जमुई छेड़छाड़ पर टीएस सिंह देव की माँग: दोषी पर हो कठोर कार्रवाई, महिला गरिमा की रक्षा शासन का फर्ज
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने 22 सितंबर 2026 को बिहार के जमुई में एक लड़की के साथ हुई कथित छेड़छाड़ की घटना तथा असम में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हुए पथराव को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना किसी भी सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी है और दोषी की राजनीतिक पहचान कार्रवाई में बाधा नहीं बननी चाहिए।
जमुई घटना पर कड़ा रुख
टीएस सिंह देव ने जमुई की घटना को न केवल गैर-कानूनी, बल्कि महिला की गरिमा के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सबसे पहला सवाल यह होना चाहिए कि दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी या नहीं। उनके अनुसार, कानून सभी के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए — आरोपी की राजनीतिक संबद्धता न्याय प्रक्रिया को प्रभावित नहीं कर सकती।
उन्होंने व्यापक प्रशासनिक परिप्रेक्ष्य में यह भी सवाल उठाया कि ऐसी घटनाएँ किन इलाकों में हो रही हैं और क्या वे किसी खास क्षेत्र तक सीमित हैं। सिंह देव ने जोर दिया कि घटनाओं के पीछे के कारणों को समझना ज़रूरी है। उनका कहना था कि यदि एक घटना के बाद प्रशासन की इतनी प्रभावी उपस्थिति नहीं है कि उसी तरह की पुनरावृत्ति रोकी जा सके, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
शासन की विफलता का सवाल
सिंह देव ने कहा कि जब महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और राजनीतिक-सामाजिक भागीदारी बढ़ाने की बात होती है, तो उनकी गरिमा की रक्षा शासन की अनिवार्य जिम्मेदारी बन जाती है। उन्होंने तीखे शब्दों में पूछा कि यदि महिलाओं के मान-सम्मान की रक्षा न हो सके, तो इससे बड़ी शासन की विफलता और क्या हो सकती है।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में महिला सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक विमर्श तेज हुआ है और विपक्षी दल सरकार पर दबाव बढ़ा रहे हैं।
असम काफिले पर पथराव की निंदा
असम में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हुए पथराव को सिंह देव ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई भी उस काफिले में मौजूद थे। उन्होंने एआईसीसी प्रभारी भूपेश बघेल के प्रोटोकॉल का उल्लेख करते हुए कहा कि नेताओं के काफिले पर इस तरह की हिंसा राजनीति को गलत दिशा में ले जाती है और हिंसा के प्रसार की आशंका पैदा करती है।
सिंह देव ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शांतिपूर्ण भागीदारी की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक मतभेदों का समाधान संवाद और लोकतांत्रिक तरीकों से होना चाहिए — हिंसा के लिए किसी भी परिस्थिति में कोई स्थान नहीं है।
महिला क्रिकेट टीम को बधाई
अपनी प्रतिक्रियाओं के बीच सिंह देव ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर खिलाड़ियों को बधाई भी दी। उन्होंने एक युवा खिलाड़ी के शतक, नई बाएँ हाथ की स्पिन गेंदबाज के प्रदर्शन और टीम की बेहतर फील्डिंग का विशेष उल्लेख किया। उनके अनुसार, टीम का संतुलन उत्कृष्ट रहा और खिलाड़ियों ने लय के साथ प्रदर्शन किया।
आने वाले दिनों में देखना होगा कि बिहार और असम की राज्य सरकारें इन घटनाओं पर क्या ठोस कदम उठाती हैं और क्या दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई हो पाती है।