क्या जम्मू-कश्मीर की प्रीमियम चेरी की पहली वाणिज्यिक खेप सऊदी अरब और यूएई के लिए रवाना हो गई?

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क्या जम्मू-कश्मीर की प्रीमियम चेरी की पहली वाणिज्यिक खेप सऊदी अरब और यूएई के लिए रवाना हो गई?

सारांश

जम्मू-कश्मीर से प्रीमियम चेरी की पहली वाणिज्यिक खेप सऊदी अरब और यूएई के लिए रवाना हो गई है। इस कदम से किसानों को बेहतर मूल्य और वैश्विक बाजारों में उनकी उपज की पहुंच बढ़ेगी। जानिए इस महत्वाकांक्षी पहल के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

प्रीमियम चेरी की पहली खेप सऊदी अरब और यूएई के लिए रवाना।
किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।
मोदी सरकार भारतीय कृषि को ग्लोबल सप्लायर बनाने का प्रयास कर रही है।
यह पहल वोकल फॉर लोकल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
किसानों के लिए नई बाजार संभावनाएं खुल रही हैं।

नई दिल्ली, 16 जून (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं व्यापार मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को जानकारी दी कि जम्मू-कश्मीर से प्रीमियम चेरी की पहली वाणिज्यिक खेप सऊदी अरब और यूएई के लिए रवाना हो रही है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि चेरी किसानों के लिए एक बड़ा बाजार खुल गया है, जिससे उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।

केंद्रीय मंत्री गोयल ने लिखा, "यह एक खुशी की बात है। जम्मू-कश्मीर से प्रीमियम चेरी की पहली वाणिज्यिक खेप सऊदी अरब और यूएई के लिए रवाना हो गई है।"

उन्होंने बताया, "हमारे चेरी किसानों के लिए एक बड़ा बाजार सामने आया है, जिससे वे अपनी उपज का सही मूल्य हासिल कर सकेंगे।"

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि मोदी सरकार भारत को प्रीमियम कृषि उत्पादों का ग्लोबल सप्लायर बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स संबंधी समस्याओं का समाधान कर रही है।

गोयल ने कहा, "वोकल फॉर लोकल के लिए यह एक बड़ी जीत है।"

सरकार भारतीय कृषि और प्रोसेस्ड फूड उत्पादों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

केंद्रीय मंत्री गोयल ने अप्रैल में अमेरिका में भारतीय भगवा किस्म के अनार की पहली वाणिज्यिक समुद्री खेप की सुविधा के लिए एपीडा के प्रयासों की सराहना की थी।

इससे किसानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों की वैश्विक मांग का लाभ उठाने के नए अवसर उत्पन्न होंगे।

लगभग 14 टन वजन वाले भारतीय अनार के 4,620 बक्सों की पहली समुद्री खेप महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से रवाना होकर मार्च के दूसरे सप्ताह में न्यूयॉर्क पहुंची।

अमेरिका में इस खेप का जोरदार स्वागत किया गया।

अनार की गुणवत्ता को उत्कृष्ट बताया गया और ग्राहकों ने भारतीय भगवा किस्म के अनार की विजुअल अपील और खाने की बेहतरीन गुणवत्ता की सराहना की।

वाणिज्य मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस खेप के आने से यह संकेत मिलता है कि भारतीय अनार प्रतिस्पर्धी अमेरिकी बाजार में पसंदीदा विकल्प बन सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता और मान्यता को भी बढ़ाएगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रीमियम चेरी की पहली खेप कब रवाना हुई?
यह खेप 16 जून को रवाना हुई।
इस खेप का लक्ष्य क्या है?
इसका लक्ष्य सऊदी अरब और यूएई में भारतीय चेरी का विपणन करना है।
किसके द्वारा यह पहल शुरू की गई है?
यह पहल केंद्रीय वाणिज्य एवं व्यापार मंत्री पीयूष गोयल द्वारा शुरू की गई है।
इससे किसानों को क्या लाभ होगा?
किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य और वैश्विक बाजारों में पहुंच प्राप्त होगी।
क्या यह पहल भारतीय कृषि के लिए महत्वपूर्ण है?
हाँ, यह पहल भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक पहचान को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस