4 जुलाई 2026
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मंगोलिया में 'खान क्वेस्ट 2026' संपन्न, 18 देशों के 1,000+ सैनिकों संग भारत ने दोहराई शांति प्रतिबद्धता

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मंगोलिया में 'खान क्वेस्ट 2026' संपन्न, 18 देशों के 1,000+ सैनिकों संग भारत ने दोहराई शांति प्रतिबद्धता

सारांश

मंगोलिया के उलानबातर में 'खान क्वेस्ट 2026' का 23वाँ संस्करण संपन्न हुआ — 18 देशों के 1,000 से अधिक सैनिकों के साथ भारत के 40 जवानों ने हिस्सा लिया, जिनमें दो महिला अधिकारी भी शामिल थीं। यह अभ्यास वैश्विक शांति मिशनों में भारत की बढ़ती भूमिका का प्रमाण है।

मुख्य बातें

खान क्वेस्ट 2026 का 23वाँ संस्करण 3 जुलाई 2026 को उलानबातर, मंगोलिया में संपन्न हुआ।
18 देशों के 1,000 से अधिक सैनिकों ने इस बहुराष्ट्रीय शांति मिशन अभ्यास में भाग लिया।
भारत की ओर से जाट रेजिमेंट के 40 सैनिक शामिल हुए, जिनमें दो महिला अधिकारी भी थीं।
समापन समारोह में मंगोलिया के उप रक्षा मंत्री मेजर जनरल बासंदम्बा दश्त्सेडेन उपस्थित रहे।
खान क्वेस्ट की शुरुआत 2003 में द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में हुई थी; 2006 से यह बहुराष्ट्रीय स्वरूप में आयोजित होता है।

मंगोलिया की राजधानी उलानबातर के फाइव हिल्स ट्रेनिंग एरिया में 3 जुलाई 2026 को बहुराष्ट्रीय शांति मिशन अभ्यास 'खान क्वेस्ट 2026' का समापन समारोह आयोजित हुआ। इस अभ्यास में 18 देशों के 1,000 से अधिक सैनिकों ने भाग लिया और भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता एक बार फिर स्पष्ट की। यह अभ्यास का 23वाँ संस्करण था, जो 20 जून को शुरू हुआ था।

समापन समारोह और प्रमुख उपस्थिति

समापन समारोह में मंगोलिया के उप रक्षा मंत्री मेजर जनरल बासंदम्बा दश्त्सेडेन और मंगोलियाई सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल गनब्याम्बा सुनरेव विशेष रूप से उपस्थित रहे। भारतीय सेना के अतिरिक्त जनसंपर्क महानिदेशालय (एडीजीपीआई) ने एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी भागीदार देशों की टीमों द्वारा प्रदर्शित अनुशासन, पेशेवर क्षमता और आपसी सहयोग की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

भारतीय दल का प्रदर्शन

भारत की ओर से जाट रेजिमेंट के 40 सैनिकों का दल इस अभ्यास में शामिल हुआ, जिसमें दो महिला अधिकारी भी शामिल थीं। एडीजीपीआई के अनुसार, भारतीय सेना ने संयुक्त प्रशिक्षण और सिमुलेशन आधारित अभ्यासों के दौरान अपनी उत्कृष्ट पेशेवर क्षमता और परिचालन कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। मंगोलिया में भारत के राजदूत अतुल मल्हारी गोत्सुरवी ने भारतीय दल का स्वागत किया और सफल भागीदारी के लिए शुभकामनाएँ दीं।

अभ्यास का उद्देश्य और महत्व

खान क्वेस्ट 2026 का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना, संयुक्त शांति मिशन की तैयारी को परखना और मानवीय सहायता से जुड़े कौशल को सुदृढ़ करना था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास भाग लेने वाले देशों के बीच सैन्य तैयारी, पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान, आपसी भरोसा और सहयोग को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

