बिलासपुर में PIT-NDPS के तहत बड़ी कार्रवाई: दो आदतन नशा तस्कर जबली जेल भेजे गए
सारांश
मुख्य बातें
बिलासपुर पुलिस ने 31 अक्टूबर 2026 को जिले में नशा तस्करी-रोधी अभियान के तहत पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम का प्रयोग करते हुए दो आदतन तस्करों को मुक्त कारागार जबली भेजा। इन दोनों आरोपियों — एक पुरुष और एक महिला — पर पहले से ही एनडीपीएस अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज थे और मादक पदार्थ बरामदगी में इनकी सक्रिय भूमिका साबित हो चुकी थी।
कौन हैं दोनों आरोपी
पुलिस के अनुसार पहला आरोपी प्रशांत धर्माणी उर्फ पिस्तू, निवासी करनगोरा, तहसील घुमारवीं है, जिसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत चार मामले दर्ज हैं। दूसरी आरोपी शीतल कुमारी उर्फ डेजी (आयु 26 वर्ष), निवासी वार्ड नंबर पाँच, मेन मार्केट बिलासपुर है, जिसके खिलाफ कुल पाँच मामले दर्ज हैं — जिनमें वर्ष 2026 के चार और वर्ष 2024 का एक मामला शामिल है।
निरोधात्मक कार्रवाई का आधार
दोनों आरोपियों के विरुद्ध दर्ज सभी मामलों में मादक पदार्थों की बरामदगी दर्ज की गई थी। पुलिस ने बताया कि लगातार आपराधिक संलिप्तता और तस्करी में सक्रिय भूमिका को देखते हुए निरोधक प्राधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, राज्य गुप्तचर विभाग, हिमाचल प्रदेश के आदेशों के बाद सभी कानूनी औपचारिकताएँ पूरी कर इन्हें जबली जेल भेजा गया।
एसपी की प्रतिक्रिया
पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने बताया कि बिलासपुर पुलिस की नशा तस्करी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि बैकवर्ड लिंकेज के अंतर्गत इन दोनों आदतन तस्करों पर यह निरोधात्मक कार्रवाई की गई है और आरोपियों को विधिक प्रक्रिया के तहत मुक्त कारागार जबली, बिलासपुर में रखा गया है।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में नशे की तस्करी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत निरोधात्मक हिरासत उन आरोपियों पर लागू की जाती है जिनके खिलाफ बार-बार नशा तस्करी के मामले सामने आते हैं और जमानत पर रहते हुए भी वे इस धंधे में लिप्त रहते हैं। यह कदम पारंपरिक आपराधिक मुकदमेबाजी से परे जाकर सक्रिय तस्करों को तत्काल समाज से अलग करने का प्रयास है।
बिलासपुर पुलिस की यह कार्रवाई राज्य के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसका लक्ष्य नशे की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना है। आने वाले दिनों में ऐसे और मामलों में भी इसी प्रावधान के तहत कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।