लाल किला ब्लास्ट केस: राउज एवेन्यू कोर्ट ने NIA को चार्जशीट में आरोपियों की पृष्ठभूमि दर्ज करने का निर्देश दिया
सारांश
मुख्य बातें
राउज एवेन्यू कोर्ट ने 12 अगस्त 2026 को लाल किला कार ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को निर्देश दिया कि चार्जशीट में प्रत्येक आरोपी की संक्षिप्त पृष्ठभूमि का उल्लेख किया जाए, ताकि साजिश में उनकी भूमिका स्पष्ट हो सके। यह सुनवाई मामले के पटियाला हाउस कोर्ट से राउज एवेन्यू कोर्ट में स्थानांतरण के बाद पहली बार हुई।
मुख्य घटनाक्रम
अदालत ने रिकॉर्ड पर नोट किया कि NIA ने 14 मई 2026 को मुख्य आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसके बाद पूरक आरोपपत्र भी प्रस्तुत किया गया। अभी तक आरोपत्र में दर्ज अपराधों का संज्ञान नहीं लिया गया है। 27 अगस्त को अदालत NIA की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के मुद्दे पर विचार करेगी।
अदालत ने विशेष लोक अभियोजक को निर्देश दिया कि वे एक संक्षिप्त सारणी तैयार करें, जिसमें प्रत्येक आरोपी की भूमिका और उनके विरुद्ध NIA द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों का स्पष्ट उल्लेख हो। इससे अदालत को आरोपपत्र पर संज्ञान के मुद्दे पर विचार करने में सहायता मिलेगी।
आरोपी डॉ. उमर उन नबी की मृत्यु और अदालत का निर्देश
इस मामले के एक आरोपी डॉ. उमर उन नबी की मृत्यु हो चुकी है। उन पर लाल किला इलाके में हुए कार धमाके से जुड़े होने का आरोप था। बताया गया है कि वे उसी वाहन में मौजूद थे जिसमें विस्फोट हुआ और धमाके में उनकी मौत हो गई।
अदालत ने NIA को डॉ. उमर उन नबी का डेथ सर्टिफिकेट और डेथ वेरिफिकेशन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। ये दस्तावेज़ प्राप्त होने के बाद अदालत उनकी मृत्यु के कारण उनके विरुद्ध लंबित कार्यवाही समाप्त करने संबंधी स्पष्ट आदेश पारित करेगी।
जांच की स्थिति और लंबित कार्यवाही
अदालत ने यह भी नोट किया कि आरोपी उकाशा, फैजल, आशिम और उस्मान के विरुद्ध आगे की जांच अभी भी लंबित है। NIA को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है कि इस लंबित जांच के बावजूद मामले में आगे की कार्यवाही संभव है या नहीं।
आरोपी ए13 मुजफ्फर अहमद के विरुद्ध ओपन-एंडेड गैर-जमानती वारंट जारी करने का आवेदन पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है और इसकी अनुपालन रिपोर्ट भी दाखिल हो चुकी है। लंबित आवेदनों को मुख्य मामले से अलग पंजीकृत कर अलग-अलग तिथियों पर सुनवाई के लिए निर्धारित किया गया है, ताकि मुख्य मामले की कार्यवाही बाधित न हो।
संरक्षित गवाह और जेल सुविधाओं से जुड़े आवेदन
संरक्षित गवाह घोषित करने की मांग वाले आवेदन पर सुनवाई 24 अगस्त को होगी। यह आवेदन UAPA की धारा 44 और NIA अधिनियम की धारा 17 के तहत दाखिल किया गया है। NIA ने जवाब दाखिल करने के लिए पाँच दिन का समय माँगा है।
एक आरोपी ने अपने पिता से फोन पर बातचीत की सुविधा माँगी है, जिस पर 19 अगस्त को सुनवाई होगी। जेल अधीक्षक को अदालत में उपस्थित होकर जेल में टेलीफोन सुविधा की उपलब्धता पर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
आगे की सुनवाई की तिथियाँ
मुख्य मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी, जबकि 27 अगस्त को अदालत NIA चार्जशीट पर संज्ञान के प्रश्न पर विचार करेगी। यह मामला आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत दर्ज है और इसकी सुनवाई अब विशेष NIA अदालत में होगी।