कोलकाता गोदाम हादसा: 15 मौतों के बाद 'अयान ट्रेडर्स' और आर्किटेक्ट ब्लैकलिस्ट
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से मृतकों की संख्या शुक्रवार, 27 जून 2025 की सुबह तक बढ़कर 15 हो गई। इस भीषण हादसे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्माण कंपनी 'अयान ट्रेडर्स' और इमारत के आर्किटेक्ट, दोनों को राज्य में किसी भी सरकारी या निजी परियोजना के लिए पूरी तरह ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
मुख्यमंत्री की कड़ी कार्रवाई
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि 'अयान ट्रेडर्स' की ओर से निर्माण कार्य में घोर निगरानी की कमी बरती गई। उन्होंने कहा, "कंस्ट्रक्शन कंपनी 'अयान ट्रेडर्स' की तरफ से निगरानी में कमी थी। इस मामले में स्ट्रक्चर के आर्किटेक्ट भी अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते। इसीलिए कंस्ट्रक्शन कंपनी और स्ट्रक्चर के आर्किटेक्ट को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।"
मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि यह केवल शुरुआत है और इस हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
हादसे की पृष्ठभूमि
शंभूनाथ बेहरा नामक व्यक्ति ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट अथॉरिटी से 30 वर्ष की लीज पर भूमि लेकर वहाँ तीन मंजिला गोदाम बनाने का काम शुरू किया था। निर्माण का ठेका 'अयान ट्रेडर्स' को दिया गया, जो पोर्ट क्षेत्र में पहले से कई निर्माण परियोजनाएँ संभाल रही थी। बुधवार को तारातला में निर्माणाधीन इस गोदाम की छत अचानक ढह गई, जिससे मलबे के नीचे दबे मजदूरों की जान चली गई।
एसआईटी जांच में सामने आई लापरवाही
कोलकाता पुलिस की विशेष जाँच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक जाँच में दो प्रमुख कारण उजागर हुए हैं — घटिया गुणवत्ता के निर्माण सामग्री का उपयोग और गलत कास्टिंग पैटर्न अपनाना। इसके अलावा पुलिस ने पाया कि साइट पर मजदूरों की कोई उपस्थिति पंजिका नहीं रखी गई थी, जिसके कारण हादसे के समय वहाँ मौजूद मजदूरों की सटीक संख्या और मलबे में अभी भी फँसे लोगों की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
पुलिस के अनुसार, मैनेजरों द्वारा अटेंडेंस रिकॉर्ड न रखा जाना इस त्रासदी की जाँच में सबसे बड़ी बाधा बन रहा है।
आम जनता से अपील
मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से आग्रह किया कि यदि कोई भी भवन निर्माण योजना में धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह तत्काल स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसे हर मामले में कार्रवाई करेगी।
आगे क्या होगा
एसआईटी की जाँच जारी है और मलबे से और शव बरामद होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ब्लैकलिस्टिंग के बाद अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की निगरानी के लिए क्या नई व्यवस्था लागू करती है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।