राजीव रंजन प्रसाद का हेमंत सोरेन पर कटाक्ष, केजरीवाल के रास्ते पर चलने का आरोप

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राजीव रंजन प्रसाद का हेमंत सोरेन पर कटाक्ष, केजरीवाल के रास्ते पर चलने का आरोप

सारांश

जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि दोनों नेताओं की छवि अब जनता के बीच कमजोर हो चुकी है। इस लेख में उनके बयानों और आगामी चुनावों पर प्रभाव का विश्लेषण किया गया है।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल की राजनीतिक छवि अब कमजोर हो चुकी है।
हेमंत सोरेन सरकारी खर्चों पर सवाल उठाए गए हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव में प्रभाव पड़ सकता है।

पटना, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति में प्रवेश करते समय सादगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष का वादा किया था, और एक वैकल्पिक राजनीति का मॉडल प्रस्तुत करने का दावा किया था, लेकिन अब दिल्ली की जनता इसके परिणाम देख चुकी है।

राजीव रंजन ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "उनकी जमीन पर कोई विश्वसनीयता नहीं बची है और न ही भरोसेमंद नेतृत्व दिखाई देता है। उनके द्वारा दिए गए बयान केवल सुर्खियां बटोरने के लिए हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल की छवि अब पहले जैसी नहीं रही।"

उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे भी केजरीवाल के रास्ते पर चलने लगे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी निवास की सजावट और रखरखाव पर भारी खर्च करना जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ है।

उन्होंने आगे कहा कि जनधन का इस तरह उपयोग करना सही नहीं है और आगामी विधानसभा चुनाव में सोरेन सरकार को इसके लिए तैयार रहना चाहिए।

राजीव रंजन ने एसआईआर के संदर्भ में भी अपनी बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम वैध दस्तावेजों के साथ मतदाता सूची में है, तो एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से न हटे।

उन्होंने कहा, "इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह भी है कि जिनके पास सही दस्तावेज नहीं हैं, उनके नाम मतदाता सूची में शामिल न हों। बिहार में एसआईआर पहले ही ऐसा कार्य कर चुका है।"

वहीं, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने की चर्चा पर उन्होंने कहा कि संसद में अराजकता किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा, "लोकसभा के स्पीकर के रूप में ओम बिरला की नैतिक जिम्मेदारी है कि वे संसद की गरिमा बनाए रखें। असंतुष्ट लोग ऐसे प्रस्ताव ला सकते हैं, लेकिन संख्याबल को देखते हुए यह प्रस्ताव पूरी तरह खारिज होगा।"

इसके साथ ही, उन्होंने नेपाल में हुए चुनाव पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिसको भी जनादेश मिले, उसका सम्मान होना चाहिए।

उन्होंने कहा, "नेपाल हमारा पड़ोसी देश है और भारत-नेपाल के रिश्ते सदियों पुराने हैं। जब वहां नई सरकार बनेगी, तो भारत सरकार कूटनीतिक संबंधों को लेकर सबसे बेहतर फैसले लेगी और सही रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि कैसे राजनीतिक नेतृत्व की विश्वसनीयता मतदाताओं पर प्रभाव डालती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजीव रंजन प्रसाद ने केजरीवाल पर क्या आरोप लगाया है?
उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का वादा किया था, लेकिन अब उनकी छवि कमजोर हो चुकी है।
हेमंत सोरेन के सरकारी आवास पर खर्च को लेकर क्या कहा गया?
प्रसाद ने कहा कि सरकारी आवास की सजावट और रखरखाव पर खर्च करना जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
एसआईआर का उद्देश्य क्या है?
एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटे।
राष्ट्र प्रेस
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