झारखंड: गढ़वा के हड़वडिया डैम में डूबे दो नाबालिग, बुआ-भतीजे की मौत से गांव में पसरा मातम

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झारखंड: गढ़वा के हड़वडिया डैम में डूबे दो नाबालिग, बुआ-भतीजे की मौत से गांव में पसरा मातम

सारांश

गढ़वा के हड़वडिया डैम में एक 13 वर्षीय बच्ची को डूबते देख उसे बचाने कूदा 16 वर्षीय भतीजा — दोनों नहीं बचे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने शव निकाले। बुआ-भतीजे की एक साथ मौत ने गोवरदाहा गांव को शोक में डुबो दिया।

मुख्य बातें

7 मई को झारखंड के गढ़वा जिले के हड़वडिया डैम में डूबने से दो नाबालिगों की मौत हुई।
मृतकों में 13 वर्षीय जैनाब खातून (पुत्री अजीमुद्दीन खान) और उन्हें बचाने कूदे 16 वर्षीय सोहेल खान शामिल हैं।
दोनों आपस में बुआ-भतीजे के रिश्ते में थे और गोवरदाहा गांव के निवासी थे।
करीब दो घंटे के बचाव अभियान के बाद गोताखोरों ने शव बरामद किए।
पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर और मुखिया प्रतिमा देवी ने परिवार को मुआवजे का आश्वासन दिया।
शवों को पोस्टमार्टम के बाद गढ़वा सदर अस्पताल से परिजनों को सौंपा गया।

झारखंड के गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र के गोवरदाहा गांव स्थित हड़वडिया डैम में 7 मई को डूबने से दो नाबालिगों की मौत हो गई। मृतक आपस में बुआ-भतीजे के रिश्ते में थे — 13 वर्षीय जैनाब खातून और 16 वर्षीय सोहेल खान। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गोवरदाहा गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

हादसे का घटनाक्रम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोवरदाहा गांव निवासी अजीमुद्दीन खान की 13 वर्षीय पुत्री जैनाब खातून अचानक हड़वडिया डैम के गहरे पानी में डूबने लगी। यह देख उसके 16 वर्षीय भतीजे सोहेल खान ने उसे बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। हालांकि, डैम की अधिक गहराई और तेज बहाव के कारण दोनों ही पानी में समा गए और जीवित नहीं बच सके।

बचाव अभियान और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान शुरू किया गया। मामले की जानकारी पाकर मेराल अंचल अधिकारी (सीओ) यशवंत नायक और थाना प्रभारी विष्णुकांत पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों के शव पानी से बाहर निकाले, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

राजनीतिक एवं सामाजिक संवेदना

हादसे की खबर मिलते ही झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिलाध्यक्ष शंभू राम और स्थानीय मुखिया प्रतिमा देवी घटनास्थल पर पहुँचे। पूर्व मंत्री ने शोकाकुल परिवार से मिलकर उन्हें ढाढस बँधाया और हर संभव सरकारी सहायता का आश्वासन दिया। मुखिया प्रतिमा देवी ने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के तहत पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार

पुलिस ने आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिए गए। यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में खुले जलाशयों के इर्द-गिर्द सुरक्षा उपायों की कमी को रेखांकित करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हड़वडिया डैम हादसे में कौन-कौन से नाबालिग डूबे?
हड़वडिया डैम में 13 वर्षीय जैनाब खातून और उन्हें बचाने कूदे 16 वर्षीय सोहेल खान डूब गए। दोनों गोवरदाहा गांव के निवासी थे और बुआ-भतीजे के रिश्ते में थे।
यह हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा 7 मई को झारखंड के गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र अंतर्गत गोवरदाहा गांव स्थित हड़वडिया डैम में हुआ। डैम की अधिक गहराई और तेज बहाव को हादसे का कारण बताया गया है।
बचाव अभियान में कितना समय लगा और शव कैसे निकाले गए?
करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय गोताखोरों ने दोनों के शव पानी से बाहर निकाले। मेराल अंचल अधिकारी यशवंत नायक और थाना प्रभारी विष्णुकांत भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे थे।
पीड़ित परिवार को मुआवजा मिलेगा?
मुखिया प्रतिमा देवी ने आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने भी परिवार से मिलकर हर संभव सरकारी सहायता का वादा किया।
राष्ट्र प्रेस
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