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इस्पात मंत्री कुमारस्वामी ने दुर्गापुर स्टील प्लांट का दौरा किया, व्हील एंड एक्सल प्लांट को बताया रेलवे की रीढ़

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इस्पात मंत्री कुमारस्वामी ने दुर्गापुर स्टील प्लांट का दौरा किया, व्हील एंड एक्सल प्लांट को बताया रेलवे की रीढ़

सारांश

केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी का दुर्गापुर दौरा महज़ निरीक्षण नहीं था — यह भारत के सार्वजनिक इस्पात क्षेत्र की बदलती भूमिका का संकेत है। देश के एकमात्र फोर्ज्ड रेलवे व्हील उत्पादक से वंदे भारत ट्रेनसेट तक की यात्रा, आत्मनिर्भर रेलवे मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्य बातें

केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्टील प्लांट का दौरा किया और व्हील एंड एक्सल प्लांट को भारतीय रेलवे की रीढ़ बताया।
यह प्लांट देश का एकमात्र फोर्ज्ड रेलवे व्हील उत्पादक है और वंदे भारत ट्रेनसेट सहित लोकोमोटिव व एलएचबी कोच के लिए पहिए व एक्सल बनाता है।
SMS ने 34 हीट में 340 राउंड का सबसे लंबा कंटीन्यूअस कास्टिंग सीक्वेंस और एक कैंपेन में 56 हीट का सर्वाधिक उत्पादन हासिल किया।
मीडियम स्ट्रक्चरल मिल (MSM) उच्च-मूल्य स्ट्रक्चरल स्टील उत्पाद बनाकर आयात निर्भरता कम कर रही है।
दौरे में राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा और SIL CMD अशोक कुमार पांडा भी उपस्थित रहे।

केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 14 जुलाई 2025 को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्टील प्लांट में व्हील एंड एक्सल प्लांट का निरीक्षण किया और इसे भारतीय रेलवे के रोलिंग स्टॉक इकोसिस्टम की रीढ़ करार दिया। यह प्लांट देश का एकमात्र ऐसा उत्पादक है जो फोर्ज्ड रेलवे व्हील बनाता है और लोकोमोटिव, कोच, एलएचबी कोच तथा वंदे भारत ट्रेनसेट के लिए पहिए व एक्सल की आपूर्ति करता है।

मंत्री ने क्या कहा

मंत्री कुमारस्वामी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'मैंने दुर्गापुर स्टील प्लांट में व्हील एंड एक्सल प्लांट का दौरा किया। यह एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सुविधा है, जो भारतीय रेलवे के रोलिंग स्टॉक इकोसिस्टम की रीढ़ है।' उन्होंने कहा कि यह प्लांट रेलवे मैन्युफैक्चरिंग में भारत की आत्मनिर्भरता की यात्रा को काफी आगे बढ़ाता है।

कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि 'इस सुविधा की उल्लेखनीय प्रगति भारत की बढ़ती निर्माण ताकत और विश्वस्तरीय औद्योगिक क्षमताएं बनाने के हमारे संकल्प को दर्शाती है, जो देश के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देती हैं।'

स्टील मेल्टिंग शॉप की समीक्षा

मंत्री ने स्टील मेल्टिंग शॉप (SMS) का भी दौरा किया, जहाँ उन्हें उत्पादन प्रदर्शन और तकनीकी सुधारों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर इस्पात और भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा, SIL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अशोक कुमार पांडा, इस्पात मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और दुर्गापुर स्टील प्लांट का वरिष्ठ प्रबंधन उपस्थित रहा।

टीम ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ साझा कीं — जिनमें 34 हीट में 340 राउंड का सबसे लंबा कंटीन्यूअस कास्टिंग सीक्वेंस, एक ही राउंड कैंपेन में 56 हीट का अब तक का सर्वाधिक उत्पादन और वंदे भारत (TR-18) के लिए 18 हीट का सर्वोच्च उत्पादन शामिल है। इसके अलावा ब्लूम कास्टर पर सेकेंडरी कूलिंग का नवीनीकरण, एयर-ऑयल लुब्रिकेशन सिस्टम, डीह्यूमिडिफायर और रोलर में तकनीकी बदलाव जैसे अपग्रेड भी किए गए हैं।

