यमुना स्वच्छता विवाद: सौरभ भारद्वाज ने मनोज तिवारी को कालिंदी कुंज का पानी पीने की चुनौती दी
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 29 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद मनोज तिवारी और दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा को खुली चुनौती दी कि वे कालिंदी कुंज घाट पर यमुना का पानी पीकर दिखाएं। छठ महापर्व से ठीक पहले यह बयान तब आया जब तिवारी का यमुना में डुबकी लगाते हुए एक वीडियो सामने आया, जिस पर 'आप' ने जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
विवाद की पृष्ठभूमि
छठ महापर्व के दौरान यमुना घाटों पर पूर्वांचल के लाखों श्रद्धालु सूर्य उपासना करते हैं। इसी संवेदनशील समय में यमुना की स्वच्छता को लेकर BJP और AAP के बीच सियासी तकरार हर वर्ष तेज होती है। इस बार BJP सांसद मनोज तिवारी के यमुना में डुबकी लगाने के वीडियो ने इस विवाद को नया आयाम दे दिया।
भारद्वाज ने दावा किया कि पिछले साल भी ऐसी ही चुनौती दी गई थी और BJP नेता उससे पीछे हट गए थे। उनके अनुसार, इस बार भी वही स्थिति दोहराई जाएगी।
यमुना प्रदूषण पर तकनीकी दावे
भारद्वाज ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पल्ला से वजीराबाद तक यमुना का करीब 26 किलोमीटर का हिस्सा अपेक्षाकृत साफ रहता है। उनके अनुसार, दिल्ली में प्रवेश करने के बाद पहला बड़ा नाला वजीराबाद के पास सिग्नेचर ब्रिज के निकट यमुना में गिरता है।
उन्होंने नजफगढ़ ड्रेन का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे करीब 862 एमजीडी पानी यमुना में पहुँचता है, जिससे नदी का प्रदूषण स्तर तेज़ी से बढ़ता है। उनका तर्क था कि शुरुआती 26 किलोमीटर के बाद जब नालों का पानी मिलता है तो स्थिति बिगड़ती है।
हरियाणा और 'कृत्रिम सफाई' का आरोप
'आप' प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले साल छठ महापर्व से पहले हरियाणा की BJP सरकार से हथिनीकुंड बैराज के ज़रिए यमुना में अतिरिक्त साफ पानी छोड़ा गया था। उन्होंने दावा किया कि इस बार भी कथित तौर पर ऐसा ही किया गया है, जिससे नदी में प्रदूषण का प्रभाव अस्थायी रूप से कम दिखाई देता है। हालांकि, ये आरोप 'आप' की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
भारद्वाज ने पिछले साल की एक घटना का उल्लेख करते हुए BJP पर कथित तौर पर बिसलेरी के पानी से यमुना का कृत्रिम दृश्य तैयार करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि यह मामला सामने आने के बाद BJP की योजना पर सवाल उठे थे। ये सभी आरोप 'आप' की ओर से हैं।
AAP कार्यकर्ताओं का घाट दौरा
'आप' कार्यकर्ताओं ने यमुना घाट का दौरा कर दावा किया कि मौके पर नदी का पानी काला दिखाई दिया और उसमें प्रदूषण मौजूद था। पार्टी ने मांग की कि मनोज तिवारी उस स्थान पर जाकर डुबकी लगाएं जहाँ नाले का पानी यमुना में गिरता है, और इसे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रसारित करें।
भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की जनता ने मनोज तिवारी को सांसद चुनकर जिम्मेदारी सौंपी है, इसलिए उन्हें यमुना की वास्तविक स्थिति के बारे में लोगों को सही जानकारी देनी चाहिए।
आगे क्या होगा
छठ महापर्व के दौरान घाटों पर पूर्वांचल के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था यमुना से जुड़ी होती है, और यह विवाद उस आस्था को राजनीतिक रंग देने की बहस के रूप में सामने आ रहा है। भाजपा की ओर से इस चुनौती पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यमुना की स्वच्छता का मुद्दा दिल्ली की राजनीति में हर चुनावी मौसम में केंद्र में आता रहा है और इस बार भी यह बहस छठ के बाद भी जारी रहने की संभावना है।