27 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कश्मीरी पंडितों को धमकी भरे पत्र भेजने के आरोप में हरियाणा से एक्टिविस्ट राकेश हांडू गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कश्मीरी पंडितों को धमकी भरे पत्र भेजने के आरोप में हरियाणा से एक्टिविस्ट राकेश हांडू गिरफ्तार

सारांश

कश्मीरी पंडित समुदाय के भीतर से ही एक एक्टिविस्ट पर धमकी अभियान का आरोप — यह मोड़ जाँच को नया आयाम देता है। राकेश हांडू की गिरफ्तारी ने सवाल उठाया कि सैकड़ों कर्मचारियों को तीन हफ्ते घाटी से दूर रखने वाली धमकियाँ आखिर किस मकसद से दी गई थीं।

मुख्य बातें

राकेश हांडू को 17 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के फरीदाबाद से बारामुला पुलिस ने गिरफ्तार किया।
हांडू पर आरोप है कि उसने अगस्त 2026 में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के नाम और संपर्क विवरण सहित धमकी भरे पत्र प्रसारित किए।
मामले में UAPA और साइबर अपराध की धाराएँ लगाई गई हैं; 21 सितंबर को एफआईआर दर्ज हुई थी।
धमकियों के कारण सैकड़ों कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारी करीब तीन हफ्तों तक घाटी से दूर रहे।
हांडू ने 2008 में हज़रतबल सीट से फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ चुनाव लड़ा था और हारे थे।
धमकियों के पीछे का मकसद अभी भी जाँच का विषय है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 27 अक्टूबर 2026 को बताया कि राकेश हांडू नामक एक एक्टिविस्ट को 17 अक्टूबर को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया — उस पर आरोप है कि उसने कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारियों को धमकी भरे पत्र भेजे, जिनमें उन्हें घाटी छोड़ने की चेतावनी दी गई थी। इन पत्रों के कारण प्रधानमंत्री के विशेष रोज़गार पैकेज के तहत नियुक्त सैकड़ों कश्मीरी पंडित कर्मचारी करीब तीन हफ्तों तक अपनी ड्यूटी से दूर रहे।

मुख्य घटनाक्रम

बारामुला पुलिस की एक विशेष टीम ने हांडू को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, ये धमकी भरे पत्र अगस्त 2026 में फैलाए गए थे और इनमें कथित तौर पर कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के नाम और संपर्क विवरण शामिल थे। पुलिस ने 21 सितंबर को एफआईआर दर्ज की थी और हांडू को 26 सितंबर को बारामुला में उपस्थित होने का समन दिया था।

पुलिस ने स्पष्ट किया, 'क्योंकि वह बार-बार समन के बावजूद पेश नहीं हुआ, इसलिए उसे फरीदाबाद में गिरफ्तार करने के लिए एक टीम भेजी गई।' यह मामला एक गैर-जमानती अपराध के रूप में दर्ज है।

आरोप और कानूनी कार्रवाई

हांडू के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और साइबर अपराध से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। कश्मीर ज़ोन के पुलिस महानिरीक्षक सुजीत कुमार ने कहा कि जाँच में हांडू की संलिप्तता के पर्याप्त सुराग मिले हैं और कानूनी कार्रवाई जारी है।

गौरतलब है कि हांडू ने 2008 के विधानसभा चुनाव में श्रीनगर जिले के हज़रतबल विधानसभा क्षेत्र से नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के विरुद्ध चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अधिकारियों के अनुसार, हांडू के धमकी भरे पत्र भेजने के पीछे के मकसद का पता लगाने के लिए जाँच अभी भी जारी है।

समुदाय पर असर

इन धमकी भरे पत्रों ने प्रधानमंत्री के विशेष रोज़गार पैकेज के तहत नियुक्त कश्मीरी पंडित कर्मचारियों में गहरी बेचैनी पैदा कर दी थी। सुरक्षा चिंताओं के चलते सैकड़ों कर्मचारियों को प्रशासनिक अवकाश पर भेजा गया और वे लगभग तीन हफ्तों तक घाटी में अपने कार्यस्थलों पर नहीं जा सके।

यह ऐसे समय में आया है जब जुलाई और अगस्त 2026 में प्रवासी मजदूरों पर धमकियों और लक्षित हमलों के बाद अधिकारियों ने एक व्यापक अभियान चलाया था, जिसमें आतंकवादी संगठनों के संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्कर्स के रूप में 3,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

व्यापक सुरक्षा संदर्भ

इस मामले ने धमकियों की उत्पत्ति और सुरक्षा प्रतिक्रिया की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े किए हैं। यह पहली बार है जब कश्मीरी पंडित समुदाय के भीतर से ही किसी व्यक्ति को समुदाय के विरुद्ध धमकी अभियान में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया है — एक ऐसा मोड़ जिसने जाँच की दिशा को नया आयाम दिया है। जाँच के नतीजे इस पूरे मामले में और अधिक परतें उघाड़ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समुदाय के भीतर से आईं, तो सैकड़ों कर्मचारियों को तीन हफ्ते प्रशासनिक अवकाश पर भेजने का निर्णय कितना सुविचारित था। UAPA जैसे कड़े कानून का प्रयोग यह दर्शाता है कि पुलिस इसे हल्के में नहीं ले रही, लेकिन मकसद की जाँच के बिना यह मामला अधूरा रहेगा।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राकेश हांडू को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है?
राकेश हांडू को कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारियों को धमकी भरे पत्र भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कर्मचारियों के नाम और संपर्क विवरण थे और उन्हें घाटी छोड़ने की चेतावनी दी गई थी। उन पर UAPA और साइबर अपराध की धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
इन धमकी भरे पत्रों का कश्मीरी पंडित कर्मचारियों पर क्या असर पड़ा?
इन धमकी भरे पत्रों के कारण प्रधानमंत्री के विशेष रोज़गार पैकेज के तहत नियुक्त सैकड़ों कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को करीब तीन हफ्तों तक प्रशासनिक अवकाश पर रहना पड़ा और वे घाटी में अपने कार्यस्थलों पर नहीं जा सके।
राकेश हांडू को कहाँ से और कब गिरफ्तार किया गया?
राकेश हांडू को 17 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के फरीदाबाद से बारामुला पुलिस की एक विशेष टीम ने गिरफ्तार किया। उसे बार-बार समन के बावजूद बारामुला में पेश न होने के कारण फरीदाबाद जाकर हिरासत में लिया गया।
राकेश हांडू की पृष्ठभूमि क्या है?
राकेश हांडू एक कश्मीरी पंडित एक्टिविस्ट हैं। उन्होंने 2008 के विधानसभा चुनाव में श्रीनगर जिले के हज़रतबल विधानसभा क्षेत्र से नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के विरुद्ध चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे।
इस मामले में UAPA क्यों लगाया गया?
पुलिस ने धमकी भरे पत्रों को गैरकानूनी गतिविधि मानते हुए UAPA और साइबर अपराध की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जो इसे एक गैर-जमानती अपराध बनाता है। धमकियों के पीछे के मकसद का पता लगाने के लिए जाँच अभी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले