26 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एसआईआर विवाद: दिलीप जायसवाल का विपक्ष पर पलटवार — 'शॉर्टकट नहीं, जनता का विश्वास जीतें'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एसआईआर विवाद: दिलीप जायसवाल का विपक्ष पर पलटवार — 'शॉर्टकट नहीं, जनता का विश्वास जीतें'

सारांश

बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल ने एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया — कहा, शॉर्टकट नहीं, जनता का विश्वास जीतें। कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी विरोध और सीजेपी के 2 अक्टूबर के अल्टीमेटम के बीच सियासी तापमान चढ़ा।

मुख्य बातें

बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल ने 26 सितंबर 2026 को पटना में एसआईआर विवाद पर विपक्ष को सीधा जवाब दिया।
जायसवाल ने कहा कि चुनाव आयोग स्पष्ट कर चुका है — सभी फैसले तीनों सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से होते हैं।
राजद सांसद मीसा भारती पर निशाना साधते हुए कहा — पहले 10 दिन बाढ़ पीड़ितों के बीच रहें, फिर संविधान की बात करें।
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग पर शुक्रवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया।
सीजेपी ने ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया; इस्तीफा न मिलने पर 2 अक्टूबर से आंदोलन की घोषणा।

बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने 26 सितंबर 2026 को पटना में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर विपक्ष के हमलों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्ष जनता का विश्वास जीतने में विफल रहा है और अब वह शॉर्टकट के रास्ते पर चल रहा है।

ज्ञानेश कुमार याचिका पर जायसवाल का रुख

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका पर सवाल पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट एक संवैधानिक पीठ है और उस पर टिप्पणी उचित नहीं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने पहले ही सार्वजनिक डोमेन में स्पष्ट कर दिया है कि प्रत्येक निर्णय तीनों सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से लिया जाता है। उनके अनुसार, इसके बाद इन आरोपों का कोई आधार नहीं बचता।

विपक्ष पर सीधा हमला

जायसवाल ने विपक्ष की रणनीति की तुलना समुद्री तूफानों से करते हुए कहा कि जिस तरह एक तूफान के बाद दूसरा तूफान आता है, उसी तरह विपक्ष एक के बाद एक मुद्दे उठाता जा रहा है। उन्होंने कहा, 'विपक्ष आम जनता का विश्वास जीतने में असफल रहा है, इसलिए वह शॉर्टकट रास्ता अपना रहा है। इस देश की जनता इस पर विश्वास नहीं करती।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि एक चुनी हुई सरकार को रोकने का प्रयास करना संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है।

राजद सांसद मीसा भारती पर निशाना

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सांसद मीसा भारती के विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए जायसवाल ने कहा कि थाने के बाहर धरना देने से पहले उन्हें 10 दिन तक बाढ़ पीड़ितों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक गाँव में प्रवास नहीं होगा और गरीबों की सेवा नहीं होगी, तब तक विपक्ष को कानून और संविधान की बात करने का नैतिक अधिकार नहीं है।

कांग्रेस और सीजेपी का विरोध

कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग को लेकर शुक्रवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने भी ज्ञानेश कुमार को इस्तीफे के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। सीजेपी ने दावा किया है कि यदि इस्तीफा नहीं हुआ तो 2 अक्टूबर 2026 से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। यह विवाद ऐसे समय में गहरा रहा है जब एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच तनाव पहले से चल रहा है।

आगे क्या होगा

सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका पर सुनवाई की तारीख अभी सामने नहीं आई है। सीजेपी की 2 अक्टूबर की समयसीमा करीब आने के साथ विपक्षी दलों की एकजुटता और उनके आंदोलन की दिशा तय होगी। बिहार सरकार का रुख फिलहाल दृढ़ है और मंत्री जायसवाल का यह बयान एसआईआर विवाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आक्रामक राजनीतिक लाइन को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता का है — जिसका जवाब इस बयान में नहीं मिलता। मीसा भारती को बाढ़ पीड़ितों के पास भेजने की नसीहत राजनीतिक रूप से चतुर है, पर यह चुनाव आयोग की विश्वसनीयता के केंद्रीय प्रश्न से ध्यान हटाती है। सीजेपी का 2 अक्टूबर का अल्टीमेटम आने वाले दिनों में इस विवाद को और तेज कर सकता है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर विवाद क्या है और विपक्ष क्यों विरोध कर रहा है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मतदाता सूची की समीक्षा प्रक्रिया है, जिसे लेकर विपक्षी दलों ने पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस और अन्य दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की माँग की है।
दिलीप जायसवाल ने विपक्ष को क्या जवाब दिया?
बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि हर फैसला तीनों सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से होता है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह जनता का विश्वास खो चुका है और इसीलिए शॉर्टकट की राह अपना रहा है।
सीजेपी का 2 अक्टूबर का अल्टीमेटम क्या है?
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे में इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया है। पार्टी का कहना है कि इस्तीफा न मिलने पर 2 अक्टूबर 2026 से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
राजद सांसद मीसा भारती पर जायसवाल ने क्या कहा?
जायसवाल ने मीसा भारती को नसीहत दी कि थाने के बाहर धरना देने से पहले उन्हें 10 दिन बाढ़ पीड़ितों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना होगा। उनके अनुसार जब तक गाँव में प्रवास और गरीबों की सेवा नहीं होगी, तब तक संविधान की बात करने का नैतिक अधिकार नहीं है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में क्या याचिका दायर है?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है, हालांकि इस पर सुनवाई की तारीख अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। जायसवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट संवैधानिक पीठ है, इसलिए उस पर सार्वजनिक टिप्पणी उचित नहीं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 19 घंटे पहले
  4. कल
  5. कल
  6. 3 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले