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जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण आदेश: तजीन फातिमा ने सरकार से पुनर्विचार की अपील की

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जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण आदेश: तजीन फातिमा ने सरकार से पुनर्विचार की अपील की

सारांश

जौहर विश्वविद्यालय पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटकी है — और तजीन फातिमा ने सरकार से सीधे पुनर्विचार की माँग की है। पति और बेटे जेल में, जेल में दुर्व्यवहार के आरोप, और राजनीतिक दुश्मनी का दर्द — यह सिर्फ एक विश्वविद्यालय की लड़ाई नहीं, एक परिवार के अस्तित्व की लड़ाई बन चुकी है।

मुख्य बातें

तजीन फातिमा ने 18 अगस्त को रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण आदेश पर सरकार से पुनर्विचार की माँग की।
फातिमा ने कहा कि विभिन्न वर्गों और धर्मों के लोग विश्वविद्यालय बचाने की लड़ाई में साथ हैं।
उनके पति आजम खान और बेटे दोनों जेल में हैं; जेल में अनुचित व्यवहार और बुनियादी सुविधाएँ न मिलने का आरोप लगाया।
फातिमा ने राजनीति में व्यक्तिगत और जातीय दुश्मनी बढ़ने का आरोप लगाया।
समाजवादी पार्टी और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के समर्थन की पुष्टि की।

रामपुर में 18 अगस्त को समाजवादी पार्टी (SP) के पूर्व सांसद आजम खान की पत्नी तजीन फातिमा ने जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण आदेश के विरोध में सरकार से पुनर्विचार की माँग की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को बचाने के लिए विभिन्न वर्गों और धर्मों के लोगों का समर्थन मिल रहा है और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है।

मुख्य माँग और अपील

तजीन फातिमा ने रामपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि वे सरकार से देशहित और जनहित में ध्वस्तीकरण के फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील करेंगी। उन्होंने कहा, 'हम सरकार से देशहित और जनहित में पुनर्विचार की माँग करेंगे।'

फातिमा ने तर्क दिया कि शिक्षण संस्थानों को तोड़ने के बजाय सरकार को उनके विकास और सुदृढ़ीकरण की दिशा में काम करना चाहिए। उनके अनुसार, जौहर विश्वविद्यालय के विरुद्ध ध्वस्तीकरण का आदेश अनुचित है।

जनसमर्थन और संघर्ष की राह

तजीन फातिमा ने बताया कि काफी लोगों ने ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है और विभिन्न वर्गों तथा धर्मों के लोग इस लड़ाई में साथ हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को बचाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया, 'हम तो जाहिर तौर पर कमजोर पक्ष में आते हैं, लेकिन हमें उम्मीद है कि इंसाफ मिलेगा।'

राजनीतिक व्यवहार पर आरोप

फातिमा ने राजनीति में उनके परिवार के साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले राजनीतिक मतभेद होते थे, पर अब व्यक्तिगत और जातीय दुश्मनी निकालने जैसी प्रवृत्ति बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'राजनीति में जिस तरह का व्यवहार हमारे साथ किया गया है, ऐसा पहले किसी के साथ नहीं हुआ।'

मुस्लिम नेतृत्व से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि मुस्लिम नेताओं को पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाहर से आने वाले कुछ मुस्लिम नेता स्थानीय मुसलमानों को कमजोर करने का काम करते हैं।

परिवार की स्थिति और जेल में कथित दुर्व्यवहार

तजीन फातिमा ने बताया कि उनका परिवार बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है क्योंकि उनके पति आजम खान और बेटे दोनों जेल में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा — परिवार की ओर से मेडिकल रिपोर्ट जेल प्रशासन को उपलब्ध कराई गई है, बावजूद इसके आवश्यक सुविधाएँ नहीं दी जा रहीं और उन्हें जमीन पर सुलाया जा रहा है।

यह भी उल्लेखनीय है कि ये आरोप फातिमा की ओर से लगाए गए हैं; जेल प्रशासन या सरकार की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।

समाजवादी पार्टी का रुख

तजीन फातिमा ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके परिवार के संघर्ष में सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के साथ उनका कोई मतभेद नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब जौहर विश्वविद्यालय का मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर एक साथ लड़ा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भू-विवाद और सत्ता-संघर्ष के गहरे धागों को एक साथ उजागर करता है। तजीन फातिमा का 'कमजोर पक्ष' वाला बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है — यह स्वीकृति और प्रतिरोध दोनों एक साथ है। गौरतलब है कि आजम खान दशकों तक रामपुर की राजनीति के केंद्र में रहे, और उनके परिवार की मौजूदा स्थिति यह सवाल उठाती है कि क्या राज्य की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया है या राजनीतिक दबाव। जेल में दुर्व्यवहार के आरोप गंभीर हैं और इनकी स्वतंत्र जाँच की माँग स्वाभाविक रूप से उठती है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण आदेश क्या है?
जौहर विश्वविद्यालय, जो रामपुर में समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद आजम खान द्वारा स्थापित है, के विरुद्ध अधिकारियों ने ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है। इस आदेश को लेकर कानूनी और राजनीतिक विवाद जारी है।
तजीन फातिमा ने सरकार से क्या माँग की है?
तजीन फातिमा ने सरकार से देशहित और जनहित में जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण आदेश पर पुनर्विचार करने की अपील की है। उनका कहना है कि शिक्षा संस्थानों को तोड़ने के बजाय उनके विकास पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
आजम खान और उनके परिवार की वर्तमान स्थिति क्या है?
तजीन फातिमा के अनुसार उनके पति आजम खान और बेटे दोनों जेल में हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि जेल में उनके साथ उचित व्यवहार नहीं हो रहा और बुनियादी सुविधाएँ तक नहीं दी जा रहीं, जिसमें मेडिकल जरूरतें भी शामिल हैं।
समाजवादी पार्टी का इस मामले में क्या रुख है?
तजीन फातिमा ने बताया कि समाजवादी पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके परिवार के संघर्ष में सहयोग किया है। पार्टी के साथ किसी प्रकार का मतभेद नहीं है।
जौहर विश्वविद्यालय को बचाने के लिए क्या प्रयास हो रहे हैं?
तजीन फातिमा के अनुसार विभिन्न वर्गों और धर्मों के लोग ध्वस्तीकरण आदेश के विरोध में आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनसमर्थन इस लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और विश्वविद्यालय बचाने के प्रयास जारी रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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