खान क्वेस्ट की पृष्ठभूमि

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, खान क्वेस्ट की शुरुआत 2003 में अमेरिका और मंगोलिया की सेनाओं के बीच एक द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में हुई थी। 2006 से इसे बहुराष्ट्रीय शांति मिशन अभ्यास का स्वरूप दिया गया। उद्घाटन समारोह में मंगोलिया के रक्षा मंत्री बटलुट और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल गनब्याम्बा सुनरेव ने शिरकत की थी। गौरतलब है कि इस अभ्यास का पिछला संस्करण 14 से 28 जून के बीच मंगोलिया में ही आयोजित किया गया था।

आगे की राह

खान क्वेस्ट 2026 की सफल समाप्ति भारत की बहुपक्षीय सैन्य कूटनीति को और मजबूती देती है। वैश्विक शांति अभियानों में भारत की सक्रिय भागीदारी — विशेषकर महिला अधिकारियों की उपस्थिति — यह दर्शाती है कि भारतीय सेना संयुक्त राष्ट्र के समावेशी शांति मिशन के लक्ष्यों के साथ कदमताल कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बहुपक्षीय कूटनीति का सुविचारित प्रदर्शन है — ऐसे समय में जब भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट की दावेदारी मजबूत करने में जुटा है। जाट रेजिमेंट के दल में दो महिला अधिकारियों की उपस्थिति सांकेतिक रूप से महत्वपूर्ण है — यह संयुक्त राष्ट्र के 'महिला, शांति और सुरक्षा' एजेंडे के अनुरूप भारत की सक्रिय प्रतिबद्धता दर्शाती है। हालाँकि, 18 देशों की साझेदारी के बावजूद इस अभ्यास की मुख्यधारा मीडिया में सीमित कवरेज यह सवाल उठाती है कि क्या भारत की शांति मिशन कूटनीति को वह सार्वजनिक विमर्श मिल रहा है जिसकी वह हकदार है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'खान क्वेस्ट 2026' अभ्यास क्या है?
खान क्वेस्ट 2026 मंगोलिया के उलानबातर में आयोजित एक बहुराष्ट्रीय शांति मिशन सैन्य अभ्यास है, जिसमें 18 देशों के 1,000 से अधिक सैनिकों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के लिए सेनाओं के बीच तालमेल, संयुक्त तैयारी और मानवीय सहायता कौशल को मजबूत करना है।
भारत ने खान क्वेस्ट 2026 में कितने सैनिक भेजे?
भारत ने जाट रेजिमेंट के 40 सैनिकों का दल भेजा, जिसमें दो महिला अधिकारी भी शामिल थीं। भारतीय दल ने संयुक्त प्रशिक्षण और सिमुलेशन आधारित अभ्यासों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
खान क्वेस्ट अभ्यास की शुरुआत कब और कैसे हुई?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, खान क्वेस्ट की शुरुआत 2003 में अमेरिका और मंगोलिया की सेनाओं के बीच एक द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में हुई थी। 2006 से इसे बहुराष्ट्रीय शांति मिशन अभ्यास का स्वरूप दिया गया और यह 2026 में अपने 23वें संस्करण तक पहुँच चुका है।
खान क्वेस्ट 2026 के समापन समारोह में कौन उपस्थित थे?
समापन समारोह में मंगोलिया के उप रक्षा मंत्री मेजर जनरल बासंदम्बा दश्त्सेडेन और मंगोलियाई सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल गनब्याम्बा सुनरेव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने सभी भागीदार देशों के अनुशासन और पेशेवर क्षमता की सराहना की।
खान क्वेस्ट अभ्यास भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह अभ्यास वैश्विक शांति मिशनों में भारत की प्रतिबद्धता को मजबूती देता है और बहुपक्षीय सैन्य सहयोग का एक अहम मंच है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इससे भाग लेने वाले देशों के बीच सैन्य तैयारी, पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान और आपसी भरोसा बढ़ता है।
राष्ट्र प्रेस
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