3 सितंबर 2026
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बागलकोट स्कूल छत हादसे पर आर. अशोक का राहुल गांधी को चैलेंज: 'रैलियाँ छोड़ो, बच्चों की सुनो'

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बागलकोट स्कूल छत हादसे पर आर. अशोक का राहुल गांधी को चैलेंज: 'रैलियाँ छोड़ो, बच्चों की सुनो'

सारांश

बागलकोट के एक सरकारी स्कूल में छत गिरने की घटना ने कर्नाटक में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। BJP नेता आर. अशोक ने राहुल गांधी को सीधी चुनौती दी — रैलियाँ और नारे छोड़कर मुगोलोली टांडा के उन बच्चों के पास जाएँ जिनके सिर से छत गिरी।

मुख्य बातें

बागलकोट तालुक के मुगोलोली टांडा में एक सरकारी स्कूल की छत उस वक्त गिरी जब बच्चे कक्षाओं में पढ़ रहे थे।
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर.
अशोक ने 3 सितंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रभावित स्कूल में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित करने की चुनौती दी।
अशोक ने कांग्रेस की 'गारंटी' राजनीति पर तंज कसा — 'आपने खटाखट दिया, कर्नाटक ने जवाब दिया — छत गिर गई।' BJP नेता ने आरोप लगाया कि राज्यभर के सरकारी स्कूलों में जूते-मोज़े, पाठ्यपुस्तकें, बस सेवाएँ और बुनियादी ढाँचा — सब अपर्याप्त है।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से भी कांग्रेस सरकार की गारंटियों का हिसाब माँगा गया।

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता आर. अशोक ने गुरुवार, 3 सितंबर को बागलकोट के एक सरकारी स्कूल में छत गिरने की घटना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने गांधी को चुनौती दी कि वे राजनीतिक मंचों की जगह प्रभावित स्कूल में जाकर छात्रों की आवाज़ सुनें।

घटनाक्रम: क्या हुआ बागलकोट में

बागलकोट तालुक के मुगोलोली टांडा में एक सरकारी स्कूल की छत उस वक्त गिर गई जब बच्चे कक्षाओं में पढ़ रहे थे। आर. अशोक ने इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया और इसे कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की कथित प्रशासनिक विफलता का प्रमाण बताया।

अशोक ने कहा, 'यह घटना महज एक आँकड़ा नहीं है — ये बच्चे हैं।' उन्होंने सवाल उठाया कि जो सरकार 'न्याय' और 'गारंटी' की बात करती है, वह छात्रों के सिर पर सुरक्षित छत की गारंटी क्यों नहीं दे सकती।

राहुल गांधी पर सीधा निशाना

अशोक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे राजनीतिक भाषणों और रैलियों की जगह कर्नाटक का दौरा करें और प्रभावित स्कूल में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित करें।

उन्होंने कहा, 'मंच को भूल जाओ। नारों को भूल जाओ। पहले से तैयार भाषणों को भूल जाओ। कर्नाटक आओ। इस स्कूल में खड़े हो जाओ। बच्चों को देखो। उनकी आवाज़ सुनो।'

अशोक ने कांग्रेस की 'गारंटी' राजनीति पर तंज कसते हुए कहा, 'आपने हमें खटाखट दिया। कर्नाटक ने आपको जवाब दिया है खटाखट — छत गिर गई।'

कांग्रेस सरकार पर आरोप

BJP नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में कर्नाटक के सरकारी स्कूलों की दशा लगातार बिगड़ रही है। उनके अनुसार राज्यभर में छात्रों को जूते-मोज़े की कमी, पाठ्यपुस्तकों की अनुपलब्धता, अपर्याप्त बस सेवाओं और जर्जर बुनियादी ढाँचे जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से भी सवाल किया कि सरकार की तथाकथित गारंटियाँ ज़मीन पर कहाँ नज़र आती हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

गौरतलब है कि भारत में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढाँचे की खस्ता हालत कोई नई समस्या नहीं है। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार देशभर में लाखों सरकारी स्कूल भवन जर्जर अवस्था में हैं और नियमित रखरखाव के अभाव में ऐसी दुर्घटनाएँ दोहराती रहती हैं। यह घटना ऐसे समय में आई है जब कर्नाटक सरकार अपनी कल्याणकारी गारंटी योजनाओं का व्यापक प्रचार कर रही है।

आगे क्या होगा

अशोक की इस चुनौती पर कांग्रेस या राहुल गांधी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बागलकोट हादसे की जाँच और प्रभावित बच्चों की स्थिति पर सरकार का रुख आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे हर दल सत्ता में रहते हुए नज़रअंदाज़ करता है और विपक्ष में आते ही हथियार बनाता है। आर. अशोक की चुनौती राजनीतिक रूप से तीखी ज़रूर है, लेकिन असली सवाल यह है कि कर्नाटक — या कोई भी राज्य — स्कूल भवनों के नियमित संरचनात्मक ऑडिट को अनिवार्य क्यों नहीं बनाता। 'गारंटी बनाम ज़मीनी हकीकत' की यह बहस तब तक बेमानी रहेगी जब तक जवाबदेही का कोई ठोस तंत्र नहीं बनता।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बागलकोट स्कूल छत हादसा क्या है?
कर्नाटक के बागलकोट तालुक के मुगोलोली टांडा में एक सरकारी स्कूल की छत उस समय गिर गई जब बच्चे कक्षाओं में पढ़ रहे थे। इस घटना ने राज्य में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढाँचे की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आर. अशोक ने राहुल गांधी को क्या चुनौती दी?
BJP नेता आर. अशोक ने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे राजनीतिक रैलियाँ और भाषण छोड़कर कर्नाटक आएँ, प्रभावित स्कूल में जाएँ और वहाँ 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की आवाज़ सुनना किसी भी मंच से बड़ा है।
अशोक ने कांग्रेस की 'गारंटी' पर क्या कहा?
अशोक ने कांग्रेस की कल्याणकारी गारंटी योजनाओं पर तंज कसते हुए कहा कि जो सरकार हर चीज़ की गारंटी देती है, वह बच्चे के सिर पर सुरक्षित छत की गारंटी भी नहीं दे सकती। उन्होंने कहा, 'आपने खटाखट दिया, कर्नाटक ने जवाब दिया — छत गिर गई।'
कर्नाटक के सरकारी स्कूलों में और क्या समस्याएँ बताई गईं?
आर. अशोक के अनुसार राज्यभर के सरकारी स्कूलों में जूते-मोज़े और पाठ्यपुस्तकों की कमी, अपर्याप्त बस सेवाएँ और जर्जर बुनियादी ढाँचा प्रमुख समस्याएँ हैं। उन्होंने इन्हें कांग्रेस सरकार की कथित प्रशासनिक उपेक्षा का परिणाम बताया।
इस मामले में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की क्या भूमिका है?
BJP नेता आर. अशोक ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से सीधे सवाल किया कि कांग्रेस सरकार की गारंटियाँ ज़मीन पर कहाँ दिखती हैं। अभी तक मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस विशेष हादसे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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