जनगणना 2027: दिल्ली समेत 5 राज्यों में मकान सूचीकरण शुरू, 1.44 करोड़ परिवारों ने पूरी की स्व-गणना

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जनगणना 2027: दिल्ली समेत 5 राज्यों में मकान सूचीकरण शुरू, 1.44 करोड़ परिवारों ने पूरी की स्व-गणना

सारांश

भारत की जनगणना 2027 अब पूरी रफ्तार में है — दिल्ली समेत 5 राज्यों में मकान सूचीकरण शुरू, 4 राज्यों में स्व-गणना सक्रिय, और 25 राज्यों में 1.44 करोड़ परिवार पहले ही ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। यह देश की पहली डिजिटल जनगणना है, जो 2011 के बाद पहली बार ताज़ा जनसंख्या डेटा देगी।

मुख्य बातें

17 मई 2026 से राजस्थान, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली (एमसीडी क्षेत्र) में मकान सूचीकरण (एचएलओ) का फील्ड कार्य शुरू।
गुजरात, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पुडुचेरी में स्व-गणना सुविधा 31 मई तक उपलब्ध; फील्ड कार्य 1–30 जून के बीच।
उत्तर प्रदेश में स्व-गणना 21 मई तक; मकान सूचीकरण 22 मई से 20 जून तक।
25 राज्यों में 1.44 करोड़ से अधिक परिवार आधिकारिक पोर्टल पर स्व-गणना पूरी कर चुके हैं।
अंडमान एवं निकोबार, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम और दिल्ली के एनडीएमसी व कैंटोनमेंट क्षेत्र में कार्य पहले ही पूर्ण।
जनगणना 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना है, जिसमें मोबाइल एप से डेटा संग्रह किया जा रहा है।

देशव्यापी जनगणना 2027 के पहले चरण में 17 मई 2026 (रविवार) से दिल्ली समेत 5 राज्यों में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना (एचएलओ) का फील्ड कार्य विधिवत रूप से प्रारंभ हो गया है। इसी दिन से चार अन्य राज्यों में स्व-गणना (एसई) सुविधा भी सक्रिय कर दी गई है, जिससे देशभर में जनगणना की प्रक्रिया और व्यापक हो गई है।

किन राज्यों में शुरू हुआ मकान सूचीकरण

रविवार से राजस्थान, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली (एमसीडी क्षेत्र) में मकानों की गणना (एचएलओ) का फील्ड कार्य शुरू हुआ। इससे पहले, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, हरियाणा, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना और उत्तराखंड में यह कार्य पहले से जारी है।

इससे भी पहले, 16 अप्रैल से 15 मई के बीच अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम के साथ-साथ दिल्ली के एनडीएमसी और कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र में मकान सूचीकरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।

स्व-गणना की शुरुआत और समयसीमा

रविवार से गुजरात, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पुडुचेरी में स्व-गणना सुविधा प्रारंभ हो गई है, जो 31 मई तक उपलब्ध रहेगी। इन क्षेत्रों में मकान सूचीकरण का फील्ड कार्य 1 जून से 30 जून तक संचालित किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में स्व-गणना सुविधा 21 मई तक जारी रहेगी, जिसके बाद 22 मई से 20 जून तक मकान सूचीकरण का फील्ड कार्य किया जाएगा।

डिजिटल जनगणना को मिला उत्साहजनक जन-समर्थन

जनगणना 2027 में पहली बार शुरू की गई स्व-गणना सुविधा को जनता की ओर से जबरदस्त प्रतिसाद मिला है। 25 राज्यों में आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अब तक 1.44 करोड़ से अधिक परिवार स्व-गणना पूरी कर चुके हैं। यह आँकड़ा भारत में डिजिटल नागरिक भागीदारी की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।

गौरतलब है कि यह जनगणना पहली बार डिजिटल माध्यमों के व्यापक उपयोग के साथ आयोजित की जा रही है। फील्ड विजिट के दौरान प्रगणक (सर्वे अधिकारी) एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के ज़रिए डिजिटल रूप से डेटा एकत्र कर रहे हैं, जबकि सटीक कवरेज के लिए पारंपरिक घर-घर गणना की प्रक्रिया भी समानांतर जारी है।

