27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कांचरापाड़ा के प्राइवेट स्कूल से ₹1.44 करोड़ नकद बरामद, कैशियर व अकाउंटेंट गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कांचरापाड़ा के प्राइवेट स्कूल से ₹1.44 करोड़ नकद बरामद, कैशियर व अकाउंटेंट गिरफ्तार

सारांश

पश्चिम बंगाल के कांचरापाड़ा के एक प्राइवेट स्कूल से ₹1.44 करोड़ नकद और 'सिक रूम' से कंडोम का पैकेट मिला। विधायक सुदीप्त दास ने TMC नेताओं पर काला धन छिपाने का आरोप लगाया। कैशियर और अकाउंटेंट गिरफ्तार। यह घटना सुरेंद्रनाथ कॉलेज कैश कांड के एक हफ्ते बाद सामने आई।

मुख्य बातें

कांचरापाड़ा के एक प्राइवेट इंग्लिश-मीडियम स्कूल से ₹1.44 करोड़ की नकदी बरामद, सर्च ऑपरेशन 11 जून 2026 को हुआ।
स्कूल के कैशियर अभिक नाथ और असिस्टेंट अकाउंटेंट सायन घोष को गिरफ्तार किया गया।
विधायक सुदीप्त दास ने दावा किया कि यह TMC नेताओं — कमल अधिकारी, सुबोध अधिकारी और पार्थ भौमिक — का कथित काला धन है।
स्कूल के 'सिक रूम' की अलमारी में कंडोम का पैकेट भी बरामद; प्रिंसिपल ने अनजान बताया।
प्रिंसिपल विकास चंद्र पाल ने दावा किया कि रकम अप्रैल से जमा एडमिशन फीस है।
यह घटना सुरेंद्रनाथ कॉलेज में दीमक लगे नोटों से भरे सूटकेस मिलने के एक सप्ताह बाद हुई।

उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा स्थित एक प्राइवेट इंग्लिश-मीडियम स्कूल से पुलिस ने ₹1.44 करोड़ की नकदी बरामद की है और इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 11 जून 2026 की सुबह लगभग 4 बजकर 30 मिनट तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान यह रकम मिली। पुलिस अब यह जाँच कर रही है कि इतनी बड़ी धनराशि स्कूल परिसर में किस उद्देश्य से रखी गई थी।

मुख्य घटनाक्रम

बिजापुर के विधायक सुदीप्त दास अपने विधानसभा क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों का 'डेटा बैंक' तैयार कर रहे थे। इसी क्रम में उनके प्रतिनिधियों को इस स्कूल के बारे में संदिग्ध जानकारी मिली। इसके बाद विधायक बुधवार रात स्कूल पहुँचे और पुलिस को सूचित किया। तलाशी के दौरान नकदी मिलने पर रात में ही नोट गिनने वाली मशीन मंगवाई गई और बाद में बड़ी मात्रा को देखते हुए अतिरिक्त मशीनें भी बुलाई गईं।

नकदी के अलावा, स्कूल के 'सिक रूम' (बीमार बच्चों के लिए निर्धारित कमरे) की अलमारी में कंडोम का एक पैकेट भी बरामद हुआ, जिसने इस मामले को और संदिग्ध बना दिया है।

विधायक के आरोप

विधायक सुदीप्त दास ने इस बरामदगी को पूर्व राज्य मंत्री पार्थ चटर्जी के घर से मिली नकदी से जोड़ते हुए कहा, 'पूर्व राज्य मंत्री पार्थ चटर्जी के घर से पैसे मिले थे। अब स्कूल में कैश मिला है। यहाँ गड़बड़ी के आरोप लगते रहे हैं।'

विधायक ने आगे दावा किया कि यह धनराशि स्कूल की नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं — कमल अधिकारी, सुबोध अधिकारी और पार्थ भौमिक — का कथित काला धन है। उनके अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) की संभावित छापेमारी के भय से यह रकम स्कूल में छिपाई गई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांचरापाड़ा नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन कमल इस स्कूल की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष थे। हालाँकि, कमल, सुबोध या पार्थ की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।

स्कूल प्रशासन का पक्ष

स्कूल के प्रिंसिपल विकास चंद्र पाल ने दावा किया कि बरामद नकदी अप्रैल से जमा हो रही एडमिशन फीस है, जिसे बैंक में जमा किया जाना था। उन्होंने कहा, 'एडमिशन के लिए मिला पैसा लगभग अप्रैल से जमा हो रहा था। उस पैसे को बैंक में भेजा जाना था। अकाउंट्स सेक्शन इस पैसे का हिसाब-किताब देखेगा।' 'सिक रूम' में मिले कंडोम के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

गिरफ्तारी और जाँच

पूछताछ के दौरान बयानों में विसंगतियाँ पाए जाने पर पुलिस ने स्कूल के कैशियर अभिक नाथ और असिस्टेंट अकाउंटेंट सायन घोष को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, बरामद धनराशि का स्रोत और इतनी बड़ी रकम स्कूल परिसर में आने की परिस्थितियाँ जाँच का विषय हैं। प्रशासन का कहना है कि जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

व्यापक संदर्भ

यह घटना कोलकाता के सुरेंद्रनाथ कॉलेज में स्टूडेंट यूनियन रूम की अलमारी से दीमक लगे नोटों से भरा सूटकेस मिलने की घटना के मात्र एक सप्ताह बाद हुई है। उस मामले में भी हथियार और गर्भनिरोधक दवाओं के पैकेट बरामद हुए थे। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में शिक्षण संस्थानों से संदिग्ध नकदी बरामदगी की यह हालिया श्रृंखला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अभी तक न ED ने, न CBI ने कोई स्वतंत्र जाँच शुरू की है। असली सवाल यह है कि स्कूल प्रबंधन समितियाँ राजनीतिक संरक्षण में काम करती हैं या नहीं — और इसकी जवाबदेही तय करने वाला तंत्र कहाँ है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांचरापाड़ा स्कूल से कितनी नकदी बरामद हुई और कब?
उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा स्थित एक प्राइवेट इंग्लिश-मीडियम स्कूल से 11 जून 2026 की सुबह लगभग 4 बजकर 30 मिनट तक चले सर्च ऑपरेशन में ₹1.44 करोड़ की नकदी बरामद हुई। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने पूछताछ के दौरान बयानों में विसंगतियाँ पाए जाने पर स्कूल के कैशियर अभिक नाथ और असिस्टेंट अकाउंटेंट सायन घोष को गिरफ्तार किया है। जाँच जारी है।
विधायक सुदीप्त दास ने किस पर आरोप लगाए हैं?
बिजापुर के विधायक सुदीप्त दास ने दावा किया है कि बरामद धनराशि TMC नेताओं — कमल अधिकारी, सुबोध अधिकारी और पार्थ भौमिक — का कथित काला धन है, जिसे ED और CBI की छापेमारी के भय से स्कूल में छिपाया गया था। इन तीनों नेताओं की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
स्कूल प्रिंसिपल ने बरामद नकदी के बारे में क्या कहा?
प्रिंसिपल विकास चंद्र पाल ने दावा किया कि यह रकम अप्रैल से जमा हो रही एडमिशन फीस है, जिसे बैंक में भेजा जाना था। 'सिक रूम' में मिले कंडोम के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।
क्या पश्चिम बंगाल में इस तरह की घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
हाँ, यह घटना कोलकाता के सुरेंद्रनाथ कॉलेज में स्टूडेंट यूनियन रूम से दीमक लगे नोटों से भरा सूटकेस मिलने के मात्र एक सप्ताह बाद हुई है। उस मामले में भी हथियार और गर्भनिरोधक दवाओं के पैकेट बरामद हुए थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले