क्या केरल की नीलांबुर सीट पर उपचुनाव में सबसे ज्यादा मतदान हुआ?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 19 जून (राष्ट्र प्रेस)। देश के विभिन्न राज्यों में 5 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए सुबह 7 बजे से शांतिपूर्ण मतदान का सिलसिला जारी है। मतदान केंद्रों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। शुरुआती दो घंटों में केरल की नीलांबुर विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा मतदान हुआ है, वहीं सुबह 9 बजे तक पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट पर सबसे कम वोट पड़े हैं।
चुनाव आयोग ने उपचुनाव के लिए सुबह 9 बजे तक के मतदान आंकड़े जारी किए। आयोग के मुताबिक, केरल की नीलांबुर सीट पर प्रारंभिक दो घंटों में 13.15 प्रतिशत वोट डाले गए। वहीं, गुजरात की विसावदर सीट पर 12.10 प्रतिशत और कडी सीट पर 9.05 प्रतिशत मतदान हुआ है। पश्चिम बंगाल की कालीगंज सीट पर सुबह 9 बजे तक 10.83 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले जबकि पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट पर 8.50 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
उपचुनाव की घोषणा की गई 5 विधानसभा सीटों में से चार अलग-अलग राज्यों से हैं, जिनमें गुजरात की विसावदर और कडी विधानसभा सीट शामिल हैं। कडी सीट विधायक करसन सोलंकी के निधन के बाद ख़ाली हुई जबकि विसावदर में आप विधायक भूपेंद्र भयानी ने इस्तीफा दिया था।
केरल की नीलांबुर विधानसभा सीट उपचुनाव के तहत है, जो विधायक पीवी अनवर के इस्तीफे के बाद ख़ाली हुई। पंजाब में लुधियाना पश्चिम और पश्चिम बंगाल में कालीगंज विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान हो रहा है। लुधियाना पश्चिम सीट से विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी के निधन के कारण उपचुनाव की स्थिति बनी। इसी तरह कालीगंज सीट विधायक नसरुद्दीन अहमद के निधन के बाद ख़ाली थी।
सभी 5 विधानसभा चुनावों के उपचुनावों के लिए 26 मई को अधिसूचना जारी की गई। इसके बाद 2 जून तक नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया चली। उम्मीदवारों के लिए नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 5 जून थी। 19 जून को वोटिंग के बाद 23 जून को सभी 5 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे।