करम पर्व 2026: एडब्ल्यूडीसी ईएम अमृत बेक ने कोकराझार में आदिवासी महिलाओं को बाँटी पारंपरिक पोशाक
सारांश
मुख्य बातें
आदिवासी वेलफेयर एंड डेवलपमेंट काउंसिल (एडब्ल्यूडीसी) के कार्यकारी सदस्य अमृत बेक ने करम पर्व 2026 के उपलक्ष्य में कोकराझार जिले के दाओलबाड़ी और बंगलाबाड़ी चाय बागान क्षेत्रों में कार्यरत आदिवासी महिलाओं के बीच पारंपरिक पोशाक वितरित की। यह कार्यक्रम आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और मातृशक्ति के सम्मान के प्रतीक के रूप में आयोजित किया गया।
पोशाक वितरण का आयोजन
21 सितंबर 2026 को संपन्न इस कार्यक्रम में अमृत बेक ने चाय बागानों में काम करने वाली आदिवासी महिलाओं तक पहुँचकर पारंपरिक परिधान सौंपे। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में उपलब्ध धनराशि पर्याप्त नहीं है, फिर भी करम पर्व की तैयारियों के तहत यह वितरण सुनिश्चित किया गया।
असम सरकार और एडब्ल्यूडीसी समझौते की भूमिका
मीडिया से बातचीत में अमृत बेक ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का एडब्ल्यूडीसी समझौते के लिए आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार इस समझौते ने आदिवासी समुदाय को विकास के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं।
करम पर्व का महत्व
करम पर्व आदिवासी समाज का प्रकृति को समर्पित एक महत्वपूर्ण लोकपर्व है, जो समुदाय की संस्कृति, परंपरा और एकता का प्रतीक माना जाता है। कोकराझार जैसे आदिवासी बहुल जिलों में इस पर्व को लेकर व्यापक उत्साह देखा जा रहा है।
आम जनता पर असर
दाओलबाड़ी और बंगलाबाड़ी चाय बागानों में काम करने वाली महिला श्रमिक इस वितरण से लाभान्वित हुई हैं। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से मातृशक्ति को सम्मान देने की यह पहल समुदाय में सकारात्मक संदेश दे रही है।
आगे की राह
एडब्ल्यूडीसी की ओर से आदिवासी समुदाय के विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए आगे भी ऐसी पहलों के जारी रहने की उम्मीद है। अमृत बेक ने करम पर्व 2026 के अवसर पर समस्त आदिवासी समाज को शुभकामनाएँ दीं।