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कश्मीर मटन डीलर्स हड़ताल खत्म: उमर अब्दुल्ला बोले — 'व्यापारियों के साथ हो रही थी नाइंसाफी'

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कश्मीर मटन डीलर्स हड़ताल खत्म: उमर अब्दुल्ला बोले — 'व्यापारियों के साथ हो रही थी नाइंसाफी'

सारांश

पंजाब के चेक पॉइंट्स पर अवैध 'कैटल फेयर लेवी' के विरोध में शुरू हुई कश्मीर मटन डीलर्स की 10-12 दिन पुरानी हड़ताल 3 जुलाई को खत्म हुई। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भगवंत मान से सीधी बात कर लिखित आश्वासन दिलाया — शादी के सीजन में मटन संकट से जूझ रही घाटी को राहत मिली।

मुख्य बातें

कश्मीर मटन डीलर्स एसोसिएशन ने 3 जुलाई को अपनी 10 से 12 दिन पुरानी हड़ताल समाप्त की।
पंजाब के शंभू बॉर्डर और माधवपुर चेक पॉइंट्स पर ट्रांजिट पशु वाहनों से अवैध 'कैटल फेयर लेवी' वसूली हड़ताल की मुख्य वजह थी।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सीधे भगवंत मान से बात कर मामला सुलझाया; पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने लिखित आश्वासन दिया।
हड़ताल के चलते शादी के सीजन में घाटी में मटन की भारी कमी हो गई थी।
उमर अब्दुल्ला ने PM मोदी की अमरनाथ यात्रियों से बजट का 10% स्थानीय उत्पादों पर खर्च करने की अपील का स्वागत किया।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 4 जुलाई को कश्मीर मटन डीलर्स एसोसिएशन की करीब 10 से 12 दिन पुरानी हड़ताल समाप्त होने पर राहत जताई और कहा कि कश्मीरी व्यापारियों के साथ नाइंसाफी हो रही थी। यह विवाद पंजाब के चेक पॉइंट्स पर पशु वाहनों से अवैध वसूली को लेकर उपजा था, जिसने घाटी में मटन की आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया था।

हड़ताल की पृष्ठभूमि

कश्मीरी पशु व्यापारियों का आरोप था कि पंजाब के शंभू बॉर्डर और माधवपुर जैसे चेक पॉइंट्स पर ठेकेदार ट्रांजिट में गुजरने वाले पशु वाहनों से जबरन अवैध 'कैटल फेयर लेवी' वसूल रहे थे। ये वाहन राजस्थान और दिल्ली से जम्मू-कश्मीर जा रहे थे। इस विवाद के चलते शादी के सीजन की शुरुआत में ही घाटी में मटन की भारी कमी हो गई।

मुख्यमंत्री का बयान

उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया, 'माल हमारा न पंजाब से आ रहा था और न ही पंजाब में बिक रहा था। राजस्थान से माल आ रहा था और हाईवे के जरिए यहां लाया जा रहा था। इसके बावजूद उस पर कई तरह के टैक्स लगाए जा रहे थे, जो हमारे लोगों के साथ गलत था। अब अगर मसला हल हो गया है तो यह अच्छी बात है। हम लगातार इसी सिलसिले में पंजाब सरकार के संपर्क में थे।'

समाधान की प्रक्रिया

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सीधे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात कर इस मुद्दे को उठाया। इसके बाद पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने पुलिस और जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए कि ट्रांजिट में गुजरने वाले पशु वाहनों को किसी भी प्रकार से रोका या परेशान न किया जाए। इस लिखित आश्वासन के बाद 3 जुलाई को एसोसिएशन ने हड़ताल वापस ले ली।

भारत-पाक संवाद पर प्रतिक्रिया

मीडिया से बातचीत में उमर अब्दुल्ला ने भारत-पाकिस्तान संबंधों पर भी अपनी राय रखी। भारत और पाकिस्तान के 100 से अधिक प्रमुख नागरिकों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को द्विपक्षीय वार्ता बहाल करने की अपील वाले पत्र पर उन्होंने कहा, 'फारूक अब्दुल्ला के हस्ताक्षर या मेरे बयान को लेकर इतनी खबरें क्यों बनाई जाती हैं? जब आरएसएस के नेता इसी तरह की बातें करते हैं, तब न एजेंसियां, न चैनल और न ही कोई दूसरा इसे प्रमुखता देता है।'

अमरनाथ यात्रा और स्थानीय अर्थव्यवस्था

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील का स्वागत किया जिसमें अमरनाथ यात्रियों से अपने यात्रा बजट का 10 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर खर्च करने को कहा गया था। उन्होंने कहा, 'यह बहुत अच्छा सुझाव है। अगर श्रद्धालु ऐसा करेंगे तो हमारे स्थानीय लोगों को फायदा होगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब घाटी की अर्थव्यवस्था को पर्यटन और तीर्थाटन से नई गति मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह अंतर-राज्यीय पशु परिवहन नियमन की उस खामी को उजागर करता है जहाँ ट्रांजिट वाहनों पर अनधिकृत वसूली के लिए कोई प्रभावी निगरानी तंत्र नहीं है। गौरतलब है कि समाधान तभी आया जब मुख्यमंत्री स्तर पर सीधी बात हुई — यानी संस्थागत चैनल नाकाफी साबित हुए। भारत-पाक पत्र पर उमर अब्दुल्ला की तीखी टिप्पणी भी संकेत देती है कि कश्मीरी नेताओं की हर राजनीतिक अभिव्यक्ति को जिस असमान तराजू से तौला जाता है, उस पर बहस अभी अधूरी है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कश्मीर मटन डीलर्स एसोसिएशन की हड़ताल क्यों हुई थी?
कश्मीरी पशु व्यापारियों का आरोप था कि पंजाब के शंभू बॉर्डर और माधवपुर चेक पॉइंट्स पर ठेकेदार राजस्थान और दिल्ली से जम्मू-कश्मीर जाने वाले ट्रांजिट पशु वाहनों से अवैध 'कैटल फेयर लेवी' जबरन वसूल रहे थे। इसके विरोध में एसोसिएशन ने करीब 10 से 12 दिन की हड़ताल की।
हड़ताल कब और कैसे समाप्त हुई?
हड़ताल 3 जुलाई को समाप्त हुई, जब पंजाब सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिला कि ट्रांजिट पशु वाहनों को नहीं रोका जाएगा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सीधे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात कर यह आश्वासन दिलाया।
इस हड़ताल का घाटी पर क्या असर पड़ा?
हड़ताल के दौरान घाटी में मटन की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई और शादी के सीजन की शुरुआत में ही भारी कमी हो गई। इससे स्थानीय उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों को नुकसान उठाना पड़ा।
उमर अब्दुल्ला ने भारत-पाक पत्र पर क्या कहा?
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला के हस्ताक्षर या उनके बयान पर जितनी खबरें बनती हैं, उतनी आरएसएस नेताओं के इसी तरह के बयानों पर नहीं बनतीं। उन्होंने इसे मीडिया और राजनीतिक कवरेज में दोहरे मानदंड का उदाहरण बताया।
PM मोदी की अमरनाथ यात्रा अपील पर उमर अब्दुल्ला की क्या प्रतिक्रिया थी?
उमर अब्दुल्ला ने PM मोदी की उस अपील का स्वागत किया जिसमें अमरनाथ यात्रियों से अपने बजट का 10 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर खर्च करने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को सीधा आर्थिक लाभ होगा।
राष्ट्र प्रेस
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