3 जुलाई 2026
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मंगोलिया में 'खान क्वेस्ट 2026' सम्पन्न: 18 देशों के 1,000 से अधिक सैनिकों ने लिया हिस्सा, भारतीय सेना ने छोड़ी अमिट छाप

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मंगोलिया में 'खान क्वेस्ट 2026' सम्पन्न: 18 देशों के 1,000 से अधिक सैनिकों ने लिया हिस्सा, भारतीय सेना ने छोड़ी अमिट छाप

सारांश

'खान क्वेस्ट 2026' महज एक सैन्य कवायद नहीं — यह 18 देशों की सेनाओं के बीच विश्वास, तालमेल और शांति स्थापना की साझा प्रतिबद्धता का मंच था। भारतीय सेना ने यहाँ न केवल अपनी परिचालन दक्षता, बल्कि 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना से वैश्विक सैन्य कूटनीति में भी अपनी छाप छोड़ी।

मुख्य बातें

बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास 'खान क्वेस्ट 2026' का 3 जुलाई 2026 को मंगोलिया में सफल समापन हुआ।
18 देशों के 1,000 से अधिक सैनिकों ने 20 जून से 3 जुलाई तक चले इस अभ्यास में भाग लिया।
यह अभ्यास का 23वाँ संस्करण था, जो उलानबटार के फाइव हिल्स प्रशिक्षण क्षेत्र में आयोजित हुआ।
अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय-7 के तहत शांति स्थापना प्रशिक्षण पर केंद्रित था।
समापन समारोह में मंगोलिया के रक्षा उपमंत्री मेजर जनरल बासानदाम्बा दश्तसेदेन और लेफ्टिनेंट जनरल गनब्याम्बा सुनरेव उपस्थित रहे।
भारतीय सेना ने सैन्य दक्षता के साथ-साथ 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।

बहुराष्ट्रीय संयुक्त सैन्य अभ्यास 'खान क्वेस्ट 2026' का 3 जुलाई 2026 को मंगोलिया में सफल समापन हुआ, जिसमें 18 देशों के 1,000 से अधिक सैनिकों ने 20 जून से 3 जुलाई तक चले इस अभ्यास में भाग लिया। भारतीय सेना ने इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पेशेवर दक्षता, अनुशासन और संयुक्त अभियान कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

अभ्यास का स्वरूप और उद्देश्य

इस वर्ष के अभ्यास का 23वाँ संस्करण मंगोलिया की राजधानी उलानबटार के फाइव हिल्स प्रशिक्षण क्षेत्र में आयोजित किया गया। अभ्यास में कमांड पोस्ट और फील्ड ट्रेनिंग दोनों प्रकार की गतिविधियाँ शामिल रहीं। इसका मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय-7 के तहत शांति स्थापना अभियानों के लिए सैनिकों को प्रशिक्षित करना, विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच आपसी समझ बढ़ाना और संयुक्त अभियानों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना था।

गौरतलब है कि 'खान क्वेस्ट' की शुरुआत वर्ष 2003 में अमेरिका और मंगोलिया के बीच एक द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास के रूप में हुई थी। 2006 में इसे बहुराष्ट्रीय स्वरूप दिया गया और तब से यह संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के लिए सैनिकों को प्रशिक्षित करने वाले एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।

भारतीय सेना का प्रदर्शन

अभ्यास के दौरान भारतीय सेना के दल ने विभिन्न संयुक्त सैन्य गतिविधियों, सामरिक अभ्यासों और सिमुलेशन आधारित परिदृश्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई। सैनिकों ने शांति स्थापना अभियानों से जुड़ी जटिल परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की योग्यता और बहुराष्ट्रीय बलों के साथ प्रभावी समन्वय का प्रदर्शन किया।

भारतीय दल ने अपने उत्कृष्ट अनुशासन, पेशेवर दक्षता और परिचालन तैयारी से सभी प्रतिभागी देशों के बीच एक मजबूत पहचान बनाई। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक शांति अभियानों में अपनी सक्रिय भूमिका को और सुदृढ़ कर रहा है।

