जदयू नेता निशांत कुमार का ऐलान: यूपी में संगठन मजबूत करेंगे, 2027 विधानसभा चुनाव एनडीए घटक दल के रूप में लड़ेंगे
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता निशांत कुमार ने 31 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में संगठन को मज़बूत करने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में एनडीए के घटक दल के रूप में मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह भी बताया कि वे शीघ्र ही उत्तर प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक आयोजित करने जा रहे हैं।
यूपी में जदयू के विस्तार की योजना
निशांत कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक लंबे समय से एक संगठनात्मक बैठक की माँग कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी मूलतः बिहार से जुड़ी है और देश के दूसरे राज्यों में भी हमारा संगठन रहा है। नॉर्थ ईस्ट में एक समय हमारी काफ़ी अच्छी स्थिति थी। देश के दूसरे राज्यों में भी हमारे मंत्री और विधायक रहे हैं। हमारी योजना है कि उत्तर प्रदेश में भी संगठन का विकास हो और हम आगे बढ़ें।'
यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी सभी प्रमुख दलों ने शुरू कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए के घटक के रूप में चुनाव लड़ना जदयू की रणनीतिक प्राथमिकता बताई जा रही है, जो नीतीश कुमार सरकार और केंद्र सरकार के बीच गठबंधन की मजबूती को भी दर्शाता है।
बिहार विधान परिषद चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया
निशांत कुमार ने बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हुए हालिया चुनाव के परिणामों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि एनडीए ने तीन सीटें जीती हैं, जिनमें से दो सीटें BJP को और एक सीट जदयू को मिली है। उन्होंने सभी विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि जनता ने उनके पिता, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए द्वारा पिछले 20 वर्षों में किए गए विकास कार्यों के प्रति समर्थन जताने के लिए वोट दिया है। गौरतलब है कि परिषद के ये चुनाव सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए जनमत का एक महत्त्वपूर्ण पैमाना माने जाते हैं।
हार की समीक्षा करेगी पार्टी
जिन सीटों पर एनडीए या जदयू को हार का सामना करना पड़ा, उन पर निशांत कुमार ने कहा कि पार्टी इन परिणामों की गहन समीक्षा करेगी। उन्होंने बताया, 'यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि किन कारणों से हार हुई और कहाँ कमियाँ रह गईं। समीक्षा के बाद उन कमियों को दूर किया जाएगा, ताकि संगठन को और मज़बूत बनाया जा सके।'
यह बयान इस लिहाज़ से महत्त्वपूर्ण है कि जदयू उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अपनी पैठ बनाने की कोशिश में जुटी है, जहाँ पहले से ही BJP, समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) जैसे स्थापित दल मज़बूती से खड़े हैं।
आगे की राह
जदयू की यूपी विस्तार योजना कितनी सफल होती है, यह काफ़ी हद तक एनडीए के भीतर सीट-बँटवारे की बातचीत पर निर्भर करेगा। पार्टी की उत्तर प्रदेश में कोई मज़बूत विधायी उपस्थिति फ़िलहाल नहीं है, लेकिन निशांत कुमार का यह दौरा और प्रस्तावित कार्यकर्ता बैठक जदयू के लिए एक नई शुरुआत का संकेत देती है। आगामी महीनों में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियाँ और एनडीए के साथ समन्वय इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा।