वोट चोरी के सबूत हैं तो सुप्रीम कोर्ट जाओ: मनीषा कायंदे का विपक्ष पर सीधा प्रहार
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने 31 अक्टूबर 2026 को मुंबई में इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी विरोध-प्रदर्शन पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इंडिया गठबंधन के पास कथित वोट चोरी के ठोस सबूत हैं, तो उन्हें राष्ट्रपति के पास जाने की बजाय सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए।
मुख्य घटनाक्रम
कायंदे ने आरोप लगाया कि यह आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए नहीं, बल्कि कांग्रेस को राजनीतिक संजीवनी देने के लिए चलाया जा रहा है। उनके अनुसार, विपक्ष 'राजनीतिक कोमा' में जा चुका है और नए-नए विवाद खड़े करके अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ज्ञानेश कुमार वर्ष 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बने, जबकि उनसे पहले और बाद में हुए चुनावों में भी कांग्रेस को हार का मुँह देखना पड़ा है — यहाँ तक कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी।
राष्ट्रपति के पास जाने पर सवाल
कायंदे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने की इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित योजना पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति देश की सर्वोच्च नागरिक हैं और उनके संवैधानिक अधिकारों एवं पद की गरिमा को समझना जरूरी है। उनका तर्क था कि वोट चोरी जैसे गंभीर आरोप को प्रमाणित करने का उचित मंच सर्वोच्च न्यायालय है, न कि राष्ट्रपति भवन। कायंदे ने कहा, 'केवल वोट चोरी का आरोप बार-बार दोहराने से कोई बात साबित नहीं होती।'
संविधान और राहुल गांधी पर निशाना
शिवसेना नेता ने विपक्षी नेताओं पर संविधान की पुस्तक का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, संविधान की किताब हाथ में लेकर बयान देना और उसे वास्तव में पढ़कर समझना — दोनों अलग-अलग बातें हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर की गई टिप्पणी को लेकर भी कायंदे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने आरएसएस के इतिहास और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान को समझे बिना टिप्पणी की है। कायंदे ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस को गरीब जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है, और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 'गरीबी हटाओ' नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी आज अपनी उस विरासत से भटक चुकी है।
व्यापारियों की परेशानी का मुद्दा
दिवाली के व्यस्त कारोबारी मौसम में प्रस्तावित रैली के संभावित असर पर भी कायंदे ने चिंता जताई। उन्होंने चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) की कांग्रेस से कार्यक्रम टालने की अपील का समर्थन करते हुए कहा कि लगातार आंदोलनों और दुकानों के बंद रहने से दिल्ली के व्यापारी परेशान हैं। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को जनता और व्यापारी वर्ग की परेशानियों का भी ध्यान रखना चाहिए।
विपक्ष पर अंतरराष्ट्रीय छवि बिगाड़ने का आरोप
कायंदे ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष बार-बार ऐसे बयान देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश करता है और कथित तौर पर फर्जी नैरेटिव फैलाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की यह मंशा कभी पूरी नहीं होगी। गौरतलब है कि ईवीएम और वोट चोरी को लेकर विपक्षी दलों की यह शिकायत नई नहीं है — लेकिन बार-बार उठाए जाने के बावजूद ये आरोप अदालत में प्रमाणित नहीं हो सके हैं।