12 अगस्त 2026
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लाल किला ब्लास्ट केस: राउज एवेन्यू कोर्ट ने NIA को चार्जशीट में आरोपियों की पृष्ठभूमि दर्ज करने का निर्देश दिया

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लाल किला ब्लास्ट केस: राउज एवेन्यू कोर्ट ने NIA को चार्जशीट में आरोपियों की पृष्ठभूमि दर्ज करने का निर्देश दिया

सारांश

लाल किला कार ब्लास्ट मामला अब राउज एवेन्यू कोर्ट में है। अदालत ने NIA को चार्जशीट में हर आरोपी की पृष्ठभूमि दर्ज करने का निर्देश दिया। आरोपी डॉ. उमर उन नबी की मृत्यु के बाद उनकी कार्यवाही समाप्त करने पर फैसला डेथ सर्टिफिकेट मिलने के बाद होगा। 27 अगस्त को संज्ञान पर सुनवाई।

मुख्य बातें

राउज एवेन्यू कोर्ट में 12 अगस्त 2026 को लाल किला ब्लास्ट मामले की पहली सुनवाई हुई — मामला पटियाला हाउस कोर्ट से स्थानांतरित हुआ था।
अदालत ने NIA को चार्जशीट में प्रत्येक आरोपी की संक्षिप्त पृष्ठभूमि और साक्ष्यों की सारणी तैयार करने का निर्देश दिया।
NIA ने 14 मई 2026 को मुख्य आरोपपत्र दाखिल किया था; अभी तक संज्ञान नहीं लिया गया — 27 अगस्त को सुनवाई होगी।
उमर उन नबी की ब्लास्ट में मृत्यु; अदालत ने डेथ सर्टिफिकेट और डेथ वेरिफिकेशन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया।
आरोपी उकाशा, फैजल, आशिम और उस्मान के विरुद्ध जांच अभी लंबित; मुजफ्फर अहमद के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट पहले ही जारी।
संरक्षित गवाह आवेदन पर 24 अगस्त को सुनवाई; UAPA धारा 44 और NIA अधिनियम धारा 17 के तहत दाखिल।

राउज एवेन्यू कोर्ट ने 12 अगस्त 2026 को लाल किला कार ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को निर्देश दिया कि चार्जशीट में प्रत्येक आरोपी की संक्षिप्त पृष्ठभूमि का उल्लेख किया जाए, ताकि साजिश में उनकी भूमिका स्पष्ट हो सके। यह सुनवाई मामले के पटियाला हाउस कोर्ट से राउज एवेन्यू कोर्ट में स्थानांतरण के बाद पहली बार हुई।

मुख्य घटनाक्रम

अदालत ने रिकॉर्ड पर नोट किया कि NIA ने 14 मई 2026 को मुख्य आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसके बाद पूरक आरोपपत्र भी प्रस्तुत किया गया। अभी तक आरोपत्र में दर्ज अपराधों का संज्ञान नहीं लिया गया है। 27 अगस्त को अदालत NIA की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के मुद्दे पर विचार करेगी।

अदालत ने विशेष लोक अभियोजक को निर्देश दिया कि वे एक संक्षिप्त सारणी तैयार करें, जिसमें प्रत्येक आरोपी की भूमिका और उनके विरुद्ध NIA द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों का स्पष्ट उल्लेख हो। इससे अदालत को आरोपपत्र पर संज्ञान के मुद्दे पर विचार करने में सहायता मिलेगी।

आरोपी डॉ. उमर उन नबी की मृत्यु और अदालत का निर्देश

इस मामले के एक आरोपी डॉ. उमर उन नबी की मृत्यु हो चुकी है। उन पर लाल किला इलाके में हुए कार धमाके से जुड़े होने का आरोप था। बताया गया है कि वे उसी वाहन में मौजूद थे जिसमें विस्फोट हुआ और धमाके में उनकी मौत हो गई।

अदालत ने NIA को डॉ. उमर उन नबी का डेथ सर्टिफिकेट और डेथ वेरिफिकेशन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। ये दस्तावेज़ प्राप्त होने के बाद अदालत उनकी मृत्यु के कारण उनके विरुद्ध लंबित कार्यवाही समाप्त करने संबंधी स्पष्ट आदेश पारित करेगी।

जांच की स्थिति और लंबित कार्यवाही

अदालत ने यह भी नोट किया कि आरोपी उकाशा, फैजल, आशिम और उस्मान के विरुद्ध आगे की जांच अभी भी लंबित है। NIA को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है कि इस लंबित जांच के बावजूद मामले में आगे की कार्यवाही संभव है या नहीं।

आरोपी ए13 मुजफ्फर अहमद के विरुद्ध ओपन-एंडेड गैर-जमानती वारंट जारी करने का आवेदन पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है और इसकी अनुपालन रिपोर्ट भी दाखिल हो चुकी है। लंबित आवेदनों को मुख्य मामले से अलग पंजीकृत कर अलग-अलग तिथियों पर सुनवाई के लिए निर्धारित किया गया है, ताकि मुख्य मामले की कार्यवाही बाधित न हो।

संरक्षित गवाह और जेल सुविधाओं से जुड़े आवेदन

संरक्षित गवाह घोषित करने की मांग वाले आवेदन पर सुनवाई 24 अगस्त को होगी। यह आवेदन UAPA की धारा 44 और NIA अधिनियम की धारा 17 के तहत दाखिल किया गया है। NIA ने जवाब दाखिल करने के लिए पाँच दिन का समय माँगा है।

एक आरोपी ने अपने पिता से फोन पर बातचीत की सुविधा माँगी है, जिस पर 19 अगस्त को सुनवाई होगी। जेल अधीक्षक को अदालत में उपस्थित होकर जेल में टेलीफोन सुविधा की उपलब्धता पर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

आगे की सुनवाई की तिथियाँ

मुख्य मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी, जबकि 27 अगस्त को अदालत NIA चार्जशीट पर संज्ञान के प्रश्न पर विचार करेगी। यह मामला आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत दर्ज है और इसकी सुनवाई अब विशेष NIA अदालत में होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह संकेत देती है कि मामले की जड़ें अभी पूरी तरह उजागर नहीं हुई हैं। बिना त्वरित सुनवाई के, आतंकवाद-संबंधी मामलों में न्याय की प्रतीक्षा एक बड़ी चिंता बनी रहती है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लाल किला ब्लास्ट केस क्या है?
लाल किला ब्लास्ट केस नई दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए एक कार धमाके से जुड़ा मामला है, जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। यह मामला UAPA और NIA अधिनियम के तहत दर्ज है और अब राउज एवेन्यू कोर्ट में सुना जा रहा है।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने NIA को क्या निर्देश दिया?
अदालत ने NIA को निर्देश दिया कि चार्जशीट में सभी आरोपियों की संक्षिप्त पृष्ठभूमि दर्ज की जाए और विशेष लोक अभियोजक एक सारणी तैयार करें जिसमें प्रत्येक आरोपी की भूमिका और उनके विरुद्ध साक्ष्य स्पष्ट हों। इससे अदालत को संज्ञान के मुद्दे पर निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।
डॉ. उमर उन नबी कौन थे और उनका मामले से क्या संबंध है?
डॉ. उमर उन नबी इस मामले के एक आरोपी थे, जिन पर लाल किला इलाके में हुए कार धमाके से जुड़े होने का आरोप था। बताया गया है कि वे उसी कार में मौजूद थे जिसमें विस्फोट हुआ और उस धमाके में उनकी मृत्यु हो गई। अदालत ने NIA को उनका डेथ सर्टिफिकेट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
मुख्य मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी। 27 अगस्त को अदालत NIA चार्जशीट पर संज्ञान लेने के प्रश्न पर विचार करेगी। संरक्षित गवाह आवेदन पर 24 अगस्त को और जेल टेलीफोन सुविधा से जुड़े मामले पर 19 अगस्त को सुनवाई होगी।
मुजफ्फर अहमद के विरुद्ध क्या कार्यवाही हुई है?
आरोपी ए13 मुजफ्फर अहमद के विरुद्ध ओपन-एंडेड गैर-जमानती वारंट जारी करने का आवेदन पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है और इसकी अनुपालन रिपोर्ट भी अदालत में दाखिल हो चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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