करूर भगदड़ मामले में सीबीआई के सामने तीसरी बार पूछताछ के लिए गए विजय
सारांश
Key Takeaways
- विजय थलापति ने सीबीआई के सामने तीसरी बार पूछताछ दी है।
- इस घटना में 41 लोगों की जान गई थी।
- सीबीआई सबूत जुटाने में जुटी है।
- टीवीके ने "टारगेट करूर" अभियान शुरू किया है।
- जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है।
चेन्नई, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता से राजनेता बने और तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) के अध्यक्ष विजय थलापति ने रविवार को सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष करूर भगदड़ मामले में पूछताछ के लिए प्रस्तुत हुए।
विजय सुबह नई दिल्ली में स्थित सीबीआई मुख्यालय पहुंचे। करूर हादसे की जांच के संदर्भ में यह तीसरी बार है जब विजय को सीबीआई ने तलब किया है। इससे पूर्व 12 और 19 जनवरी को भी विजय से पूछताछ की गई थी, जिसमें उन्होंने भगदड़ से संबंधित अपने प्रारंभिक बयान दिए थे।
अधिकारियों के अनुसार, इस बार पूछताछ का उद्देश्य विजय के पहले के बयान के कुछ पहलुओं पर और अधिक स्पष्टता प्राप्त करना है। सूत्रों के अनुसार, विजय ने चेन्नई में पूछताछ करने या तारीख को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। हालाँकि, सीबीआई ने दोनों अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया और विजय को राष्ट्रीय राजधानी में उपस्थित होने पर जोर दिया।
विजय के साथ, करूर कार्यक्रम के दौरान उनके ड्राइवर को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि दोनों व्यक्तियों से एक साथ पूछताछ की जा सकती है ताकि बयानों की पुष्टि की जा सके और हादसे के दिन की घटनाओं का मिलान किया जा सके।
फिलहाल, सीबीआई अपनी जांच के तहत सबूत जुटाने और गवाहों के बयान दर्ज करने में जुटी हुई है। अधिकारियों ने बताया है कि अभी भी जांच का यह चरण चल रहा है और एजेंसी जांच के दौरान प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर आरोप पत्र तैयार करेगी। आने वाले दिनों में जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है।
सीबीआई ने रैली से जुड़े प्रशासनिक और राजनीतिक हालातों की जानकारी हासिल करने के तहत करूर विधायक सेंथिल कुमार को भी मंगलवार को पूछताछ के लिए तलब किया है।
सीबीआई की जांच के बीच, विजय की राजनीतिक पार्टी टीवीके ने क्षेत्र की स्थानीय आबादी के बीच अपने समर्थन आधार को मजबूत करने के लिए "टारगेट करूर" नाम से एक अभियान शुरू किया है।
गौरतलब है कि 27 सितंबर 2025 को करूर में विजय की चुनावी रैली के दौरान भारी भीड़ जमा हुई थी। जब भीड़ आगे बढ़ने लगी तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। इस हादसे में महिलाओं और बच्चों सहित 41 लोगों की जान चली गई।