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जम्मू-कश्मीर से सिंगापुर को अरेको चेरी और सेंटरोज प्लम का पहला निर्यात, किसानों को मिलेगा 50% अधिक मुनाफा

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जम्मू-कश्मीर से सिंगापुर को अरेको चेरी और सेंटरोज प्लम का पहला निर्यात, किसानों को मिलेगा 50% अधिक मुनाफा

सारांश

शोपियां और पुलवामा के बागवान अब सिंगापुर के बाज़ार में पहुँच गए हैं — अरेको चेरी और सेंटरोज प्लम की पहली खेप रवाना हुई। UAE के बाद सिंगापुर तक का यह विस्तार कश्मीर के प्रीमियम फलों की वैश्विक साख बढ़ाने के साथ किसानों को 50% अधिक मुनाफे का वादा करता है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर के शोपियां और पुलवामा से सिंगापुर को अरेको चेरी और सेंटरोज प्लम की पहली निर्यात खेप 16 जुलाई 2026 को रवाना हुई।
एपीडा ने मेसर्स ओसुम फूड सॉल्यूशंस एलएलपी और मेसर्स फ्रूट मास्टर एग्रो फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से फ्लैग-ऑफ समारोह आयोजित किया।
उत्पादकों को पारंपरिक विपणन माध्यमों की तुलना में 50 प्रतिशत से अधिक आय मिलने की उम्मीद है।
इससे पहले इस क्षेत्र से UAE के अबू धाबी और दुबई को ताज़े फलों का सफल निर्यात हो चुका है।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर इसे किसानों के लिए 'खुशखबरी' बताया और वैश्विक बाज़ार तक सीधी पहुँच का उल्लेख किया।

कृषि निर्यात मंत्री पीयूष गोयल ने 19 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि जम्मू-कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जिलों से सिंगापुर को अरेको चेरी (उच्च घनत्व वाली यूरोपीय मीठी चेरी) और सेंटरोज प्लम की पहली निर्यात खेप सफलतापूर्वक रवाना की गई है। यह उपलब्धि कश्मीर के प्रीमियम शीतोष्ण फलों को वैश्विक बाज़ार में स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है, और उत्पादकों को पारंपरिक विपणन माध्यमों की तुलना में 50 प्रतिशत से अधिक आय मिलने की उम्मीद है।

निर्यात की पृष्ठभूमि और फ्लैग-ऑफ समारोह

कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने मेसर्स ओसुम फूड सॉल्यूशंस एलएलपी और मेसर्स फ्रूट मास्टर एग्रो फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड, पुलवामा के सहयोग से 16 जुलाई 2026 को इस पहली खेप के लिए फ्लैग-ऑफ समारोह का आयोजन किया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, यह पहल एपीडा के उन निरंतर प्रयासों का हिस्सा है जो बाज़ार विविधीकरण, निर्यात सुगमता और बेहतर रसद के ज़रिए भारत के बागवानी निर्यात को सुदृढ़ करने पर केंद्रित हैं।

गुणवत्ता और कोल्ड चेन प्रबंधन

मंत्रालय ने बताया कि निर्यात खेप की कटाई, ग्रेडिंग, पैकिंग और परिवहन वैज्ञानिक पद्धतियों के अनुसार किया गया। सिंगापुर पहुँचने पर ताज़गी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और पौध स्वच्छता मानकों का पालन करते हुए एक कुशल कोल्ड चेन के माध्यम से इसे भेजा गया। जम्मू-कश्मीर की अनुकूल कृषि-जलवायु परिस्थितियाँ इन फलों को उत्कृष्ट स्वाद, बनावट और लंबे समय तक टिकने की क्षमता प्रदान करती हैं।

पहले भी हो चुका है UAE को निर्यात

यह उपलब्धि इस क्षेत्र से संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी और दुबई को ताज़ी चेरी और प्लम के सफल निर्यात के बाद हासिल हुई है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब कश्मीर के प्रीमियम शीतोष्ण फलों की वैश्विक माँग तेज़ी से बढ़ रही है और भारत सरकार कृषि निर्यात में विविधता लाने पर ज़ोर दे रही है।