सरकार की अपील और आगे की प्रक्रिया

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्व-गणना पूरी कर चुके परिवारों से अनुरोध किया है कि वे अपनी स्व-गणना आईडी सुरक्षित रखें और घर पर जाँच करने वाले अधिकारी के साथ उसे साझा करें, ताकि एचएलओ प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सके। जिन परिवारों ने अभी तक स्व-गणना नहीं की है, उन्हें सर्वे अधिकारी घर-घर जाकर जनगणना में शामिल करेंगे।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत की जनसंख्या डेटा वर्ष 2011 की जनगणना पर आधारित है — डेढ़ दशक से अधिक पुरानी। जनगणना 2027 के आँकड़े नीति-निर्माण, परिसीमन और कल्याण योजनाओं के लिए आधारभूत दस्तावेज़ बनेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 1.44 करोड़ परिवारों की स्व-गणना भारत की कुल परिवार संख्या के सापेक्ष अभी भी एक छोटा अंश है — यह डिजिटल विभाजन की उस वास्तविकता को रेखांकित करता है जिसे पारंपरिक घर-घर गणना से ही पाटा जा सकेगा। 2011 के बाद पहली जनगणना होने के कारण इसके आँकड़े परिसीमन, ओबीसी जनगणना की माँग और कल्याण योजनाओं के आवंटन — तीनों मोर्चों पर राजनीतिक रूप से संवेदनशील होंगे। सरकार का ध्यान अभी प्रक्रिया पर है, पर असली कसौटी यह होगी कि डेटा की गुणवत्ता और पारदर्शिता किस स्तर की रहती है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनगणना 2027 में मकान सूचीकरण (एचएलओ) क्या है?
मकान सूचीकरण और मकानों की गणना (एचएलओ) जनगणना का पहला चरण है, जिसमें सर्वे अधिकारी घर-घर जाकर मकानों की भौतिक स्थिति, सुविधाओं और परिवार की बुनियादी जानकारी दर्ज करते हैं। इस बार यह डेटा एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के ज़रिए डिजिटल रूप से एकत्र किया जा रहा है।
स्व-गणना सुविधा कैसे काम करती है और कब तक उपलब्ध है?
स्व-गणना सुविधा के तहत नागरिक सरकारी पोर्टल पर जाकर खुद अपने परिवार की जानकारी भर सकते हैं। गुजरात, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पुडुचेरी में यह 31 मई तक उपलब्ध है, जबकि उत्तर प्रदेश में 21 मई तक। स्व-गणना के बाद मिलने वाली आईडी को फील्ड अधिकारी के साथ साझा करना आवश्यक है।
अब तक कितने परिवार स्व-गणना पूरी कर चुके हैं?
25 राज्यों में आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अब तक 1.44 करोड़ से अधिक परिवार स्व-गणना पूरी कर चुके हैं। यह जनगणना इतिहास में डिजिटल नागरिक भागीदारी का पहला ऐसा व्यापक प्रयोग है।
जिन राज्यों में मकान सूचीकरण पहले से जारी है, उनमें कौन-कौन से हैं?
आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, हरियाणा, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना और उत्तराखंड में मकान सूचीकरण का कार्य पहले से चल रहा है। अंडमान एवं निकोबार, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में यह कार्य 16 अप्रैल से 15 मई के बीच पूरा हो चुका है।
जनगणना 2027 पिछली जनगणनाओं से कैसे अलग है?
जनगणना 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना है, जिसमें स्व-गणना पोर्टल और मोबाइल एप-आधारित डेटा संग्रह दोनों का उपयोग किया जा रहा है। यह 2011 के बाद पहली जनगणना है, जो नीति-निर्माण, परिसीमन और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए अद्यतन जनसंख्या डेटा उपलब्ध कराएगी।
राष्ट्र प्रेस
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