीकरण के बावजूद जिस तरह से विपक्ष ने बिल को पास नहीं होने दिया, यह महिलाओं का अपमान है।
जगदंबिका पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प अभी भी मजबूत है। हमारी संख्या अधिक नहीं थी, इसलिए बिल रुक गया, लेकिन हमारा संकल्प अटल है। हम 33 प्रतिशत महिलाओं को लोकसभा में लाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस बिल के बाद सपा, कांग्रेस, टीएमसी और अन्य दलों का असली चेहरा उजागर हो गया है। वे तरह-तरह के बहाने बना रहे थे और देश को गुमराह कर रहे थे। देश की महिलाओं में आक्रोश है और उन्हें लगता है कि उनके भविष्य के साथ धोखाधड़ी हुई है।
जगदंबिका पाल ने कहा कि अन्य क्षेत्रों में महिलाएं उन्नति कर रही हैं। केवल लखनऊ में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण स्तर से लेकर देश के हर कोने में महिलाओं में आक्रोश है। इसका परिणाम चुनाव परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। कोई महिला इन्हें माफ नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली है। कोरोना के दौरान भी वह प्रयोगशालाओं में जा रहे थे। इसका नतीजा रहा कि दो-दो वैक्सीन बनीं। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए कहा कि विपक्ष केवल 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे' वाली कहावत को पूरा कर रहा है।