14 सितंबर 2026
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जामिया मिलिया इस्लामिया ने हॉस्टल मेस में छिपकली मिलने की जांच को 4 सदस्यीय समिति गठित की

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जामिया मिलिया इस्लामिया ने हॉस्टल मेस में छिपकली मिलने की जांच को 4 सदस्यीय समिति गठित की

सारांश

जामिया मिलिया इस्लामिया के हॉस्टल मेस में छिपकली मिलने का आरोप — और उसके बाद सीसीटीवी फुटेज में एक छात्र का संदिग्ध व्यवहार। विश्वविद्यालय ने 4 सदस्यीय जांच समिति बनाई है और इसे सुनियोजित व्यवधान बताया है। जांच का नतीजा परिसर की दिशा तय करेगा।

मुख्य बातें

जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) ने 14 सितंबर 2026 को स्कूल हॉस्टल मेस में छिपकली मिलने की घटना की जांच के लिए 4 सदस्यीय समिति गठित की।
12-13 सितंबर को सैकड़ों छात्रों ने कुलपति कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
सीसीटीवी फुटेज में एक छात्र को दाल का कटोरा मेस की मेज के नीचे ले जाते देखा गया; विश्वविद्यालय ने सरकारी जांच एजेंसियों से मदद माँगी।
जेएमआई प्रशासन ने इसे सुनियोजित व्यवधान की कोशिश बताया और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
विश्वविद्यालय का दावा — दिल्ली-NCR के विश्वविद्यालयों में जेएमआई के मेस शुल्क सबसे कम हैं और गुणवत्ता की निगरानी नियमित रूप से होती है।

जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) ने 14 सितंबर 2026 को अपने स्कूल हॉस्टल की मेस में एक छात्र के दाल के कटोरे में कथित तौर पर छिपकली मिलने की घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस घटना के बाद 12-13 सितंबर को सैकड़ों छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

मुख्य घटनाक्रम

विश्वविद्यालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में हॉस्टल के एक छात्र को दाल का कटोरा मेस की मेज के नीचे ले जाते हुए देखा गया, जिसके बाद छात्रों के एक समूह ने कथित तौर पर हंगामा किया और आरोप लगाया कि उक्त कटोरे में छिपकली थी। जेएमआई प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वह इस फुटेज की जांच के लिए सरकारी जांच एजेंसियों से सक्रिय रूप से सहयोग मांग रहा है।

गठित चार सदस्यीय समिति को घटना से पूर्व की परिस्थितियों, संबंधित व्यक्तियों की भूमिकाओं और संपूर्ण सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच का दायित्व सौंपा गया है।

प्रशासन का रुख और जांच का दायरा

जेएमआई प्रशासन ने इस घटना को लेकर गहरी चिंता जताई है। विश्वविद्यालय का कहना है कि वह इस पूरे मामले को छात्रावासों के सामान्य कामकाज और शैक्षणिक वातावरण को बाधित करने के एक कथित सुनियोजित प्रयास के रूप में देख रहा है — चाहे वह निराधार आरोपों, गलत सूचनाओं या विघटनकारी गतिविधियों के ज़रिये हो।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच में जानबूझकर कोई गड़बड़ी, मनगढ़ंत तथ्य, गलत सूचना या कदाचार सिद्ध होता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ लागू नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।

मेस की गुणवत्ता पर विश्वविद्यालय का पक्ष

जेएमआई ने ज़ोर देकर कहा कि उसके छात्रावासों की मेसें कई दशकों से छात्रों की सेवा कर रही हैं और भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता की नियमित निगरानी प्रोवोस्ट, वार्डन, केयरटेकर और मेस समितियों द्वारा की जाती है। विश्वविद्यालय ने यह भी बताया कि कुलपति और रजिस्ट्रार सहित वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर छात्रावास की मेसों में भोजन करते हैं ताकि गुणवत्ता की प्रत्यक्ष जांच हो सके।

इसके अलावा, विश्वविद्यालय ने दावा किया कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में जेएमआई के मेस शुल्क सबसे कम हैं, और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं।

छात्रों का विरोध प्रदर्शन

यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों में छात्रावास सुविधाओं की गुणवत्ता को लेकर छात्र संगठन सक्रिय हैं। 12 और 13 सितंबर को जामिया के कुलपति कार्यालय के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों छात्र शामिल हुए, जिससे परिसर का माहौल तनावपूर्ण रहा।

आगे क्या होगा

अब सभी की निगाहें चार सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं। समिति की जांच के नतीजे यह तय करेंगे कि क्या यह महज़ एक खाद्य सुरक्षा का मामला था या इसके पीछे कोई सुनियोजित मंशा थी। जेएमआई प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच का परिणाम आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय परिसर के माहौल को आकार देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि छात्रों ने सैकड़ों की संख्या में विरोध क्यों किया — क्या यह केवल एक कटोरे की घटना थी या जमा हो रहे असंतोष का विस्फोट? जांच समिति की रिपोर्ट पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक की जाए, तभी विश्वास बहाली संभव होगी।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जामिया मिलिया इस्लामिया के हॉस्टल मेस में छिपकली मिलने की घटना क्या है?
जेएमआई के स्कूल हॉस्टल की मेस में एक छात्र के दाल के कटोरे में कथित तौर पर छिपकली मिली, जिसके बाद छात्रों ने हंगामा किया। विश्वविद्यालय ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में एक छात्र को कटोरा मेज के नीचे ले जाते देखा गया, जो संदेह पैदा करता है।
जेएमआई ने इस घटना की जांच के लिए क्या कदम उठाए हैं?
जेएमआई ने 14 सितंबर 2026 को 4 सदस्यीय जांच समिति गठित की है, जो सीसीटीवी फुटेज और घटना की पूरी परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच करेगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय ने सरकारी जांच एजेंसियों से फुटेज विश्लेषण में सहयोग माँगा है।
जामिया के छात्रों ने विरोध प्रदर्शन क्यों किया?
खाने में छिपकली मिलने के आरोप के बाद 12-13 सितंबर 2026 को सैकड़ों छात्रों ने जेएमआई के कुलपति कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने मेस में खाद्य मिलावट और स्वच्छता को लेकर अपना गुस्सा जताया।
जेएमआई प्रशासन इस घटना को कैसे देख रहा है?
जेएमआई प्रशासन ने इसे छात्रावासों के सामान्य कामकाज को बाधित करने का कथित सुनियोजित प्रयास बताया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि जानबूझकर गड़बड़ी या गलत सूचना प्रसार सिद्ध हुआ तो दोषियों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई होगी।
जेएमआई की हॉस्टल मेसों में खाने की गुणवत्ता कैसी है?
विश्वविद्यालय के अनुसार, मेसों में कई दशकों से नियमित निगरानी होती है और प्रोवोस्ट, वार्डन, केयरटेकर तथा मेस समितियाँ इसकी देखरेख करती हैं। जेएमआई का दावा है कि दिल्ली-NCR के विश्वविद्यालयों में उसके मेस शुल्क सबसे कम हैं और कुलपति व रजिस्ट्रार भी समय-समय पर मेसों में भोजन करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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