सांस्कृतिक कूटनीति का प्रदर्शन

सैन्य गतिविधियों के साथ-साथ भारतीय सेना ने सांस्कृतिक मंच पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। भारतीय दल ने एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया तथा 'वसुधैव कुटुम्बकम् — विश्व एक परिवार है' की भावना को साकार किया। इस सांस्कृतिक प्रस्तुति को प्रतिभागी देशों के प्रतिनिधियों ने सराहा।

समापन समारोह और प्रतिक्रियाएँ

अभ्यास के समापन समारोह में मंगोलिया के रक्षा उपमंत्री मेजर जनरल बासानदाम्बा दश्तसेदेन तथा मंगोलियाई सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल गनब्याम्बा सुनरेव उपस्थित रहे। उन्होंने सभी सहभागी देशों के सैनिकों द्वारा प्रदर्शित समर्पण, पेशेवर दक्षता और सहयोग की भावना की प्रशंसा की तथा अभ्यास की सफलता के लिए सभी दलों को बधाई दी।

भारतीय सेना ने मंगोलिया सरकार और मंगोलियाई सशस्त्र बलों के प्रति आभार व्यक्त किया। सेना के अनुसार, इस अभ्यास से प्राप्त अनुभव भविष्य में संयुक्त अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ाने और सहभागी देशों के बीच अंतर-संचालन क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

आगे की राह

'खान क्वेस्ट 2026' केवल एक सैन्य अभ्यास नहीं रहा — यह विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच सहयोग, शांति स्थापना और वैश्विक साझेदारी को सुदृढ़ करने का एक व्यापक मंच साबित हुआ। इस अभ्यास की सफलता भविष्य में भारत की बहुराष्ट्रीय शांति अभियानों में और अधिक सक्रिय भागीदारी का मार्ग प्रशस्त करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि यह चीन और रूस से घिरे एक रणनीतिक 'बफर राज्य' के साथ संबंध सुदृढ़ करने का अवसर है। संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारत की ऐतिहासिक भूमिका इस अभ्यास को विशेष वैधता देती है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि इस बहुपक्षीय अनुभव का लाभ भारत की वास्तविक परिचालन क्षमताओं में कितना परिलक्षित होता है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'खान क्वेस्ट 2026' सैन्य अभ्यास क्या है?
'खान क्वेस्ट 2026' एक बहुराष्ट्रीय संयुक्त सैन्य अभ्यास है जो 20 जून से 3 जुलाई 2026 तक मंगोलिया के उलानबटार में आयोजित हुआ। इसमें 18 देशों के 1,000 से अधिक सैनिकों ने संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों के लिए प्रशिक्षण लिया।
'खान क्वेस्ट' अभ्यास की शुरुआत कब और कैसे हुई?
'खान क्वेस्ट' की शुरुआत 2003 में अमेरिका और मंगोलिया के बीच एक द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में हुई थी। 2006 में इसे बहुराष्ट्रीय स्वरूप दिया गया और 2026 में यह अपने 23वें संस्करण में पहुँचा।
इस अभ्यास में भारतीय सेना ने क्या किया?
भारतीय सेना ने कमांड पोस्ट और फील्ड ट्रेनिंग गतिविधियों, सामरिक अभ्यासों और सिमुलेशन परिदृश्यों में भाग लिया। इसके अलावा भारतीय दल ने 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना पर आधारित एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।
यह अभ्यास किस उद्देश्य के लिए आयोजित होता है?
यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय-7 के तहत शांति स्थापना अभियानों के लिए सैनिकों को प्रशिक्षित करने, विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच अंतर-संचालन क्षमता बढ़ाने और संयुक्त अभियानों में समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आयोजित किया जाता है।
समापन समारोह में कौन उपस्थित रहे?
समापन समारोह में मंगोलिया के रक्षा उपमंत्री मेजर जनरल बासानदाम्बा दश्तसेदेन और मंगोलियाई सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल गनब्याम्बा सुनरेव उपस्थित रहे। उन्होंने सभी सहभागी देशों के सैनिकों की प्रशंसा की और अभ्यास की सफलता पर बधाई दी।
राष्ट्र प्रेस
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