एसआईआर विवाद: दिलीप जायसवाल का विपक्ष पर पलटवार — 'शॉर्टकट नहीं, जनता का विश्वास जीतें'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने 26 सितंबर 2026 को पटना में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर विपक्ष के हमलों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्ष जनता का विश्वास जीतने में विफल रहा है और अब वह शॉर्टकट के रास्ते पर चल रहा है।
ज्ञानेश कुमार याचिका पर जायसवाल का रुख
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका पर सवाल पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट एक संवैधानिक पीठ है और उस पर टिप्पणी उचित नहीं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने पहले ही सार्वजनिक डोमेन में स्पष्ट कर दिया है कि प्रत्येक निर्णय तीनों सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से लिया जाता है। उनके अनुसार, इसके बाद इन आरोपों का कोई आधार नहीं बचता।
विपक्ष पर सीधा हमला
जायसवाल ने विपक्ष की रणनीति की तुलना समुद्री तूफानों से करते हुए कहा कि जिस तरह एक तूफान के बाद दूसरा तूफान आता है, उसी तरह विपक्ष एक के बाद एक मुद्दे उठाता जा रहा है। उन्होंने कहा, 'विपक्ष आम जनता का विश्वास जीतने में असफल रहा है, इसलिए वह शॉर्टकट रास्ता अपना रहा है। इस देश की जनता इस पर विश्वास नहीं करती।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि एक चुनी हुई सरकार को रोकने का प्रयास करना संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है।
राजद सांसद मीसा भारती पर निशाना
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सांसद मीसा भारती के विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए जायसवाल ने कहा कि थाने के बाहर धरना देने से पहले उन्हें 10 दिन तक बाढ़ पीड़ितों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक गाँव में प्रवास नहीं होगा और गरीबों की सेवा नहीं होगी, तब तक विपक्ष को कानून और संविधान की बात करने का नैतिक अधिकार नहीं है।
कांग्रेस और सीजेपी का विरोध
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग को लेकर शुक्रवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने भी ज्ञानेश कुमार को इस्तीफे के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। सीजेपी ने दावा किया है कि यदि इस्तीफा नहीं हुआ तो 2 अक्टूबर 2026 से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। यह विवाद ऐसे समय में गहरा रहा है जब एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच तनाव पहले से चल रहा है।
आगे क्या होगा
सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका पर सुनवाई की तारीख अभी सामने नहीं आई है। सीजेपी की 2 अक्टूबर की समयसीमा करीब आने के साथ विपक्षी दलों की एकजुटता और उनके आंदोलन की दिशा तय होगी। बिहार सरकार का रुख फिलहाल दृढ़ है और मंत्री जायसवाल का यह बयान एसआईआर विवाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आक्रामक राजनीतिक लाइन को दर्शाता है।