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मणिपुर-राजस्थान अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क में दो प्रमुख आरोपी गिरफ्तार, 7 कुल हिरासत में

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मणिपुर-राजस्थान अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क में दो प्रमुख आरोपी गिरफ्तार, 7 कुल हिरासत में

सारांश

मणिपुर की सेनापति जिला पुलिस ने राजस्थान तक फैले अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क के दो प्रमुख आरोपियों — रोमन राय और अमित कुमार थापा — को गिरफ्तार किया। NDPS के तीन मामलों में अब तक कुल 7 लोग हिरासत में हैं। नेटवर्क मणिपुर में अफीम उगाने वालों को राजस्थान के तस्करों से जोड़ता था।

मुख्य बातें

सेनापति जिला पुलिस ने 25 अक्टूबर 2026 को मणिपुर-राजस्थान ड्रग नेटवर्क के 2 प्रमुख आरोपी गिरफ्तार किए।
गिरफ्तार आरोपी: रोमन राय (21) — कांगपोकपी जिले से; अमित कुमार थापा (35) — बिष्णुपुर जिले से।
NDPS अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज तीन मामलों में अब तक कुल 7 लोग हिरासत में।
दोनों आरोपियों पर मणिपुर के अफीम उत्पादकों को राजस्थान के तस्करों से जोड़ने वाली मुख्य कड़ी होने का संदेह।
अमित कुमार थापा के विरुद्ध अदालत पहले ही गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर चुकी थी।
राजस्थान तक फैले नेटवर्क के शेष सदस्यों की पहचान के लिए जाँच जारी।

सेनापति जिला पुलिस, मणिपुर ने 25 अक्टूबर 2026 को मणिपुर और राजस्थान से जुड़े एक अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे इन मामलों में अब तक कुल 7 लोग हिरासत में आ चुके हैं। ये गिरफ्तारियाँ मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत सेनापति पुलिस स्टेशन में दर्ज तीन अलग-अलग मामलों के सिलसिले में हुई हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार दोनों व्यक्तियों की पहचान रोमन राय (उम्र 21) और अमित कुमार थापा (उम्र 35) के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी के अनुसार, रोमन राय को कांगपोकपी जिले से गिरफ्तार किया गया, जबकि अमित कुमार थापा को संबंधित जिलों की पुलिस बलों की सहायता से बिष्णुपुर जिले में पकड़ा गया।

गौरतलब है कि अदालत पहले ही अमित कुमार थापा के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर चुकी थी। दोनों आरोपी काफी समय से फरार थे और इन्हें नेटवर्क की मुख्य आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बताया जा रहा है।

नेटवर्क का विस्तार और कार्यप्रणाली

पुलिस अधिकारी के अनुसार, ये दोनों आरोपी मणिपुर में अवैध अफीम की खेती करने वालों को राजस्थान में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करों से जोड़ने वाली महत्त्वपूर्ण कड़ी होने का संदेह है। जाँच में सामने आया है कि यह नेटवर्क राज्य की सीमाएँ पार कर संगठित तरीके से संचालित हो रहा था।

यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर के पहाड़ी जिलों में अफीम की अवैध खेती एक पुरानी और गंभीर समस्या रही है। अवैध अफीम की खेती मुख्य रूप से कंगपोकपी, उखरुल, तामेंगलोंग, चंदेल, तेंगनुपाल और सेनापति — इन छह पहाड़ी जिलों में फैली हुई थी।

सुरक्षा बलों का संयुक्त अभियान

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में अफीम के खेतों को नष्ट किया है। सेना, असम राइफल्स, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और मणिपुर पुलिस ने राज्य के पहाड़ी इलाकों में संयुक्त अभियान चलाए हैं।

यह नवीनतम कार्रवाई उसी व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसके तहत तीनों दर्ज मामलों में अब तक 7 व्यक्तियों को हिरासत में लिया जा चुका है।

आगे की जाँच

पुलिस अधिकारी ने बताया कि अंतरराज्यीय नेटवर्क के शेष सदस्यों की पहचान और उनका पता लगाने के लिए जाँच जारी है। विशेष रूप से राजस्थान तक फैले इसके व्यापक संबंधों को स्थापित करना जाँच का केंद्र बिंदु है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

असम राइफल्स, BSF, CRPF, NCB और राज्य पुलिस के संयुक्त अभियानों के बावजूद नेटवर्क सक्रिय रहा, जो यह सवाल उठाता है कि खेत नष्ट करने की नीति तस्करी की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने में कितनी प्रभावी है। असली परीक्षा अब राजस्थान कनेक्शन को उजागर करने और वित्तीय प्रवाह की जाँच में है — जिसके बिना गिरफ्तारियाँ नेटवर्क को कमज़ोर नहीं कर सकतीं, केवल उसे अस्थायी रूप से बाधित करती हैं।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर-राजस्थान ड्रग तस्करी नेटवर्क क्या है?
यह एक अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क है जो मणिपुर में अवैध अफीम की खेती करने वालों को राजस्थान में सक्रिय ड्रग तस्करों से जोड़ता है। इस नेटवर्क के खिलाफ NDPS अधिनियम, 1985 के तहत सेनापति पुलिस स्टेशन में तीन मामले दर्ज हैं।
इस मामले में कौन-कौन गिरफ्तार हुए हैं?
25 अक्टूबर 2026 को रोमन राय (21) और अमित कुमार थापा (35) को गिरफ्तार किया गया। तीनों मामलों में अब तक कुल 7 लोग हिरासत में हैं और दोनों नए आरोपियों पर मुख्य आपूर्तिकर्ता होने का संदेह है।
अमित कुमार थापा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट क्यों जारी हुआ था?
अदालत ने अमित कुमार थापा के खिलाफ NDPS मामलों में उनके फरार रहने के कारण गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था। पुलिस ने संबंधित जिलों की बलों की सहायता से उन्हें बिष्णुपुर जिले से गिरफ्तार किया।
मणिपुर के किन जिलों में अवैध अफीम की खेती होती थी?
मणिपुर के छह पहाड़ी जिलों — कंगपोकपी, उखरुल, तामेंगलोंग, चंदेल, तेंगनुपाल और सेनापति — में अवैध अफीम की खेती मुख्य रूप से फैली हुई थी। सेना, असम राइफल्स, CRPF, BSF, NCB और मणिपुर पुलिस ने इन इलाकों में खेतों को नष्ट करने के अभियान चलाए हैं।
आगे की जाँच में क्या होगा?
पुलिस अंतरराज्यीय नेटवर्क के शेष सदस्यों की पहचान करने और राजस्थान तक फैले इसके व्यापक संबंधों को स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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