खान सर विवाद: JDU प्रवक्ता नीरज कुमार बोले — गोलीबारी का दावा करने वाले ही अब जाँच के घेरे में
सारांश
मुख्य बातें
पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान पर कथित हमले को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने 5 जून 2026 को कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने गोलीबारी का आरोप लगाया था, अब वही संदेह के दायरे में आ गया है और मामले की जाँच जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि गोलीबारी का दावा करने वाले व्यक्ति के सुरक्षाकर्मी और बाउंसर फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी तथ्यों और परिस्थितियों की बारीकी से जाँच कर रही है और जाँच पूरी होने के बाद ही पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।
जदयू नेता ने किसी भी पक्ष को जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचने की सलाह दी और कहा कि कानून अपना काम कर रहा है।
छात्रों के हितों पर सवाल
नीरज कुमार ने आरोप लगाया कि गरीब और मेहनतकश छात्रों को उकसाकर आंदोलनों में धकेला जाता है, उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हो जाते हैं और बाद में जिन लोगों ने उन्हें भेजा, वे उनकी जमानत के लिए भी सामने नहीं आते। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस तरह की राजनीति बच्चों का भविष्य बर्बाद कर रही है।
राजनीतिक टिप्पणियाँ
इस मुद्दे से इतर नीरज कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उन्होंने इसे जनता की स्वीकृति का प्रतीक बताया।
उन्होंने इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास न नीति है, न नियत है और न ही नेतृत्व। उनका आरोप था कि विपक्षी दल नीतिगत बहस की जगह आपत्तिजनक भाषा का सहारा लेते हैं।
सुरक्षा कटौती विवाद
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार की सुरक्षा में कटौती के सवाल पर नीरज कुमार ने कहा कि सजायाफ्ता होने के बावजूद लालू प्रसाद यादव को सुरक्षा मिली हुई थी। उनकी पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को हाई सिक्योरिटी दी गई थी। यहाँ तक कि तेजस्वी यादव की पत्नी और बहन को भी सुरक्षा प्रदान की गई थी।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा संबंधी सभी निर्णय स्थापित सुरक्षा मानकों के अनुरूप लिए जाते हैं और जनादेश के आधार पर नीतियाँ तय होती हैं।
आगे क्या
पुलिस जाँच के नतीजे आने के बाद खान सर विवाद में नए तथ्य सामने आने की संभावना है। JDU के रुख से स्पष्ट है कि सत्तारूढ़ गठबंधन इस मामले को विपक्ष के खिलाफ राजनीतिक मुद्दे के रूप में भी उठाने की तैयारी में है।