29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जौहर विश्वविद्यालय विवाद: कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने तंजीन फातिमा से की मुलाकात, सियासत गरमाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जौहर विश्वविद्यालय विवाद: कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने तंजीन फातिमा से की मुलाकात, सियासत गरमाई

सारांश

जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों पर ध्वस्तीकरण आदेश रुका हुआ है — और अब कांग्रेस के यूपी प्रभारी का रामपुर दौरा और आजम खां की पत्नी से मुलाकात ने इस मुद्दे को फिर सियासी केंद्र में ला दिया है। विपक्ष की यह एकजुटता 2027 विधानसभा चुनाव से पहले रामपुर में नई समीकरणों की ओर इशारा करती है।

मुख्य बातें

कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम 29 जुलाई को रामपुर पहुँचे और जौहर विश्वविद्यालय का दौरा किया।
गौतम ने SP नेता आजम खां की पत्नी एवं पूर्व सांसद तंजीन फातिमा से मुलाकात कर विश्वविद्यालय विवाद पर चर्चा की।
रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने परिसर के 38 भवनों को अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था।
मुरादाबाद मंडल के आयुक्त ने अपील पर सुनवाई के बाद ध्वस्तीकरण पर फ़िलहाल रोक लगा दी है।
कांग्रेस ने योगी सरकार की कार्रवाई को शिक्षा-विरोधी बताते हुए संवैधानिक लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।

रामपुर में मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक लगे रहने के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति एक नए मोड़ पर आ गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम बुधवार, 29 जुलाई को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत रामपुर पहुँचे और विश्वविद्यालय परिसर का दौरा किया। इसके बाद उनकी समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां की पत्नी एवं पूर्व सांसद तंजीन फातिमा से हुई मुलाकात ने प्रदेश के राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को तेज़ कर दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

राजेंद्र पाल गौतम ने सबसे पहले जौहर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर ध्वस्तीकरण के विरोध में धरने पर बैठे छात्रों और शिक्षकों से भेंट की। उन्होंने योगी सरकार की इस कार्रवाई को शिक्षा-विरोधी और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया। इसके बाद उन्होंने रामपुर के वरिष्ठ नेताओं तथा जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और अंत में तंजीन फातिमा से मिलकर पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत चर्चा की।

गौतम के आरोप और कांग्रेस का रुख

गौतम ने कहा कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय महान स्वतंत्रता सेनानी, राष्ट्रवादी नेता, पत्रकार और शिक्षाविद मौलाना मोहम्मद अली जौहर की स्मृति में स्थापित है। उनके अनुसार, ऐसे संस्थान का संरक्षण केवल एक विश्वविद्यालय की रक्षा नहीं, बल्कि देश की शैक्षणिक विरासत और स्वतंत्रता आंदोलन के सम्मान का भी विषय है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार व्यक्तिगत राजनीतिक दुर्भावना के चलते यह कार्रवाई कर रही है। उनका कहना था, 'यदि किसी संस्थान के साथ केवल इस वजह से कार्रवाई की जाती है कि उसका निर्माण किसी राजनीतिक व्यक्ति ने कराया था, तो यह संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।' कांग्रेस ने विश्वविद्यालय के संरक्षण के लिए हरसंभव संवैधानिक लड़ाई लड़ने का संकल्प व्यक्त किया।

ध्वस्तीकरण विवाद की पृष्ठभूमि

रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने जौहर विश्वविद्यालय परिसर के 38 भवनों को अवैध निर्माण घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। हालाँकि, इस आदेश के विरुद्ध दायर अपील पर सुनवाई करते हुए मुरादाबाद मंडल के आयुक्त ने फ़िलहाल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। यह मामला लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति का केंद्रीय विषय बना हुआ है, क्योंकि आजम खां स्वयं कई कानूनी विवादों में घिरे रहे हैं।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ राजनीतिक दलों के बीच शुरू हो चुकी हैं और अल्पसंख्यक बहुल रामपुर क्षेत्र में हर राजनीतिक कदम बड़े निहितार्थ रखता है।

राजनीतिक असर और आगे की राह

कांग्रेस के शीर्ष प्रदेश नेतृत्व का विश्वविद्यालय पहुँचना और SP नेता के परिवार से मुलाकात करना इस मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में ले आया है। विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम विपक्षी एकजुटता का संकेत भी हो सकता है। ध्वस्तीकरण आदेश पर लगी रोक के बाद अब सभी की नज़रें मुरादाबाद मंडल आयुक्त के अगले निर्णय और न्यायालय में चल रही कार्यवाही पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले रामपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यक मतदाताओं तक पहुँच बनाने की रणनीतिक कोशिश भी है। दिलचस्प यह है कि कांग्रेस और SP — जो अक्सर एक-दूसरे के प्रतिस्पर्धी रहे हैं — इस मुद्दे पर एक ही मंच पर दिख रहे हैं। असली सवाल यह है कि क्या ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक स्थायी राहत बनेगी या न्यायालय में मामले का परिणाम पलट सकता है — और तब तक विपक्ष की यह एकजुटता कितनी टिकाऊ रहेगी।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण विवाद क्या है?
रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर के 38 भवनों को अवैध निर्माण घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। अपील पर सुनवाई के बाद मुरादाबाद मंडल के आयुक्त ने फ़िलहाल इस कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम रामपुर क्यों गए?
राजेंद्र पाल गौतम पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 29 जुलाई को रामपुर पहुँचे। उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय में धरने पर बैठे छात्रों-शिक्षकों से मिले, स्थानीय कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की और SP नेता आजम खां की पत्नी तंजीन फातिमा से मुलाकात कर विश्वविद्यालय विवाद पर चर्चा की।
तंजीन फातिमा कौन हैं?
तंजीन फातिमा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां की पत्नी और पूर्व सांसद हैं। जौहर विश्वविद्यालय आजम खां द्वारा स्थापित है, इसलिए इस मुद्दे में उनके परिवार की सीधी भागीदारी है।
ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक अभी किस स्तर पर है?
मुरादाबाद मंडल के आयुक्त ने RDA के ध्वस्तीकरण आदेश के विरुद्ध दायर अपील पर सुनवाई करते हुए फ़िलहाल कार्रवाई पर रोक लगाई है। मामले की अगली सुनवाई पर सभी पक्षों की नज़र है।
कांग्रेस ने योगी सरकार की कार्रवाई पर क्या कहा?
कांग्रेस प्रभारी गौतम ने इसे शिक्षा-विरोधी और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई व्यक्तिगत राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और कांग्रेस विश्वविद्यालय के संरक्षण के लिए हरसंभव संवैधानिक लड़ाई लड़ेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. 4 दिन पहले
  4. 6 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले