खान सर कोचिंग सेंटर पर पत्थरबाजी: भाजपा-जदयू सख्त, बोले- 'दोषियों को मिलेगी सजा'
सारांश
मुख्य बातें
पटना में मशहूर शिक्षक खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर हुई पत्थरबाजी की घटना पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जदयू (JDU) के नेताओं ने 3 जून को कड़ी प्रतिक्रिया दी। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा और दोषियों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाई जाएगी।
जदयू की दो-टूक प्रतिक्रिया
जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय झा ने कहा, ‘सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता राज्य में कानून व्यवस्था को बनाए रखना है। इस पर कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता है। बिहार में नीतीश कुमार का पिछले 20 साल का ट्रैक रिकॉर्ड है। उन्होंने दबंगों और अपराधियों का अच्छे से इंतजाम किया था।’
झा ने आगे जोड़ा, ‘वर्तमान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हैं और उनके शासनकाल में भी अपराधियों का इसी तरह इलाज किया जाएगा। अगर कोई अपराध होगा तो आरोपी पकड़ा भी जाएगा और सजा भी होगी।’
सरकार के मंत्री और भाजपा अध्यक्ष का बयान
बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, ‘इसमें कानून अपना काम करेगा। जो भी लोग दोषी होंगे, उन्हें सजा दी जाएगी।’ वहीं, बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने स्पष्ट किया कि किसी को भी कहीं भी कानून तोड़ने का अधिकार नहीं है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नज़र रखे हुए है।
सरावगी ने कहा, ‘जो कोई भी कानून का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन यह पता लगा रहा है कि आखिर मामला क्या है।’
'दो कोचिंग सेंटरों के बीच विवाद' का दावा
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने घटना की पृष्ठभूमि पर रोशनी डालते हुए कहा, ‘मीडिया रिपोर्ट और पुलिस के बयानों से पता चला है कि दोनों कोचिंग सेंटरों के बीच आपसी विवाद था। उसी विवाद के कारण यह घटना हुई है। पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है।’
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने पत्थरबाजी के साथ-साथ चल रही गोलीबारी की अटकलों को कथित तौर पर खारिज किया। उन्होंने कहा, ‘वहां कोई गोलीबारी नहीं हुई थी। जैसे ही सूचना मिली, पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस जांच कर रही है और पत्थरबाजी के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसे गिरफ्तार किया जाएगा।’
क्यों मायने रखती है यह घटना
खान सर बिहार के सबसे लोकप्रिय प्रतियोगी-परीक्षा शिक्षकों में गिने जाते हैं और उनके कोचिंग सेंटर पर लाखों छात्रों की निगाहें रहती हैं। ऐसे संस्थान के बाहर पत्थरबाजी की घटना पटना की कानून-व्यवस्था और कोचिंग उद्योग के भीतर के तनावों, दोनों पर सवाल खड़े करती है। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में आई है जब बिहार में नेतृत्व-परिवर्तन के बाद नई सरकार पर अपराध-नियंत्रण को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है।
आगे क्या
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर जांच तेज कर दी है। आने वाले दिनों में गिरफ्तारियों और दोनों कोचिंग संस्थानों के बीच कथित विवाद की परतें खुलने की संभावना है।