यूनिटी मॉल से उधमपुर के कारीगरों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच, 'प्रधानमंत्री एकता मॉल' पहल का स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर के स्थानीय कारीगरों, हथकरघा बुनकरों और स्वयं-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने 'प्रधानमंत्री एकता मॉल' योजना के तहत प्रस्तावित यूनिटी मॉल का उत्साहपूर्वक स्वागत किया है। जम्मू-कश्मीर में इस योजना के अंतर्गत दो यूनिटी मॉल स्थापित किए जाने हैं — एक जम्मू डिवीजन में और एक कश्मीर डिवीजन में — जो पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पादों को देशभर के खरीदारों और पर्यटकों तक पहुँचाने का केंद्रीकृत मंच बनेंगे।
कारीगरों की उम्मीदें और प्रतिक्रिया
उधमपुर के हस्तशिल्प और हथकरघा कारीगरों ने इस पहल को अपनी आजीविका के लिए एक निर्णायक अवसर बताया है। उनका कहना है कि अब तक पारंपरिक उत्पादों की बिक्री के लिए कोई संगठित भौतिक मंच उपलब्ध नहीं था, जिससे वे सीधे उपभोक्ताओं तक नहीं पहुँच पाते थे। यूनिटी मॉल इस कमी को दूर करेगा और स्थानीय कारीगरी को राष्ट्रीय पहचान दिलाएगा।
फैब्रिक आर्टिस्ट अनामिका शर्मा ने कहा, 'हमारी राज्य सरकार यूनिटी मॉल का कॉन्सेप्ट लेकर आई है, जो जम्मू और कश्मीर दोनों डिवीजन में खुलने वाला है। एक आर्टिस्ट के तौर पर मैं बहुत खुश हूँ कि भविष्य में हमें एक ऐसी जगह मिलेगी जहाँ मैं अपने हाथ से बने सामान दिखा सकूँगी। अभी मैंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए शुरुआत की है, लेकिन भविष्य में मैं एक फिजिकल जगह चाहती हूँ जहाँ लोग आ सकें, मुझसे बात कर सकें और आमने-सामने फीडबैक मिल सके, साथ ही हमारी परंपरा भी जिंदा रहे।'
क्रोशिया आर्टिस्ट नजरीन सलारिया ने कहा, 'मैं हाथ से बनी चीजें बनाती हूँ। सरकार की यह पहल हमारे लिए बहुत ज़रूरी है। यूनिटी मॉल हमें वह प्लेटफॉर्म देगा जो अब तक हमारे पास नहीं था। इससे हम सीधे ग्राहकों से जुड़ पाएंगे, जिससे हमें और ग्राहकों दोनों को फायदा होगा।'
विशेषज्ञ और अधिकारियों की राय
हस्तशिल्प सेवा केंद्र की असिस्टेंट डायरेक्टर अंबिका सम्ब्याल ने कहा, 'यूनिटी मॉल एक बहुत ही दूरदर्शी और अहम पहल साबित होगी। इससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों — खासकर जम्मू-कश्मीर के हथकरघा और हस्तशिल्प कारीगरों — को एक केंद्रीकृत मंच मिलेगा। स्थानीय लोग भी असली हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पाद यहाँ से खरीद सकेंगे।'
जिला उद्योग केंद्र के जनरल मैनेजर किशोर सिंह कटोच ने कहा कि जम्मू में यूनिटी मॉल खुलने से अर्थव्यवस्था, व्यापार, पर्यटन और एमएसएमई क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि जिन कारीगरों या छोटे कारोबारियों ने लोन लेकर अपना उद्यम शुरू किया है, वे अपने उत्पाद वहाँ आसानी से प्रदर्शित और बेच सकेंगे।
आम जनता और उद्यमियों पर असर
यह पहल ऐसे समय में आई है जब जम्मू-कश्मीर में स्थानीय हस्तशिल्प उद्योग को बाज़ार तक पहुँच की कमी और असंगठित बिक्री ढाँचे जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला उद्योग केंद्र और हस्तशिल्प विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यूनिटी मॉल स्थानीय उद्यमिता को मजबूत करेगा और उधमपुर के कारीगरों के लिए बाज़ार तक पहुँच बढ़ाएगा। स्वयं-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को विशेष रूप से इस पहल से लाभ मिलने की उम्मीद है।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि 'प्रधानमंत्री एकता मॉल' योजना देशभर में एक-राज्य-एक-उत्पाद की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। जम्मू-कश्मीर में प्रस्तावित दोनों मॉल के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ, स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को उम्मीद है कि यह मंच उनके उत्पादों को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों तक भी पहुँचाएगा।