आरजी कर मामला: काकोली घोष के बेटे बैद्यनाथ का बड़ा दावा, ममता बनर्जी समेत 5 नेताओं को लीगल नोटिस
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे बैद्यनाथ घोष ने 14 जून 2026 को कोलकाता में गंभीर आरोप लगाए — उनका दावा है कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले में आवाज़ उठाने पर उनकी माँ और परिवार पर दबाव डाला गया था। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत पाँच TMC नेताओं को कानूनी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है।
धमकी और दबाव के आरोप
बैद्यनाथ घोष ने बताया कि जब आरजी कर अस्पताल में पीड़िता 'अभया' के साथ हुई घटना सामने आई, तब उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था। उनके अनुसार, उस पोस्ट के बाद एसपी दास नामक एक व्यक्ति ने उनकी माँ को फोन कर धमकी दी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी को उनके दावे पर संदेह हो, तो उनकी माँ का फोन सीबीआई को सौंप दिया जाए और कॉल रिकॉर्ड की जाँच कराई जाए। उनके अनुसार उनके पास व्हाट्सऐप चैट, ईमेल और अन्य दस्तावेज़ी साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें वे ज़रूरत पड़ने पर अदालत को सौंपेंगे।
आई-पैक पर गंभीर इल्ज़ाम
बैद्यनाथ घोष ने दावा किया कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर आई-पैक को दो ईमेल भेजे थे — एक चुनाव से पहले भी। उनका आरोप है कि घटना के बाद उनकी माँ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर विरोध दर्ज कराते हुए एक पोस्ट किया था, लेकिन आई-पैक ने उस पोस्ट को हटा दिया।
उन्होंने माँग की कि इसका फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए, क्योंकि उनके अनुसार सांसदों के सोशल मीडिया अकाउंट तक आई-पैक की पहुँच होती है। यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने फेसबुक पर आरजी कर के तत्कालीन प्रिंसिपल के इस्तीफे और मेडिकल बोर्ड को बर्खास्त करने की माँग की, तब एसपी दास ने उनकी माँ को वह पोस्ट हटाने के लिए फोन किया।
अभया मामले पर बैद्यनाथ के गंभीर दावे
बैद्यनाथ घोष ने आरोप लगाया कि आरजी कर अस्पताल में 'अभया' की हत्या की गई, उनके साथ मारपीट और दुष्कर्म किया गया, और बाद में उनके शव को जला दिया गया। उनका यह भी आरोप है कि मृतका के माता-पिता को अपनी बेटी का शव देखने तक की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि उस समय TMC ने डर का ऐसा माहौल बनाया था कि लोग खुलकर बोल नहीं सकते थे।
किन नेताओं को भेजा जाएगा नोटिस
बैद्यनाथ घोष की कानूनी टीम ने एक ड्राफ्ट तैयार किया है, जिस पर वे हस्ताक्षर कर चुके हैं। यह नोटिस ममता बनर्जी, सांसद महुआ मोइत्रा, सांसद कल्याण बनर्जी, सांसद सौगत रॉय और सोनाली गुहा को भेजा जाएगा।
उनके अनुसार, महुआ मोइत्रा ने दावा किया था कि उनकी माँ पिछले तीन महीने से रो रही थीं ताकि उन्हें विधायक का टिकट मिल सके। सौगत रॉय ने कथित तौर पर कई मीडिया संस्थानों से कहा कि टिकट न मिलने के कारण बैद्यनाथ बागी हो गए। सोनाली गुहा पर उनकी माँ के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। कल्याण बनर्जी पर भी उनके और उनके भाई के बारे में आपत्तिजनक बयान देने का इल्ज़ाम है।
माफी न मिली तो कलकत्ता हाईकोर्ट जाएंगे
बैद्यनाथ घोष ने इन सभी आरोपों को '100 प्रतिशत झूठ' बताते हुए कहा कि उनकी कानूनी टीम सोमवार या मंगलवार तक नोटिस भेज देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे लिखित माफी की माँग करेंगे और भविष्य में ऐसे बयान न देने की शर्त रखेंगे। यदि 15 दिनों के भीतर माफी नहीं मिली, तो वे कलकत्ता हाईकोर्ट में मामला दायर करेंगे। यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC के भीतर बढ़ती दरारों का नया अध्याय बन सकता है।