क्या कांग्रेस पैदाइशी रूप से पिछड़ा विरोधी पार्टी है? : केशव प्रसाद मौर्य

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क्या कांग्रेस पैदाइशी रूप से पिछड़ा विरोधी पार्टी है? : केशव प्रसाद मौर्य

सारांश

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस, सपा और राजद पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि ये पार्टीयां पिछड़ा वर्ग के विकास में बाधक हैं। क्या यह सच है? जानिए इस मुद्दे पर उनके विचार और आगामी जनगणना का महत्व।

मुख्य बातें

कांग्रेस और अन्य दलों पर पिछड़ा वर्ग के खिलाफ भेदभाव का आरोप।
जातिगत जनगणना से पिछड़ों को मिलेगा विकास का अवसर।
सरकार का यह कदम सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण है।

लखनऊ, 17 जून (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर पिछड़ा वर्ग विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये दल पिछड़ों के नाम पर राजनीतिक लाभ तो उठाते हैं, लेकिन वास्तव में इनका विकास नहीं करते।

केशव मौर्य ने कहा, “कांग्रेस पैदाइशी रूप से पिछड़ों की विरोधी पार्टी है। सपा और राजद के नेता अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव पिछड़ों की बात तो करते हैं, लेकिन उनके हितों को हड़प लेते हैं। इन दलों ने हमेशा पिछड़ा वर्ग के नाम पर वोट बटोरे, लेकिन उन्हें विकास की मुख्यधारा में नहीं लाया।”

उन्होंने आगे कहा कि जातिगत जनगणना से उन समुदायों को लाभ मिलेगा, जो अब तक शिक्षा, सरकारी नौकरी और राजनीतिक हिस्सेदारी से वंचित रहे हैं। यह जनगणना उनके लिए नए रास्ते खोलेगी और उनका भविष्य उज्ज्वल होगा।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस कदम को सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा प्रयास बताते हुए कहा कि यह उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा, जिन्हें अभी तक समाज की मुख्यधारा में स्थान नहीं मिला, जिनके घरों में शिक्षा का अभाव है, जिन्हें सरकारी सेवाओं में प्रतिनिधित्व नहीं मिला, उनके लिए यह जनगणना एक नई शुरुआत होगी। हम सरकार की इस पहल की सराहना करते हैं। सरकार का यह कदम पिछड़ा वर्ग के सशक्तीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

इसके साथ ही केशव प्रसाद मौर्य ने अकबरपुर बस स्टेशन का नाम बदलकर श्रवण कुमार के नाम पर किए जाने के प्रस्ताव का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा, “श्रवण कुमार हमारे धार्मिक ग्रंथों में मातृभक्ति और पितृभक्ति के प्रतीक हैं। हर माता-पिता की इच्छा होती है कि उनकी संतान श्रवण जैसी हो। इसका सभी को स्वागत करना चाहिए।”

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक दलों को हमेशा अपने वादों पर खरा उतरना चाहिए। यदि पिछड़ा वर्ग के विकास की बात की जाती है, तो इसे केवल चुनावी हथियार के रूप में नहीं बल्कि सच्चे प्रयासों के रूप में लागू करना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केशव प्रसाद मौर्य ने किन दलों पर आरोप लगाया?
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर आरोप लगाया है कि ये दल पिछड़ा वर्ग के विकास के प्रति अनदेखी कर रहे हैं।
जातिगत जनगणना का महत्व क्या है?
जातिगत जनगणना से उन समुदायों को लाभ मिलेगा जो अब तक शिक्षा, सरकारी नौकरी और राजनीतिक हिस्सेदारी से वंचित रहे हैं। यह उनके लिए नए अवसर खोलेगी।
राष्ट्र प्रेस