किश्तवाड़ छात्रा रेप-हत्या: महबूबा मुफ्ती ने क्राइम ब्रांच जांच की मांग की, SIT ने 3 और गिरफ्तार किए
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके में एक स्कूली छात्रा के साथ कथित बलात्कार और हत्या की घटना पर जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से इस मामले की जांच तत्काल क्राइम ब्रांच को सौंपने की मांग की है। घटना के दस दिन बीत जाने के बाद भी मामले में जवाबदेही की कमी पर उन्होंने कड़ी नाराज़गी जताई है।
महबूबा मुफ्ती का बयान
महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, "किश्तवाड़ के छत्रू में एक स्कूली छात्रा के साथ रेप और उसकी हत्या की घटना महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का कोई आम मामला नहीं है। यह हमारे समाज की अंतरात्मा पर एक गहरा और नासूर बन चुका घाव है। दस दिन बीत जाने के बाद भी, इस बर्बर अपराध पर छाई खामोशी पीड़ित परिवार के दुख को और बढ़ा रही है और न्याय व्यवस्था में लोगों का भरोसा कम कर रही है।"
उन्होंने आगे कहा, "अगर अभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं दी गई, तो ऐसे घिनौने अपराध बिना किसी डर के होते रहेंगे। मैं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से आग्रह करती हूं कि वे इस मामले को तुरंत क्राइम ब्रांच को सौंप दें ताकि इसकी निष्पक्ष, पारदर्शी और तय समय-सीमा के भीतर जांच हो सके।"
SIT की कार्रवाई: तीन और गिरफ्तार
इस बीच, जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने मामले में मुख्य आरोपी समेत तीन और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। किश्तवाड़ के SSP नरेश सिंह के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में एक सरकारी स्कूल का शिक्षक शामिल है, जिस पर बार-बार यौन शोषण का आरोप है। इसके अलावा उसका भाई और जिला अस्पताल किश्तवाड़ का एक दिहाड़ी सफाई कर्मचारी भी इस मामले में संलिप्त बताए जा रहे हैं।
SSP ने बताया कि दो आरोपियों की पहचान मोहम्मद इशाक और रियाज अहमद शेख के रूप में हुई है, जबकि दिहाड़ी मजदूर की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला
पुलिस के अनुसार, आरोप है कि संबंधित शिक्षक ने कई महीनों तक नाबालिग छात्रा का बार-बार यौन उत्पीड़न किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। छत्रू इलाके में गर्भपात की कोशिश के बाद 20 अगस्त को उस नाबालिग लड़की की मौत हो गई। छत्रू पुलिस को उसी दिन संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिली। प्रारंभ में कोई औपचारिक शिकायत न मिलने पर पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की।
SSP नरेश सिंह ने बताया कि जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य मिले जिनसे गंभीर अपराध की पुष्टि हुई, जिसके बाद मामले को छत्रू पुलिस स्टेशन में औपचारिक FIR में बदला गया। जांच में यह भी सामने आया कि शिक्षक ने अपने भाई के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची और नाबालिग को गर्भ गिराने के लिए दवाएं दिलाईं।
आम जनता और राजनीतिक प्रतिक्रिया
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि घटना के दस दिन बाद भी प्रशासन की ओर से कोई उच्चस्तरीय जांच की घोषणा नहीं हुई थी, जिसे लेकर विपक्षी नेताओं ने नाराज़गी जताई है। महबूबा मुफ्ती की मांग के बाद अब यह देखना होगा कि उपराज्यपाल कार्यालय इस पर क्या कदम उठाता है।
आगे क्या
SIT की जांच अभी जारी है और दिहाड़ी मजदूर आरोपी की पहचान का काम चल रहा है। क्राइम ब्रांच को जांच सौंपने की मांग पर उपराज्यपाल कार्यालय की प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है। न्याय की माँग को लेकर पीड़ित परिवार और नागरिक समाज की नज़रें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।