29 जुलाई 2026
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काकोली घोष दस्तीदार के बेटे ने ममता बनर्जी समेत 5 तृणमूल नेताओं को भेजा मानहानि नोटिस

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काकोली घोष दस्तीदार के बेटे ने ममता बनर्जी समेत 5 तृणमूल नेताओं को भेजा मानहानि नोटिस

सारांश

तृणमूल की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे बैद्यनाथ ने ममता बनर्जी समेत 5 नेताओं को मानहानि नोटिस भेजा। टिकट न मिलने और शराब सेवन के आरोपों को उन्होंने 'पूरी तरह झूठ' बताया। नोटिस सोमवार को तामील होगा।

मुख्य बातें

बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने 13 जून 2026 को ममता बनर्जी , सौगत रॉय , कल्याण बनर्जी , महुआ मोइत्रा और सोनाली गुहा को कानूनी नोटिस भेजा।
नोटिस में बारासात विधानसभा टिकट माँगने और शराब सेवन के आरोपों को 'झूठा और मानहानिकारक' बताया गया।
वकील पूजा शुक्ला द्वारा तैयार नोटिस सोमवार को तामील किए जाने की उम्मीद है।
उचित प्रतिक्रिया न मिलने पर मानहानि की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यह विवाद हाल के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल में बढ़ती आंतरिक दरार को उजागर करता है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने शनिवार, 13 जून 2026 को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तृणमूल सांसदों सौगत रॉय, कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा और पूर्व तृणमूल नेता सोनाली गुहा को कानूनी नोटिस भेजा। यह नोटिस उनके विरुद्ध लगाए गए कथित तौर पर झूठे, मानहानिकारक और निराधार आरोपों के जवाब में भेजा गया है।

नोटिस की पृष्ठभूमि

हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल के भीतर आंतरिक कलह सतह पर आ गई। सोनाली गुहा सहित कई तृणमूल नेताओं ने यह दावा किया था कि काकोली घोष दस्तीदार इसलिए पार्टी से बागी हुईं क्योंकि पार्टी ने उनके बेटे बैद्यनाथ घोष दस्तीदार को बारासात विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का टिकट देने से इनकार कर दिया था।

इन दावों के अलावा, सोनाली गुहा ने यह भी आरोप लगाया था कि बैद्यनाथ, उनके भाई और उनकी माँ — बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार — नियमित रूप से शराब का सेवन करते हैं।

आरोपों का खंडन

बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने एक विस्तृत बयान जारी कर इन सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी बारासात विधानसभा क्षेत्र से विधायक का टिकट नहीं माँगा, और इसके विपरीत किए गए सभी दावे 'पूरी तरह झूठे और मानहानिकारक' हैं। शराब सेवन संबंधी आरोपों को भी उन्होंने 'निराधार और बेबुनियाद' बताया।

कानूनी कार्रवाई का रास्ता

बयान के अनुसार, बैद्यनाथ की वकील पूजा शुक्ला ने पाँचों नामित व्यक्तियों को संबोधित कानूनी नोटिस तैयार किया है, जिस पर बैद्यनाथ ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह नोटिस सोमवार को तामील किए जाने की उम्मीद है।

बैद्यनाथ ने सभी संबंधित पक्षों से सार्वजनिक माफी माँगने और विवादास्पद बयान वापस लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उचित प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो वे मानहानि की कार्रवाई सहित कानून के तहत उपलब्ध सभी विकल्पों का उपयोग करेंगे।

तृणमूल में अंदरूनी दरार

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद अपनी आंतरिक एकता को लेकर दबाव में है। काकोली घोष दस्तीदार का पार्टी लाइन से हटना और अब उनके परिवार का कानूनी रास्ता अपनाना यह संकेत देता है कि यह मतभेद सार्वजनिक मंच पर और गहरे होते जा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के आंतरिक विवाद पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचा सकते हैं।

फिलहाल ममता बनर्जी या अन्य नामित तृणमूल नेताओं की ओर से इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। नोटिस तामील होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह पार्टी के भीतर संवाद-तंत्र के पूरी तरह टूटने का संकेत है। ध्यान देने वाली बात यह है कि नामित व्यक्तियों में महुआ मोइत्रा जैसे हाई-प्रोफाइल नाम भी शामिल हैं, जो इस विवाद को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना सकते हैं। बिना किसी सार्वजनिक सुलह के यह मामला अदालत तक पहुँचा तो TMC के लिए यह चुनावी नहीं, संस्थागत संकट बन सकता है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने कानूनी नोटिस क्यों भेजा?
बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने ममता बनर्जी और अन्य तृणमूल नेताओं द्वारा उनके और उनके परिवार पर लगाए गए कथित झूठे और मानहानिकारक आरोपों के जवाब में यह नोटिस भेजा। इन आरोपों में बारासात से टिकट माँगना और परिवार में शराब सेवन शामिल था, जिन्हें उन्होंने पूरी तरह निराधार बताया।
नोटिस में किन-किन नेताओं को नामित किया गया है?
नोटिस में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तृणमूल सांसद सौगत रॉय, कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा और पूर्व तृणमूल नेता सोनाली गुहा को नामित किया गया है। यह नोटिस वकील पूजा शुक्ला ने तैयार किया है।
काकोली घोष दस्तीदार तृणमूल से बागी क्यों हुईं?
तृणमूल नेताओं के अनुसार, काकोली घोष दस्तीदार इसलिए पार्टी से बागी हुईं क्योंकि पार्टी ने उनके बेटे बैद्यनाथ को हाल के विधानसभा चुनावों में बारासात सीट से टिकट नहीं दिया। हालाँकि बैद्यनाथ ने इस दावे को 'पूरी तरह झूठ' बताया है।
यह कानूनी नोटिस कब तामील होगा?
बयान के अनुसार, यह नोटिस सोमवार को तामील किए जाने की उम्मीद है। उचित प्रतिक्रिया न मिलने पर मानहानि की कार्रवाई सहित अन्य कानूनी विकल्प अपनाए जाएँगे।
क्या ममता बनर्जी या TMC ने इस नोटिस पर प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक ममता बनर्जी या अन्य नामित तृणमूल नेताओं की ओर से इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। नोटिस तामील होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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