किसानों की आय और आगे की राह

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर लिखा, "शोपियां और पुलवामा के बागवानों के लिए ये खबर किसी खुशखबरी से कम नहीं है। एपीडा के सहयोग से प्रीमियम अरेको चेरी और सेंटरोज प्लम की पहली खेप सिंगापुर रवाना हुई। यह पहल किसानों को बेहतर दाम, वैश्विक बाज़ारों तक सीधी पहुँच और भारत के कृषि निर्यात को नई मजबूती प्रदान करेगी।" मंत्रालय के अनुसार, इस पहल से निर्यात-उन्मुख उत्पादन, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने और फसल कटाई के बाद बेहतर प्रबंधन को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे फसल के बाद होने वाले नुकसान में कमी आएगी और जम्मू-कश्मीर के फल उत्पादक समुदायों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर तैयार होंगे। आने वाले समय में इस मॉडल को अन्य अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक विस्तारित करने की संभावनाएँ भी तलाशी जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी पैमाने और निरंतरता की होगी। UAE के बाद सिंगापुर तक विस्तार एक सकारात्मक संकेत है, फिर भी '50% अधिक मुनाफे' का दावा तब तक अधूरा है जब तक यह स्पष्ट न हो कि यह लाभ कितने किसानों तक और कितनी मात्रा में पहुँच रहा है। कश्मीर के बागवानी क्षेत्र में कोल्ड चेन अवसंरचना और फसल-पश्चात प्रबंधन की कमी पुरानी समस्या रही है — एक या दो निर्यातक कंपनियों के ज़रिए हुई पहली खेप इस संरचनागत चुनौती का समाधान नहीं है। एपीडा की भूमिका सराहनीय है, परंतु इस मॉडल को हज़ारों छोटे बागवानों तक पहुँचाने के लिए नीतिगत निरंतरता और दीर्घकालिक बाज़ार समझौतों की ज़रूरत होगी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर से सिंगापुर को किस फल का निर्यात हुआ है?
शोपियां और पुलवामा से सिंगापुर को अरेको चेरी (उच्च घनत्व वाली यूरोपीय मीठी चेरी) और सेंटरोज प्लम की पहली खेप 16 जुलाई 2026 को रवाना हुई। यह निर्यात एपीडा की सहायता से दो निजी कंपनियों के माध्यम से किया गया।
इस निर्यात से कश्मीरी किसानों को कितना फायदा होगा?
मंत्रालय के अनुसार, उत्पादकों को पारंपरिक विपणन माध्यमों की तुलना में 50 प्रतिशत से अधिक प्रतिफल प्राप्त होने की उम्मीद है। इसके अलावा, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और बेहतर फसल-पश्चात प्रबंधन से नुकसान में भी कमी आने की संभावना है।
एपीडा ने इस निर्यात में क्या भूमिका निभाई?
एपीडा ने मेसर्स ओसुम फूड सॉल्यूशंस एलएलपी और मेसर्स फ्रूट मास्टर एग्रो फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर फ्लैग-ऑफ समारोह आयोजित किया और निर्यात की सुविधा प्रदान की। इसमें अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार कोल्ड चेन प्रबंधन भी सुनिश्चित किया गया।
क्या इससे पहले भी कश्मीर से फलों का विदेश निर्यात हुआ है?
हाँ, इससे पहले इसी क्षेत्र से संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी और दुबई को ताज़ी चेरी और प्लम का सफल निर्यात हो चुका है। सिंगापुर को यह खेप उसी श्रृंखला का विस्तार है जो कश्मीर के प्रीमियम फलों की वैश्विक उपस्थिति बढ़ा रही है।
पीयूष गोयल ने इस निर्यात पर क्या कहा?
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि यह पहल किसानों को बेहतर दाम और वैश्विक बाज़ारों तक सीधी पहुँच देगी और भारत के कृषि निर्यात को नई मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने इसे शोपियां और पुलवामा के बागवानों के लिए 'खुशखबरी' बताया।
राष्ट्र प्रेस
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