मीडियम स्ट्रक्चरल मिल का निरीक्षण

मंत्री ने मीडियम स्ट्रक्चरल मिल (MSM) का भी दौरा किया, जो पैरेलल फ्लैंज बीम, टेपर फ्लैंज बीम, चैनल, एंगल और राउंड जैसे प्रीमियम स्ट्रक्चरल स्टील उत्पाद बनाती है। ये उत्पाद निर्माण, औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों की बढ़ती माँग को पूरा करते हैं।

कुमारस्वामी ने कहा कि 'MSM जैसी सुविधाएं भारत की औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ा रही हैं, आयात पर निर्भरता कम कर रही हैं और आत्मनिर्भर स्टील सेक्टर के विजन को मजबूत कर रही हैं।'

आत्मनिर्भर भारत और आगे की राह

मंत्री ने दौरे के दौरान स्पष्ट किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्रों में कार्यरत कर्मियों की लगन और नवाचार देश की औद्योगिक क्षमता को पुनः प्रमाणित करते हैं। गौरतलब है कि दुर्गापुर स्टील प्लांट दशकों से भारत के इस्पात उत्पादन की आधारशिला रहा है और अब वंदे भारत जैसी अत्याधुनिक परियोजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता बन चुका है। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब सरकार घरेलू इस्पात उत्पादन को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप ढालने पर जोर दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये उपलब्धियाँ निरंतर उत्पादन क्षमता में तब्दील होंगी। वंदे भारत के लिए एकमात्र आपूर्तिकर्ता होना रणनीतिक लाभ है, पर यही एकाधिकार आपूर्ति श्रृंखला के जोखिम को भी बढ़ाता है — अगर प्लांट में कोई व्यवधान आए तो रेलवे के पास विकल्प नहीं होगा। तकनीकी उन्नयन के आँकड़े उत्साहजनक हैं, लेकिन दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए निवेश की निरंतरता और कुशल जनशक्ति की उपलब्धता पर ध्यान देना उतना ही ज़रूरी है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गापुर स्टील प्लांट का व्हील एंड एक्सल प्लांट क्यों खास है?
यह भारत का एकमात्र फोर्ज्ड रेलवे व्हील उत्पादक है, जो लोकोमोटिव, एलएचबी कोच और वंदे भारत ट्रेनसेट के लिए पहिए व एक्सल बनाता है। इसे रेलवे रोलिंग स्टॉक इकोसिस्टम की रीढ़ माना जाता है।
एचडी कुमारस्वामी ने दुर्गापुर दौरे में क्या-क्या देखा?
मंत्री ने व्हील एंड एक्सल प्लांट, स्टील मेल्टिंग शॉप (SMS) और मीडियम स्ट्रक्चरल मिल (MSM) का निरीक्षण किया। उन्हें उत्पादन प्रदर्शन, तकनीकी सुधारों और प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी गई।
दुर्गापुर स्टील प्लांट की SMS ने कौन-सी उपलब्धियाँ हासिल की हैं?
SMS ने 34 हीट में 340 राउंड का सबसे लंबा कंटीन्यूअस कास्टिंग सीक्वेंस, एक कैंपेन में 56 हीट का सर्वाधिक उत्पादन और वंदे भारत (TR-18) के लिए 18 हीट का उच्चतम उत्पादन दर्ज किया है।
मीडियम स्ट्रक्चरल मिल (MSM) क्या बनाती है?
MSM पैरेलल फ्लैंज बीम, टेपर फ्लैंज बीम, चैनल, एंगल और राउंड जैसे उच्च-मूल्य स्ट्रक्चरल स्टील उत्पाद बनाती है। ये उत्पाद निर्माण, औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों की माँग पूरी करते हैं और आयात निर्भरता घटाते हैं।
इस दौरे का आत्मनिर्भर भारत से क्या संबंध है?
दुर्गापुर स्टील प्लांट घरेलू रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए महत्वपूर्ण इस्पात उत्पाद बनाकर आयात पर निर्भरता कम कर रहा है। मंत्री ने इसे आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के विजन का अभिन्न हिस्सा बताया।
राष्ट्र प्रेस
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