झारखंड सरकार राहुल गांधी के इशारे पर चल रही है: BJP सांसद निशिकांत दुबे का हेमंत सोरेन पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने शनिवार, 6 जून को रांची में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि सोरेन सरकार स्वतंत्र रूप से नहीं, बल्कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के निर्देश पर चल रही है। दुबे ने कहा कि झारखंड की जनता को यह समझना होगा कि राज्य का असली नेतृत्व कहाँ से हो रहा है।
मुख्य आरोप और राजनीतिक हमला
निशिकांत दुबे ने बिहार और असम विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने हेमंत सोरेन को सीट नहीं दी और वे कुछ नहीं कर पाए। इसी तरह असम के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने उन्हें एक सीट तक आवंटित नहीं की। दुबे के अनुसार, यह स्थिति दर्शाती है कि सोरेन का राजनीतिक कद गठबंधन में कितना सीमित है।
राज्यसभा चुनाव पर BJP का रुख
राज्यसभा चुनाव को लेकर BJP सांसद ने स्पष्ट किया कि उम्मीदवार की घोषणा समय पर होगी और किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने दोटूक कहा कि भाजपा चुनाव लड़ेगी — और पूरी ताकत के साथ लड़ेगी।
सरयू राय और रघुवर दास से रिश्ते पर बयान
निशिकांत दुबे ने वरिष्ठ नेता सरयू राय के साथ अपने संबंधों को व्यक्तिगत और अटूट बताया। उन्होंने कहा, 1991 से दोनों का रिश्ता कायम है और यह राजनीति से परे है — 35 वर्ष बाद भी उतना ही मजबूत है। उन्होंने जोड़ा कि किसी भी विपत्ति में सरयू राय सबसे पहले उनके पास आएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के बारे में पूछे जाने पर दुबे ने कहा कि वे एक महान नेता हैं और जब भी वे गले लगाना चाहेंगे, वे स्वयं पहले तैयार हैं।
BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष के झारखंड दौरे का संदर्भ
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के झारखंड दौरे पर दुबे ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जहाँ भी जाते हैं, कार्यकर्ताओं का उत्साह स्वाभाविक रूप से बढ़ता है। उन्होंने याद दिलाया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने झारखंड को राज्य का दर्जा दिलाया, लेकिन वर्ष 2000 से लेकर आज तक BJP अपने बलबूते पर यहाँ सरकार नहीं बना पाई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश यही है कि पार्टी को अपने पैरों पर खड़ा होना है और गंगोत्री से गंगासागर तक फहराने वाले भगवा झंडे में अपनी स्वतंत्र ताकत के साथ शामिल होना है।
आगे क्या
यह बयान ऐसे समय में आया है जब झारखंड में BJP अपनी संगठनात्मक मजबूती पर ध्यान केंद्रित कर रही है और राज्यसभा चुनाव की तैयारियाँ चल रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निशिकांत दुबे के इस हमले से राज्य की सियासत में नई बहस छिड़ सकती है।