31 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

किश्तवाड़ रेप-मर्डर केस: पीड़िता के पिता बोले — क्राइम ब्रांच जांच से संतुष्ट, बिना मंजूरी कोई केस न हो

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
किश्तवाड़ रेप-मर्डर केस: पीड़िता के पिता बोले — क्राइम ब्रांच जांच से संतुष्ट, बिना मंजूरी कोई केस न हो

सारांश

किश्तवाड़ रेप-मर्डर केस में पीड़िता के पिता ने क्राइम ब्रांच जांच पर भरोसा जताते हुए अपील की कि उनकी मंजूरी के बिना कोई केस आगे न बढ़े। वायरल वीडियो और कथित टेलीफोनिक बातचीत ने मामले को नया मोड़ दे दिया है, जबकि एनसीएसटी ने राज्य के शीर्ष अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं।

मुख्य बातें

किश्तवाड़ के छत्रू इलाके में 20 अगस्त 2026 को 15 वर्षीय नाबालिग के साथ रेप और हत्या की घटना हुई थी।
पीड़िता के पिता ने 31 अगस्त को कहा कि वह जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच को जांच सौंपे जाने से संतुष्ट हैं।
पिता ने अपील की कि उनके अंगूठे के निशान और मंजूरी के बिना कोई भी केस दर्ज या आगे न बढ़ाया जाए।
अधिवक्ता दीपिका सिंह राजावत से कथित टेलीफोनिक बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल; प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने मुख्य सचिव , डीजीपी और किश्तवाड़ एसएसपी को नोटिस जारी किए।
अधिकारियों ने वायरल वीडियो की न तो पुष्टि की है, न ही इसे खारिज किया है।

किश्तवाड़ के छत्रू इलाके में 15 वर्षीय नाबालिग के साथ हुए रेप और हत्या के मामले में पीड़िता के पिता ने सोमवार, 31 अगस्त को स्पष्ट किया कि वह जांच को जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने से पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने यह भी अपील की कि उनकी सहमति और अंगूठे के निशान के बिना इस मामले में कोई भी कानूनी कार्रवाई आगे न बढ़ाई जाए।

पिता का सीधा बयान

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में पीड़िता के पिता कहते सुने जा सकते हैं: 'मैंने सुना है कि किसी ने जम्मू में केस फाइल किया है। मेरे अंगूठे के निशान के बिना कोई केस फाइल न करे। जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है और मैं इससे संतुष्ट हूँ।' हालाँकि, अधिकारियों ने अब तक इस वीडियो की न तो पुष्टि की है और न ही इसे खारिज किया है।

पिता ने यह अपील ऐसे समय में की है जब जम्मू में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा इस मामले से संबंधित एक अलग केस दर्ज कराने की सूचना सामने आई। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार की सहमति के बिना ऐसी किसी भी पहल को उनका समर्थन नहीं है।

वकील से कथित बातचीत का विवाद

सोशल मीडिया पर एक और कथित टेलीफोनिक बातचीत भी वायरल हो रही है, जिसमें पीड़िता के पिता को अधिवक्ता दीपिका सिंह राजावत से बात करते हुए सुना जा रहा है। राजावत ने कथित तौर पर इस मामले से जुड़ी याचिका दायर की है या वह इससे संबद्ध हैं। बातचीत में पिता ने अनुरोध किया कि उनकी ओर से कोई भी कदम न उठाया जाए और जो भी कार्रवाई होगी उसकी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। यह वीडियो और बातचीत दोनों की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।

मामले की पृष्ठभूमि

20 अगस्त 2026 को किश्तवाड़ के छत्रू इलाके में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ रेप और हत्या की घटना ने पूरे समाज को हिला कर रख दिया था। घटना के बाद लोगों ने दोषियों को कठोरतम और दृष्टांत-स्थापित करने वाली सजा देने की माँग उठाई थी। यह मामला जम्मू-कश्मीर में नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर एक बार फिर गंभीर बहस का केंद्र बन गया है।

एनसीएसटी का हस्तक्षेप

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने इस मामले की जांच का स्वयं संज्ञान लेने का निर्णय किया है। आयोग ने जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और किश्तवाड़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किए हैं। आयोग का यह कदम मामले की गंभीरता और पीड़ित परिवार की जनजातीय पहचान को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगे की स्थिति

फिलहाल जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है। पीड़िता के पिता की अपील के बाद यह देखना अहम होगा कि अदालत या अन्य संस्थाएँ किसी तीसरे पक्ष द्वारा दर्ज कराए गए केस को कैसे संज्ञान में लेती हैं। न्यायिक और प्रशासनिक स्तर पर यह मामला आने वाले दिनों में और जटिल हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सतह पर राहत की बात लगती है — लेकिन यह उस व्यापक सवाल को नहीं मिटाता कि एक आदिवासी बहुल क्षेत्र में नाबालिग की हत्या के बाद न्याय-तंत्र कितनी तेज़ी और पारदर्शिता से काम कर रहा है। एनसीएसटी का हस्तक्षेप यह संकेत देता है कि संस्थागत स्तर पर भी जवाबदेही की माँग उठ रही है। वायरल वीडियो और कथित बातचीत की प्रामाणिकता पर अधिकारियों की चुप्पी खुद में एक सवाल है — पारदर्शिता के बिना 'संतुष्टि' का दावा जनता का विश्वास जीतने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किश्तवाड़ रेप-मर्डर केस क्या है?
20 अगस्त 2026 को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ रेप और हत्या की घटना हुई। इस मामले ने समाज में व्यापक आक्रोश पैदा किया और कड़ी सजा की माँग उठी।
पीड़िता के पिता ने क्या अपील की है?
पीड़िता के पिता ने अपील की है कि उनकी मंजूरी और अंगूठे के निशान के बिना इस मामले में कोई भी केस दर्ज या आगे न बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी जा चुकी है और वह इससे संतुष्ट हैं।
जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच को जांच क्यों सौंपी गई?
मामले की संवेदनशीलता और सामाजिक दबाव को देखते हुए जांच जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच को सौंपी गई, जो राज्य की विशेष जांच इकाई है। पीड़िता के पिता ने इस निर्णय पर संतोष व्यक्त किया है।
एनसीएसटी ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने स्वयं मामले का संज्ञान लेते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव, डीजीपी और किश्तवाड़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किए हैं। आयोग मामले की जांच की निगरानी कर रहा है।
वायरल वीडियो और कथित टेलीफोनिक बातचीत की क्या स्थिति है?
सोशल मीडिया पर पीड़िता के पिता का एक वीडियो और अधिवक्ता दीपिका सिंह राजावत से कथित टेलीफोनिक बातचीत वायरल हो रही है। अधिकारियों ने अब तक इन दोनों की न तो पुष्टि की है और न ही इन्हें खारिज किया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले