केतन हत्याकांड: आरोपी सिया और चेतन ने पुणे की पहाड़ी पर की थी 'मर्डर रिहर्सल', लोहगढ़ किले पर दिया अंजाम
सारांश
मुख्य बातें
पुणे पुलिस की जाँच में केतन हत्याकांड को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है — आरोपी सिया और चेतन ने लोनावला के लोहगढ़ किले पर केतन की हत्या को अंजाम देने से पहले पुणे के लुल्ला नगर स्थित एक पहाड़ी पर 'मर्डर रिहर्सल' की थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान यह स्वीकार किया कि उन्होंने पहले यह परखा कि किसी व्यक्ति को पहाड़ी से धक्का देने पर उसकी मौत हो सकती है या नहीं।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस जाँच के अनुसार, आरोपी सिया और चेतन ने सबसे पहले पुणे के लुल्ला नगर स्थित पहाड़ी इलाके — जो सैन्य क्षेत्र के समीप है — में जाकर अपनी साजिश का अभ्यास किया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वहाँ उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि पहाड़ी से धक्का देने पर व्यक्ति की मौत हो सकती है या नहीं। इस कथित 'प्रैक्टिस' के बाद दोनों ने अपनी योजना को लोनावला के लोहगढ़ किले की पहाड़ी पर अंजाम दिया, जहाँ केतन को धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया गया।
पुलिस की छानबीन
सिया और चेतन के बयानों के आधार पर गुरुवार सुबह पुणे पुलिस की एक टीम अत्यंत गोपनीय तरीके से लुल्ला नगर की उसी पहाड़ी पर पहुँची, जहाँ हत्या की कथित रिहर्सल की गई थी। पुलिस ने मौके का बारीकी से निरीक्षण किया और पूरे घटनास्थल का पंचनामा तैयार किया। सूत्रों के अनुसार, मौके से जुटाए गए साक्ष्य और यह पंचनामा आगे अदालत में सबूत के तौर पर पेश किए जा सकते हैं।
साजिश की गहराई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला महज हत्या का नहीं, बल्कि एक बेहद सुनियोजित साजिश का प्रतीत होता है। जिस तरह पहले हत्या की योजना बनाई गई और फिर उसकी कथित रिहर्सल की गई, उसने जाँच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस स्तर की पूर्व-नियोजित साजिश आमतौर पर पेशेवर अपराधियों में भी कम देखने को मिलती है।
आगे की जाँच
फिलहाल पुलिस मामले की हर कड़ी को जोड़ते हुए यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की पूरी साजिश कब और कैसे रची गई तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। जाँच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।