खड़गे PM मोदी से माफी मांगें — शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम की माँग, महाराष्ट्र किसानों को ₹7,500 करोड़ राहत
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत पिता के संदर्भ में की गई टिप्पणी पर सार्वजनिक माफी माँगने की कड़ी माँग की। निरुपम ने कहा कि पटना में एक कार्यक्रम के दौरान खड़गे द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा न केवल प्रधानमंत्री पद की गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि राजनीतिक विमर्श की सीमाओं का भी उल्लंघन करती है।
खड़गे की टिप्पणी और विवाद
निरुपम के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत पिता को लेकर अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। निरुपम ने कहा, 'राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में किसी के दिवंगत पिता को घसीटना अशोभनीय है और यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं था।' उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा और शिवसेना दोनों की ओर से खड़गे से माफी माँगने की माँग की जा रही है।
कांग्रेस के भीतर भी उठे सवाल
निरुपम ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण का हवाला देते हुए कहा कि स्वयं कांग्रेस के भीतर से भी इस बयान की आलोचना हुई है। चव्हाण ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि खड़गे को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। निरुपम ने कहा कि एक वरिष्ठ और अनुभवी कांग्रेस नेता का यह रुख खड़गे के बयान पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त किसानों को ₹7,500 करोड़ की राहत
महाराष्ट्र कैबिनेट ने सूखे से प्रभावित किसानों के लिए ₹7,500 करोड़ के सहायता पैकेज की घोषणा की है। निरुपम के अनुसार, राज्य के 36 जिलों में से लगभग 20 से 25 जिलों में अकाल जैसी स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हुईं। इस पैकेज के तहत प्रत्येक किसान को न्यूनतम ₹5,000 की त्वरित सहायता दी जाएगी, ताकि वे त्योहार मना सकें और तत्काल जरूरतें पूरी कर सकें। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और केंद्र सरकार की एक विशेष टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का आकलन किया था। निरुपम ने स्पष्ट किया कि यह राहत राशि अंतिम नहीं है — आने वाले दिनों में बैंक ऋण, बीज, खाद और बिजली बिलों में छूट जैसे अन्य मुद्दों पर भी सरकार विचार करेगी।
'वोट चोरी' के आरोपों पर कांग्रेस को आईना
निरुपम ने कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे 'वोट चोरी' के आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए विधान परिषद के चुनाव परिणामों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विधान परिषद की 28 सीटों पर हुए चुनावों में — जहाँ बैलेट पेपर का उपयोग हुआ था और ईवीएम का नहीं — कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी। ये चुनाव स्नातक और शिक्षक वर्ग के मतदाताओं के बीच हुए थे। निरुपम ने कर्नाटक का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ भी पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षित नहीं रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस ईवीएम, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव आयोग को दोष देती रही और अपनी रणनीति में बदलाव नहीं किया, तो 2029 तक उसके शेष राज्यों में भी जनता सत्ता से बाहर कर सकती है।
आगे क्या होगा
खड़गे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ जोरों पर हैं और सत्तारूढ़ गठबंधन व विपक्ष के बीच राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ रहा है। किसान राहत पैकेज पर अमल और आगामी राहत उपायों की घोषणा से यह तय होगा कि सरकार के दावे चुनावी वर्ष में कितने ठोस साबित होते हैं।