पलामू उपायुक्त के नाम पर फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट, पैसे मांगने का मामला; प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के पलामू जिले में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के नाम पर फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाकर आम नागरिकों और अधिकारियों से पैसे ठगने की कोशिश का मामला 26 मई 2026 को सामने आया। जिला प्रशासन ने तत्काल सार्वजनिक अलर्ट जारी करते हुए लोगों से किसी भी संदिग्ध सोशल मीडिया संदेश पर भरोसा न करने की अपील की है।
फर्जी प्रोफाइल का स्वरूप
जिला जनसंपर्क कार्यालय, पलामू की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इंस्टाग्राम पर 'आईएएस दिलीप प्रताप सिंह शेखावत' नाम से एक फर्जी प्रोफाइल बनाई गई है। इस फर्जी अकाउंट के ज़रिए अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा लोगों को संदेश भेजकर मदद के नाम पर रकम माँगी जा रही है।
प्रशासन को जानकारी मिली है कि यह फर्जी प्रोफाइल सक्रिय रूप से कई लोगों को निशाना बना रही है। हालाँकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह किसी एक व्यक्ति की शरारत है अथवा किसी संगठित गिरोह द्वारा इस ठगी को अंजाम दिया जा रहा है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
मामले की जानकारी सामने आते ही जिला प्रशासन ने स्पष्टीकरण जारी किया और फर्जी अकाउंट की पहचान भी सार्वजनिक की। प्रशासन ने कहा है कि व्हाट्सएप, फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आने वाले किसी भी संदिग्ध संदेश पर विश्वास न करें और न ही किसी प्रकार की व्यक्तिगत या आर्थिक जानकारी साझा करें।
प्रशासन ने नागरिकों को यह भी सलाह दी है कि किसी भी संदेश की सत्यता की पुष्टि संबंधित सरकारी कार्यालय से अवश्य करें, ताकि साइबर ठगी का शिकार होने से बचा जा सके।
जाँच की स्थिति
रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फर्जी अकाउंट के पीछे कोई एकल व्यक्ति है या कोई संगठित साइबर गिरोह। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी या हिरासत की पुष्टि नहीं हुई है।
आम जनता पर असर और सावधानियाँ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में सरकारी अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर साइबर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि उपायुक्त जैसे वरिष्ठ पदाधिकारी के नाम का इस्तेमाल ठगी को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए किया जाता है, जिससे आम नागरिक आसानी से गुमराह हो सकते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सरकारी अधिकारी सोशल मीडिया के माध्यम से किसी से व्यक्तिगत रूप से पैसे नहीं माँगता। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पलामू जिला प्रशासन या साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर दी जानी चाहिए।